UP में बनेगा 80 किमी लंबा छह लेन सुपर कॉरिडोर, 22 अंडरपास से बदलेगा ट्रैफिक सिस्टम

UP में बनेगा 80 किमी लंबा छह लेन सुपर कॉरिडोर, 22 अंडरपास से बदलेगा ट्रैफिक सिस्टम
UP में बनेगा 80 किमी लंबा छह लेन सुपर कॉरिडोर, 22 अंडरपास से बदलेगा ट्रैफिक सिस्टम

उत्तर प्रदेश: दिल्ली से उत्तराखंड को जोड़ने वाला एनएच-58 लंबे समय से भारी ट्रैफिक और अव्यवस्थित कटों की समस्या से जूझ रहा है. प्रति दिन बढ़ते वाहनों और गलत जगह बने कटों के कारण इस मार्ग पर जाम और सड़क हादसे आम हो गए हैं. अब इस स्थिति को सुधारने के लिए हाईवे को नए सिरे से विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है.

खतरनाक कट बन रहे हादसों की वजह

परतापुर से मुजफ्फरनगर के बीच हाईवे पर कई ऐसे स्थान हैं, जहां बिना योजना के बनाए गए कट ट्रैफिक के लिए बड़ी परेशानी बन चुके हैं. सर्वे के दौरान कुल 22 ऐसे संवेदनशील पॉइंट चिन्हित किए गए हैं, जहां अक्सर जाम लगता है और दुर्घटनाएं होती हैं. इन्हीं कटों को बंद कर ट्रैफिक को सुरक्षित और नियंत्रित करने की योजना बनाई गई है.

अंडरपास से मिलेगा जाम से राहत

नई योजना के अनुसार इन सभी अवैध और खतरनाक कटों को हटाकर 20 से 22 आधुनिक अंडरपास बनाए जाएंगे. अंडरपास बनने से वाहनों को सड़क पार करने में दिक्कत नहीं होगी और हाईवे पर ट्रैफिक बिना रुके चलता रहेगा. इससे विशेष रूप से स्थानीय लोगों और किसानों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है.

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भीड़भाड़ वाले इलाकों में एलिवेटेड रोड

हाईवे पर ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए 3 प्रमुख स्थानों पर एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव रखा गया है. सुभारती विश्वविद्यालय के सामने करीब 3.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनेगी. इसी तरह खड़ौली भोला रोड रजबहा क्षेत्र में 3.3 किलोमीटर और मंसूरपुर बाजार इलाके में लगभग 1.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा. इससे बाजार और संस्थानों के पास लगने वाला जाम काफी हद तक खत्म होगा.

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सर्विस रोड से अलग होगा स्थानीय ट्रैफिक

हाईवे के दोनों किनारों पर 7.5-7.5 मीटर चौड़ी सर्विस रोड विकसित करने की भी योजना है. इससे स्थानीय वाहनों को मुख्य हाईवे पर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी. दुकानों, कॉलोनियों, स्कूलों और फैक्ट्रियों तक पहुंच आसान होगी और भारी वाहनों की आवाजाही बिना रुकावट जारी रह सकेगी.

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पर्यटन और व्यापार को मिलेगा फायदा

यह हाईवे दिल्ली को हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून और मसूरी जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों से जोड़ता है. सड़क के सुरक्षित और चौड़े होने से यात्रा का समय कम होगा और सफर ज्यादा आरामदायक बनेगा. इसका सीधा लाभ पर्यटन उद्योग को मिलेगा. इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश में स्थित मेरठ, मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी.

सर्वे पूरा, डीपीआर की तैयारी

हाईवे विकास से जुड़ी कंसल्टेंसी कंपनी एफपी इंडिया ने पूरे मार्ग का सर्वे पूरा कर लिया है और अपनी रिपोर्ट एनएचएआई को सौंप दी है. अधिकारियों के अनुसार अगले 2 महीनों में डीपीआर यानी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी.

मंजूरी के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय से इस योजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है. डीपीआर तैयार होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा. परियोजना पूरी होने के बाद एनएच-58 न केवल ज्यादा सुरक्षित बनेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को भी नई मजबूती देगा.

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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।