यूपी के इस जिले में 816 करोड़ रुपए से बनेगा फोरलेन बाईपास

यूपी के इस जिले में 816 करोड़ रुपए से बनेगा फोरलेन बाईपास
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मुख्यमंत्री की ये घोषणाएं करनैलगंज क्षेत्र के विकास में एक नई उम्मीद जगाती हैं, इन योजनाओं से न केवल स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा। 

विकास कार्यों की नई शुरुआत-सीएम

यूपी के मुख्यमंत्री ने दौरे के दौरान क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस दौरान उन्होंने खेल, सड़क, कृषि, उद्योग, शिक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए व्यापक योजनाओं का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्निर्मित करने की जरूरत पर जोर दिया, उन्होंने कहा कि यहां उच्च कोटि का सड़क बनाया जाएगा, जिससे राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का विकास उभर कर सामने आये।  करनैलगंज में बाईपास बनाने की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। फोरलेन बाईपास के निर्माण पर 816.37 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा है। मंत्रालय से स्वीकृति मिलते ही फोरलेन बाईपास मार्ग का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। इससे देवीपाटन मंडल के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने सड़क का भी निरीक्षण किया, उन्होंने इसे काफी संकीर्ण बताते हुए इसके चौड़ीकरण का निर्देश दिया ताकि मरीजों और आम लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सके। साथ ही शहर में यातायात सुधार के लिए एक नया बाईपास बनाने की योजना का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री की ये घोषणाएं क्षेत्र के विकास में एक नई उम्मीद जगाती हैं, इन योजनाओं से न केवल स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा। गोंडा-लखनऊ फोरलेन हाईवे पर सरयू नदी पर पुल बना हुआ है। यह पुल जर्जर अवस्था में है। हजारों वाहन प्रतिदिन इस पुल से लखनऊ और गोंडा की तरफ आते-जाते हैं। पुल 1962 में बनाया गया था। जो अब जर्जर हो गया है। कटरा शहबजापुर रेलवे क्रॉसिंग और जहांगिरवा रेलवे क्रॉसिंग पर भी लोग हमेशा जाम से जूझते हैं। इन सभी समस्याओं से निजात मिलने की उम्मीद जग गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से बाईपास बनाने को लेकर सर्वे के बाद अब डीपीआर भी तैयार किया गया है। पिछले दस वर्षों में मोदी सरकार ने विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक कल्याण कार्यक्रम लागू किया है, जिसका उद्देश्य लोगों के जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने और देश की उत्पादक क्षमता में सुधार लाना है। सरकार का दृष्टिकोण उसकी ष्परिपूर्णता की राजनीति, में निहित है, जिसमें बुनियादी ढांचा, खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सामर्थ्य, हरित अर्थव्यवस्था, डिजिटल कनेक्टिविटी और वित्तीय समावेशन पर जोर है। योजना बनाना एक बात है और उसे धरातल पर उतारना दूसरी बात। मोदी सरकार इन दोनों ही मोर्चों पर खरी उतरी है। परिणामस्वरूप पिछले दस वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी के दायरे से बाहर निकले हैं। मोदी की गारंटी आम नागरिकों की उम्मीदों और आकांक्षाओं के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

राष्ट्र प्रथम हमारे लिए सर्वोच्च मंत्र

विभागीय अफसर की मानें तो फोरलेन बाईपास की कुल लंबाई 14.10 किलोमीटर होगी। इसके निर्माण आठ अरब 16 करोड़ 37 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। डीपीआर को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही बाईपास निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इस सफलता में हमारे समाज के चार स्तंभों गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं का सशक्तीकरण महत्वपूर्ण रहा है। एक समय गरीबी के चलते पहचाना जाने वाला भारत अब समृद्धि की राह पर है। गरीबों की भलाई के लिए कोविड महामारी के समय मोदी सरकार ने 80 करोड़ भारतीयों को मुफ्त राशन देने की जो पहल की थी वह अगले पांच वर्षों तक जारी रहेगी। शहरी क्षेत्रों में पीएम स्वनिधि योजना ने उन स्ट्रीट वेंडरों को राहत प्रदान कीए जिनके सामने एकाएक रोजगार की चुनौतियां आ गई थीं। इस योजना में अब तक 63 लाख से अधिक लाभार्थियों को 11.300 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान किया है। साथ ही इसने शहरी गरीबों को डिजिटल रूप से साक्षर होने में भी सक्षम बनाया है। देश में 390 नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। सात नए आइआइएम और आइआइटी की स्थापना की गई है। एम्स की संख्या में तिगुनी वृद्धि हुई है। 51 करोड़ से अधिक जनधन खाते खोले गए हैं। जनधन, आधार और मोबाइल यानी जैम के जरिये 33.43 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई है। जीएसटीए आइबीसी, परिसंपत्ति मौद्रीकरण, श्रम कानून सुधार, स्टार्टअप इंडिया और पीएलआइ जैसी आर्थिक नीतियां अर्थव्यवस्था का कायाकल्प करने वाली सिद्ध हुई हैं। प्रति व्यक्ति आय भी छह गुना बढ़कर 15.000 डालर तक पहुंचने की संभावना है। वैश्विक निवेशक भी इस आशावाद को साझा करते हैंए जिसके परिणामस्वरूप भारत को रिकार्डतोड़ एफडीआइ प्राप्त हो रहा है। घरेलू शासन के साथ.साथ वैश्विक शासन के मामलों पर भी प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक कौशल और दूरदर्शिता को सार्वभौमिक प्रशंसा मिली है। मोदी सरकार की उपलब्धियां यही सिद्ध करती हैं कि सामाजिक न्याय को चरितार्थ करने वाली सर्वसमावेशी नीति ही विकसित भारत के सपने को साकार करने में सक्षम है। हमें विकास के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए देशहित में सक्रिय रहना होगा। राष्ट्र प्रथम हमारे लिए सर्वोच्च मंत्र है।

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
20 Feb 2025 By Shambhunath Gupta

यूपी के इस जिले में 816 करोड़ रुपए से बनेगा फोरलेन बाईपास

मुख्यमंत्री की ये घोषणाएं करनैलगंज क्षेत्र के विकास में एक नई उम्मीद जगाती हैं, इन योजनाओं से न केवल स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा। 

विकास कार्यों की नई शुरुआत-सीएम

यूपी के मुख्यमंत्री ने दौरे के दौरान क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस दौरान उन्होंने खेल, सड़क, कृषि, उद्योग, शिक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार के लिए व्यापक योजनाओं का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्निर्मित करने की जरूरत पर जोर दिया, उन्होंने कहा कि यहां उच्च कोटि का सड़क बनाया जाएगा, जिससे राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का विकास उभर कर सामने आये।  करनैलगंज में बाईपास बनाने की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। फोरलेन बाईपास के निर्माण पर 816.37 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा है। मंत्रालय से स्वीकृति मिलते ही फोरलेन बाईपास मार्ग का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। इससे देवीपाटन मंडल के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने सड़क का भी निरीक्षण किया, उन्होंने इसे काफी संकीर्ण बताते हुए इसके चौड़ीकरण का निर्देश दिया ताकि मरीजों और आम लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सके। साथ ही शहर में यातायात सुधार के लिए एक नया बाईपास बनाने की योजना का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री की ये घोषणाएं क्षेत्र के विकास में एक नई उम्मीद जगाती हैं, इन योजनाओं से न केवल स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा। गोंडा-लखनऊ फोरलेन हाईवे पर सरयू नदी पर पुल बना हुआ है। यह पुल जर्जर अवस्था में है। हजारों वाहन प्रतिदिन इस पुल से लखनऊ और गोंडा की तरफ आते-जाते हैं। पुल 1962 में बनाया गया था। जो अब जर्जर हो गया है। कटरा शहबजापुर रेलवे क्रॉसिंग और जहांगिरवा रेलवे क्रॉसिंग पर भी लोग हमेशा जाम से जूझते हैं। इन सभी समस्याओं से निजात मिलने की उम्मीद जग गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से बाईपास बनाने को लेकर सर्वे के बाद अब डीपीआर भी तैयार किया गया है। पिछले दस वर्षों में मोदी सरकार ने विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक कल्याण कार्यक्रम लागू किया है, जिसका उद्देश्य लोगों के जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने और देश की उत्पादक क्षमता में सुधार लाना है। सरकार का दृष्टिकोण उसकी ष्परिपूर्णता की राजनीति, में निहित है, जिसमें बुनियादी ढांचा, खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सामर्थ्य, हरित अर्थव्यवस्था, डिजिटल कनेक्टिविटी और वित्तीय समावेशन पर जोर है। योजना बनाना एक बात है और उसे धरातल पर उतारना दूसरी बात। मोदी सरकार इन दोनों ही मोर्चों पर खरी उतरी है। परिणामस्वरूप पिछले दस वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी के दायरे से बाहर निकले हैं। मोदी की गारंटी आम नागरिकों की उम्मीदों और आकांक्षाओं के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

राष्ट्र प्रथम हमारे लिए सर्वोच्च मंत्र

विभागीय अफसर की मानें तो फोरलेन बाईपास की कुल लंबाई 14.10 किलोमीटर होगी। इसके निर्माण आठ अरब 16 करोड़ 37 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। डीपीआर को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलते ही बाईपास निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इस सफलता में हमारे समाज के चार स्तंभों गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं का सशक्तीकरण महत्वपूर्ण रहा है। एक समय गरीबी के चलते पहचाना जाने वाला भारत अब समृद्धि की राह पर है। गरीबों की भलाई के लिए कोविड महामारी के समय मोदी सरकार ने 80 करोड़ भारतीयों को मुफ्त राशन देने की जो पहल की थी वह अगले पांच वर्षों तक जारी रहेगी। शहरी क्षेत्रों में पीएम स्वनिधि योजना ने उन स्ट्रीट वेंडरों को राहत प्रदान कीए जिनके सामने एकाएक रोजगार की चुनौतियां आ गई थीं। इस योजना में अब तक 63 लाख से अधिक लाभार्थियों को 11.300 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान किया है। साथ ही इसने शहरी गरीबों को डिजिटल रूप से साक्षर होने में भी सक्षम बनाया है। देश में 390 नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। सात नए आइआइएम और आइआइटी की स्थापना की गई है। एम्स की संख्या में तिगुनी वृद्धि हुई है। 51 करोड़ से अधिक जनधन खाते खोले गए हैं। जनधन, आधार और मोबाइल यानी जैम के जरिये 33.43 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई है। जीएसटीए आइबीसी, परिसंपत्ति मौद्रीकरण, श्रम कानून सुधार, स्टार्टअप इंडिया और पीएलआइ जैसी आर्थिक नीतियां अर्थव्यवस्था का कायाकल्प करने वाली सिद्ध हुई हैं। प्रति व्यक्ति आय भी छह गुना बढ़कर 15.000 डालर तक पहुंचने की संभावना है। वैश्विक निवेशक भी इस आशावाद को साझा करते हैंए जिसके परिणामस्वरूप भारत को रिकार्डतोड़ एफडीआइ प्राप्त हो रहा है। घरेलू शासन के साथ.साथ वैश्विक शासन के मामलों पर भी प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक कौशल और दूरदर्शिता को सार्वभौमिक प्रशंसा मिली है। मोदी सरकार की उपलब्धियां यही सिद्ध करती हैं कि सामाजिक न्याय को चरितार्थ करने वाली सर्वसमावेशी नीति ही विकसित भारत के सपने को साकार करने में सक्षम है। हमें विकास के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए देशहित में सक्रिय रहना होगा। राष्ट्र प्रथम हमारे लिए सर्वोच्च मंत्र है।

https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/a-four-lane-bypass-will-be-constructed-in-this-district-of-up-at-a-cost-of-rs-816-crore/article-17779
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शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।