अयोध्या: खुल गए मंदिरों के कपाट, सैनेटाइजेशन जारी; DM-SP ने संभाला मोर्चा
अयोध्या. वैष्णव नगरी अयोध्या में लगभग 75 दिन बाद भक्तों के लिए उनके आराध्य के कपाटखुल गए. वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लगभग 25 मार्च से अयोध्या के सभी धार्मिक स्थल हनुमानगढ़ी , श्री राम जन्मभूमि , कनक भवन शहीद अयोध्या के सभी मंदिर के कपाट अपने भक्तों के लिए बंद कर दिए गए थे और सभी मठ मंदिरों के महंत अपने अनुयायियों से यह अपील किया था कि आप लोग अपने घर में बैठ कर के अपने आराध्य का पूजन पाठ करो जबकि इसी समय अयोध्या का सबसे बड़ा धार्मिक उत्सव भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव पड़ता है लेकिन कोरोना के कारण इस बार वह भी हर्षोल्लास के साथ नहीं बल्कि सादगी के साथ मनाया गया.
अयोध्या के सभी धार्मिक स्थलों में केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के द्वारा जारी गाइड लाइन्स का पालन सभी मंदिरों के प्रभारी एवं स्थानीय प्रशासन करा रहा है. श्रद्धालु भी पूरी श्रद्धा के साथ पूर्ण गाइड लाइनों का पालन कर रहे हैं. दर्जनों गाइडलाइन के बाद भी अपने आराध्य भगवान श्री राम और हनुमान जी के दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में भक्त विभिन्न मंदिरों में पहुंचे और सभी गाइडलाइन्स के साथ दर्शन पूजन किया.

कोरोना महामारी के कारण लगभग ढाई महीने के बाद देश के सभी धर्म स्थल खोल दिए गए, जिसके बाद अयोध्या पहुचे भक्तों ने दर्शन पूजा किया. मंदिर प्रशासन नें श्रद्धालुओं के लिए गाइडलाईन तय की है, जिसमें सामाजिक दूरी, मास्क और सेनिटाइजर का प्रयोग करना अनिवार्य किया गया है, साथ ही मंदिर के बाहर ही श्रधालुओं के सेनिटाइजेशन की भी वयवस्था की गई है. मंदिर में एक साथ केवल साथ पांच श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जा रहा है. दर्शन के दौरान भक्तों और पुजारियों के चेहरे पर मास्क अनिवार्य किया गया है. कोरोना महामारी के दौरान मंदिरों में मिठाई व फल के प्रसाद नहीं चढ़ाए जा रहे है और ना ही किसी भक्तों को भगवान का प्रसाद मिल रहा है.
कोरोनावायरस के चलते हनुमानगढ़ी , कनक भवन , राम पैड़ी पर स्थित नागेश्वरनाथ , श्री राम जन्मभूमि , बड़ा स्थान दशरथ महल , जानकी घाट बड़ा स्थान , मणिराम दास की छावनी , राम वल्लभा कुंज वेदांती मंदिर , जानकी महल ट्रस्ट सहित अयोध्या के लगभग सभी मंदिरों पूरे परिसर को सैनिटाइज कर दिया गया है और श्रद्धालुओं को यह बताया जा रहा है की मास्क पहनकर आएं, प्रसाद नहीं चढ़ाया जाएगा बूढ़े और बच्चे मंदिर में दर्शन नहीं कर पाएंगे.

75 दिन बाद मंदिरों का कपाट खुलने के कारण डीएम और एसएसपी सहित जिले के आला अधिकारी अयोध्या के सभी मंदिरों और धार्मिक स्थलों का स्वयं निरीक्षण कर रहे हैं जिससे कहीं कोई भूल चूक ना रह जाए और कोरोना जैसी भयानक महामारी अयोध्या को अपने चपेट में ना ले ले.
यह भी पढ़ें: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कैंप कार्यालय का शुभारंभ
अयोध्या: खुल गए मंदिरों के कपाट, सैनेटाइजेशन जारी; DM-SP ने संभाला मोर्चा
अयोध्या. वैष्णव नगरी अयोध्या में लगभग 75 दिन बाद भक्तों के लिए उनके आराध्य के कपाटखुल गए. वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लगभग 25 मार्च से अयोध्या के सभी धार्मिक स्थल हनुमानगढ़ी , श्री राम जन्मभूमि , कनक भवन शहीद अयोध्या के सभी मंदिर के कपाट अपने भक्तों के लिए बंद कर दिए गए थे और सभी मठ मंदिरों के महंत अपने अनुयायियों से यह अपील किया था कि आप लोग अपने घर में बैठ कर के अपने आराध्य का पूजन पाठ करो जबकि इसी समय अयोध्या का सबसे बड़ा धार्मिक उत्सव भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव पड़ता है लेकिन कोरोना के कारण इस बार वह भी हर्षोल्लास के साथ नहीं बल्कि सादगी के साथ मनाया गया.
अयोध्या के सभी धार्मिक स्थलों में केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के द्वारा जारी गाइड लाइन्स का पालन सभी मंदिरों के प्रभारी एवं स्थानीय प्रशासन करा रहा है. श्रद्धालु भी पूरी श्रद्धा के साथ पूर्ण गाइड लाइनों का पालन कर रहे हैं. दर्जनों गाइडलाइन के बाद भी अपने आराध्य भगवान श्री राम और हनुमान जी के दर्शन के लिए सैकड़ों की संख्या में भक्त विभिन्न मंदिरों में पहुंचे और सभी गाइडलाइन्स के साथ दर्शन पूजन किया.

कोरोना महामारी के कारण लगभग ढाई महीने के बाद देश के सभी धर्म स्थल खोल दिए गए, जिसके बाद अयोध्या पहुचे भक्तों ने दर्शन पूजा किया. मंदिर प्रशासन नें श्रद्धालुओं के लिए गाइडलाईन तय की है, जिसमें सामाजिक दूरी, मास्क और सेनिटाइजर का प्रयोग करना अनिवार्य किया गया है, साथ ही मंदिर के बाहर ही श्रधालुओं के सेनिटाइजेशन की भी वयवस्था की गई है. मंदिर में एक साथ केवल साथ पांच श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जा रहा है. दर्शन के दौरान भक्तों और पुजारियों के चेहरे पर मास्क अनिवार्य किया गया है. कोरोना महामारी के दौरान मंदिरों में मिठाई व फल के प्रसाद नहीं चढ़ाए जा रहे है और ना ही किसी भक्तों को भगवान का प्रसाद मिल रहा है.
कोरोनावायरस के चलते हनुमानगढ़ी , कनक भवन , राम पैड़ी पर स्थित नागेश्वरनाथ , श्री राम जन्मभूमि , बड़ा स्थान दशरथ महल , जानकी घाट बड़ा स्थान , मणिराम दास की छावनी , राम वल्लभा कुंज वेदांती मंदिर , जानकी महल ट्रस्ट सहित अयोध्या के लगभग सभी मंदिरों पूरे परिसर को सैनिटाइज कर दिया गया है और श्रद्धालुओं को यह बताया जा रहा है की मास्क पहनकर आएं, प्रसाद नहीं चढ़ाया जाएगा बूढ़े और बच्चे मंदिर में दर्शन नहीं कर पाएंगे.

75 दिन बाद मंदिरों का कपाट खुलने के कारण डीएम और एसएसपी सहित जिले के आला अधिकारी अयोध्या के सभी मंदिरों और धार्मिक स्थलों का स्वयं निरीक्षण कर रहे हैं जिससे कहीं कोई भूल चूक ना रह जाए और कोरोना जैसी भयानक महामारी अयोध्या को अपने चपेट में ना ले ले.
यह भी पढ़ें: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कैंप कार्यालय का शुभारंभ
ताजा खबरें
About The Author
भारतीय बस्ती, बस्ती और अयोध्या से प्रकाशित होने वाला प्रमुख समाचार पत्र है. इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग भारतीय बस्ती के संवाददाताओं द्वारा ज़मीनी स्तर पर की गई है