जन भावनाओं द्वारा पूजित शिलाओं से ही बनेगा राम मंदिर -वासुदेवानंद सरस्वती
मंदिर की ऊंचाई बढ़ाने को लेकर छिड़ी बहस के सवाल पर कहा कि रामलला छोटे ही हैं इसलिए उनका मंदिर भी छोटा बनेगा. लेकिन राम मंदिर परिसर को अति भव्यतम रूप प्रदान किया जाएगा. राम मंदिर स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना होगा .राम मंदिर की ऊंचाई को लेकर प्रश्न खाना खड़ा करने वालों पर कहा कि लोगों को अपनी महत्वाकांक्षा पर नियंत्रण रखना चाहिए. 500 वर्षों का संघर्ष राम मंदिर के लिए किया गया है. वर्तमान पीढ़ी जल्दी राम मंदिर निर्माण चाहती है. बेहतर होगा कि भाजपा की सरकार रहते ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो जाए. वासुदेवानंद सरस्वती शाम के सत्र में राम जन्मभूमि में राम लला की आरती और दर्शन पूजन कर. राम मंदिर के निर्माण कार्यों की समीक्षा भी करेंगे.
वासुदेवानंद सरस्वती के शिष्य व अखिल भारतीय संत समिति के मंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा की रामलला का मंदिर निर्माण शीघ्र हो जाना चाहिए नहीं तो देश में कुछ लोग इस में अड़चन डालने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि अभी मंदिर का समतलीकरण ही चल रहा था कि देश के विपक्षी नेता यह कह कर मंदिर निर्माण कार्य में अड़चन डालने का प्रयास कर रहे थे कि अभी देश में कोरोना चल रहा है मंदिर निर्माण कार्य को रोक दिया जाए जो भी लोग इसके भव्यता की बात कर रहे हैं वह कहीं ना कहीं मंदिर निर्माण कार्य में अड़चन डालना चाहते है और इन्हीं लोगों के बयानों के कारण पाकिस्तान के विदेश मंत्री भी राम मंदिर निर्माण और भारत में मुस्लिमों की उपेक्षा की बात कर रहे हैं ऐसे में भगवान राम का भव्य मंदिर इसी मॉडल पर शीघ्र अतिशीघ्र बनके तैयार होना चाहिए. इस अवसर पर मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास उपस्थित रहे.
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