लखनऊ-वाराणसी-अयोध्या का सफर होगा आसान, 38 गांवों से गुजरेगा प्रोजेक्ट

लखनऊ-वाराणसी-अयोध्या का सफर होगा आसान, 38 गांवों से गुजरेगा प्रोजेक्ट
लखनऊ-वाराणसी-अयोध्या का सफर होगा आसान, 38 गांवों से गुजरेगा प्रोजेक्ट

उत्तर प्रदेश: नया साल जिले के लिए विकास की नई सौगात लेकर आया है. लंबे समय से प्रस्तावित रिंग रोड परियोजना अब जमीन पर उतरने लगी है. सिरकोनी क्षेत्र में स्थित हौज टोल प्लाजा से शुरू होकर बंदीपुर की ओर जाने वाले इस रिंग रोड के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. भूमि अधिग्रहण के पहले चरण में किसानों को मुआवजा भी देना शुरू कर दिया गया है.

किसानों को मिला पहला भुगतान

परियोजना को गति देने के लिए प्रशासन ने 9 गांवों के 90 किसानों को लगभग 20 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित कर दिया है. इससे प्रभावित परिवारों में संतोष देखने को मिल रहा है. अधिकारियों का कहना है कि आगे भी चरणबद्ध तरीके से सभी किसानों को तय राशि का भुगतान किया जाएगा.

हजारों करोड़ की लागत से बनेगी आधुनिक सड़क

इस रिंग रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग 135-ए के अंतर्गत विकसित किया जाएगा. पूरी परियोजना पर करीब 1894 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. प्रस्तावित सड़क की कुल लंबाई 28.28 किलोमीटर होगी. यह मार्ग शहर के बाहरी हिस्से से होकर गुजरेगा, जिससे अंदरूनी इलाकों में यातायात का दबाव कम होगा.

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लंबी दूरी का सफर होगा आसान

रिंग रोड के निर्मित हो जाने के बाद लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, मीरजापुर (विंध्याचल धाम) और प्रयागराज जाने वाले वाहन शहर में प्रवेश किए बिना आगे बढ़ सकेंगे. इससे जाम की समस्या से राहत मिलेगी और यात्रियों का समय भी बचेगा.

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सड़क के साथ बनेंगी कई बड़ी संरचनाएं

इस परियोजना को पूरी तरह आधुनिक मानकों के अनुसार तैयार किया जाएगा. रिंग रोड पर सई नदी के ऊपर दो पुल बनाए जाएंगे, जिनकी लंबाई लगभग 10-10 मीटर होगी. इसके अलावा रेलवे लाइन को पार करने के लिए तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण किया जाएगा. प्रमुख स्थानों पर 2 फ्लाईओवर भी बनाए जाएंगे जिससे यातायात निरंतर रहे.

ग्रामीणों के लिए 29 अंडरपास

ग्रामीण इलाकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भारी और हल्के वाहनों के लिए कुल 29 अंडरपास बनाए जाएंगे. इससे गांवों का आपसी संपर्क बना रहेगा और किसानों को खेतों तक जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी.

इन गांवों के किसानों को मिला मुआवजा

प्रशासन के अनुसार पहले चरण में जिन गांवों के किसानों को भुगतान किया गया है, उनमें तस्संड के 14, कबूलपुर के 1, कबीरुद्दीनपुर के 26, जंगीपुर खुर्द के 15, तियरी के 10, धर्मसारी के 3, बालेमऊ के 4, कायरमऊ के 2 और चादीगहना के 15 किसान शामिल हैं.

विकास और रोजगार की उम्मीद

इस रिंग रोड के निर्माण से जिले के दूरदराज क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे. सड़क बनने के बाद व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है. इससे जमीन के दाम बढ़ने की भी उम्मीद जताई जा रही है.

यह रिंग रोड कुल 38 गांवों से होकर गुजरेगा. इसके लिए करीब 3566 किसानों की भूमि अधिग्रहित की जा रही है. प्रशासन के अनुसार इस परियोजना में किसानों को कुल 385 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. जनवरी महीने से निर्माण कार्य शुरू कराने की पूरी तैयारी कर ली गई है.

जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने बताया कि रिंग रोड जिले की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक है. इसके पूरा होने से यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा और जाम से स्थायी राहत मिलेगी.

वहीं, मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ट ने इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जा रही है. परियोजना पूरी होने के बाद जिले में बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।