जन भावनाओं द्वारा पूजित शिलाओं से ही बनेगा राम मंदिर -वासुदेवानंद सरस्वती
अयोध्या. श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shriram Janma Bhoomi Teerth Kshetra Trust) के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के 82वें जन्मोत्सव के एक दिन पूर्व उनको बधाई देने अयोध्या पहुंचे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य जगतगुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने मणिराम दास छावनी में प्रेस से मुखातिब होते हुए कहारामलला छोटे है इसलिए उनका मंदिर छोटा ही बनना चाहिए. मंदिर का शिखर ऊंचा हो जाने से उसके भव्यता का आंकलन नहीं करना चाहिए. लाखों हिंदुओं के भावनाओं से पूजित शिलाओं से मांडल तैयार किया गया है. इसलिए भगवान रामलला का भव्य मंदिर उन्हीं पूजित शिलाओं से बनेगा. श्री सरस्वती ने कहा की प्रस्तावित मॉडल हिंदू जनमानस के मन में बसा हुआ है और उन्हीं जन भावनाओं के आधार पर भगवान श्रीराम का मंदिर 2 वर्षों में बनकर तैयार हो जाएगा.मंदिर के शिखर की ऊंचाई और भव्यता पर छिड़ी बहस पर उन्होंने कहा कि मंदिर के ऊंचाई से भव्यता का आकलन नहीं करना चाहिए. वहां रामलला मंदिर के साथ संत निवास रामकथा मंडपम रामायण पर अनुसंधान और पुरानी धरोहरों को सजान का कार्य भी किया जाएगा.
मंदिर की ऊंचाई बढ़ाने को लेकर छिड़ी बहस के सवाल पर कहा कि रामलला छोटे ही हैं इसलिए उनका मंदिर भी छोटा बनेगा. लेकिन राम मंदिर परिसर को अति भव्यतम रूप प्रदान किया जाएगा. राम मंदिर स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना होगा .राम मंदिर की ऊंचाई को लेकर प्रश्न खाना खड़ा करने वालों पर कहा कि लोगों को अपनी महत्वाकांक्षा पर नियंत्रण रखना चाहिए. 500 वर्षों का संघर्ष राम मंदिर के लिए किया गया है. वर्तमान पीढ़ी जल्दी राम मंदिर निर्माण चाहती है. बेहतर होगा कि भाजपा की सरकार रहते ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो जाए. वासुदेवानंद सरस्वती शाम के सत्र में राम जन्मभूमि में राम लला की आरती और दर्शन पूजन कर. राम मंदिर के निर्माण कार्यों की समीक्षा भी करेंगे.
वासुदेवानंद सरस्वती के शिष्य व अखिल भारतीय संत समिति के मंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा की रामलला का मंदिर निर्माण शीघ्र हो जाना चाहिए नहीं तो देश में कुछ लोग इस में अड़चन डालने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि अभी मंदिर का समतलीकरण ही चल रहा था कि देश के विपक्षी नेता यह कह कर मंदिर निर्माण कार्य में अड़चन डालने का प्रयास कर रहे थे कि अभी देश में कोरोना चल रहा है मंदिर निर्माण कार्य को रोक दिया जाए जो भी लोग इसके भव्यता की बात कर रहे हैं वह कहीं ना कहीं मंदिर निर्माण कार्य में अड़चन डालना चाहते है और इन्हीं लोगों के बयानों के कारण पाकिस्तान के विदेश मंत्री भी राम मंदिर निर्माण और भारत में मुस्लिमों की उपेक्षा की बात कर रहे हैं ऐसे में भगवान राम का भव्य मंदिर इसी मॉडल पर शीघ्र अतिशीघ्र बनके तैयार होना चाहिए. इस अवसर पर मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास उपस्थित रहे.
यह भी पढ़ें: 69,000 शिक्षकों की भर्ती पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लगाई रोक
जन भावनाओं द्वारा पूजित शिलाओं से ही बनेगा राम मंदिर -वासुदेवानंद सरस्वती
अयोध्या. श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shriram Janma Bhoomi Teerth Kshetra Trust) के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के 82वें जन्मोत्सव के एक दिन पूर्व उनको बधाई देने अयोध्या पहुंचे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य जगतगुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने मणिराम दास छावनी में प्रेस से मुखातिब होते हुए कहारामलला छोटे है इसलिए उनका मंदिर छोटा ही बनना चाहिए. मंदिर का शिखर ऊंचा हो जाने से उसके भव्यता का आंकलन नहीं करना चाहिए. लाखों हिंदुओं के भावनाओं से पूजित शिलाओं से मांडल तैयार किया गया है. इसलिए भगवान रामलला का भव्य मंदिर उन्हीं पूजित शिलाओं से बनेगा. श्री सरस्वती ने कहा की प्रस्तावित मॉडल हिंदू जनमानस के मन में बसा हुआ है और उन्हीं जन भावनाओं के आधार पर भगवान श्रीराम का मंदिर 2 वर्षों में बनकर तैयार हो जाएगा.मंदिर के शिखर की ऊंचाई और भव्यता पर छिड़ी बहस पर उन्होंने कहा कि मंदिर के ऊंचाई से भव्यता का आकलन नहीं करना चाहिए. वहां रामलला मंदिर के साथ संत निवास रामकथा मंडपम रामायण पर अनुसंधान और पुरानी धरोहरों को सजान का कार्य भी किया जाएगा.
मंदिर की ऊंचाई बढ़ाने को लेकर छिड़ी बहस के सवाल पर कहा कि रामलला छोटे ही हैं इसलिए उनका मंदिर भी छोटा बनेगा. लेकिन राम मंदिर परिसर को अति भव्यतम रूप प्रदान किया जाएगा. राम मंदिर स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना होगा .राम मंदिर की ऊंचाई को लेकर प्रश्न खाना खड़ा करने वालों पर कहा कि लोगों को अपनी महत्वाकांक्षा पर नियंत्रण रखना चाहिए. 500 वर्षों का संघर्ष राम मंदिर के लिए किया गया है. वर्तमान पीढ़ी जल्दी राम मंदिर निर्माण चाहती है. बेहतर होगा कि भाजपा की सरकार रहते ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो जाए. वासुदेवानंद सरस्वती शाम के सत्र में राम जन्मभूमि में राम लला की आरती और दर्शन पूजन कर. राम मंदिर के निर्माण कार्यों की समीक्षा भी करेंगे.
वासुदेवानंद सरस्वती के शिष्य व अखिल भारतीय संत समिति के मंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा की रामलला का मंदिर निर्माण शीघ्र हो जाना चाहिए नहीं तो देश में कुछ लोग इस में अड़चन डालने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि अभी मंदिर का समतलीकरण ही चल रहा था कि देश के विपक्षी नेता यह कह कर मंदिर निर्माण कार्य में अड़चन डालने का प्रयास कर रहे थे कि अभी देश में कोरोना चल रहा है मंदिर निर्माण कार्य को रोक दिया जाए जो भी लोग इसके भव्यता की बात कर रहे हैं वह कहीं ना कहीं मंदिर निर्माण कार्य में अड़चन डालना चाहते है और इन्हीं लोगों के बयानों के कारण पाकिस्तान के विदेश मंत्री भी राम मंदिर निर्माण और भारत में मुस्लिमों की उपेक्षा की बात कर रहे हैं ऐसे में भगवान राम का भव्य मंदिर इसी मॉडल पर शीघ्र अतिशीघ्र बनके तैयार होना चाहिए. इस अवसर पर मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास उपस्थित रहे.
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