अयोध्या से इस रूट पर बन रहे तीन नए फ्लाइओवर, गाड़ियों को मिलेगी रफ्तार
हर दिन लखनऊ-अयोध्या हाईवे से लगभग 18,000 वाहन गुजरते हैं. इसमें कार, बस, ट्रक और अन्य भारी वाहनों की संख्या भी शामिल है. ट्रैफिक का भारी दबाव और लगातार बढ़ती दुर्घटनाएं प्रशासन के लिए चिंता का विषय रही हैं. खासकर कुछ ऐसे स्थान हैं जिन्हें 'ब्लैक स्पॉट' के तौर पर चिन्हित किया गया है, जहां लगातार हादसे होते रहते हैं. इन्हीं खतरनाक इलाकों को देखते हुए एनएचएआई ने अब सफेदाबाद, दादरा और दिलोना गांव के पास फ्लाईओवर निर्माण की योजना बनाई है. इन तीनों स्थानों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग हाईवे पार करते हैं, जिससे अकसर दुर्घटनाएं होती हैं. सफेदाबाद में तो हर समय राहगीरों की भीड़ रहती है और कई बार जानलेवा हादसे सामने आ चुके हैं. दादरा में भी लोगों का आना-जाना लगा रहता है. वहीं दिलोना मोड़ पर ग्रामीण खेतों की ओर जाने के लिए सड़क पार करते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है. एनएचएआई अधिकारियों का मानना है कि फ्लाईओवर बनने के बाद इन जगहों पर न सिर्फ यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, साथ ही राहगीरों और वाहन चालकों की जान भी सुरक्षित रहेगी. साथ ही, यातायात जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी, जिससे आवागमन तेज और सुगम हो जाएगा. गौरतलब है कि अयोध्या हाईवे पर पहले से ही 9 फ्लाईओवर बने हुए हैं. अब 3 और जुड़ने के बाद यह संख्या बढ़कर 12 हो जाएगी. प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो यह परियोजना अयोध्या और लखनऊ के बीच के आवागमन को नई दिशा देगी, जिससे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी. सालों से इन ब्लैक स्पॉट्स पर हादसों की खबरें आती रही हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।