बस्ती के 126 गांवों की बदलेगी तस्वीर, एडीए क्षेत्र में फिर बनेगी नई विकास महायोजना
Basti News
महायोजना में होगा संशोधन, फिर बनेगा नया रोडमैप
इन गांवों के लिए पहले महायोजना-2031 तैयार की गई थी, लेकिन तकनीकी आपत्तियों और सुझावों के चलते उसमें संशोधन की जरूरत पड़ी. अब इन आपत्तियों के निस्तारण के बाद नई महायोजना बनाने का फैसला लिया गया है. यह निर्णय अयोध्या विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में लिया गया, जिसमें अयोध्या, बस्ती और गोंडा जिलों के अधिकारी शामिल रहे.
रामनगरी के विस्तार से बदलेगा पूरे क्षेत्र का स्वरूप
अयोध्या के वैश्विक धार्मिक नगरी के रूप में उभरने के बाद इसका प्रभाव अवध क्षेत्र के गांवों तक पहुंच चुका है. सरयू नदी के उत्तरी छोर पर बसे बस्ती जिले के ये गांव भी अब उसी विकास यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं.
यह भी पढ़ें: UP के इस जिले में 14–15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित, स्कूल-कॉलेज और सरकारी दफ्तर रहेंगे बंदमखौड़ा धाम से जुड़ा है ऐतिहासिक महत्व
बस्ती जिले का मखौड़ा क्षेत्र धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है. मान्यता है कि त्रेता युग में राजा दशरथ ने पुत्रेष्टि यज्ञ के लिए इसी स्थान का चयन किया था. अब जब अयोध्या नव्य स्वरूप में आगे बढ़ रही है, तो मखौड़ा और उसके आसपास के गांव भी विकास की धारा में शामिल किए जा रहे हैं.
एडीए का दायरा हुआ कई गुना बड़ा
अयोध्या विकास प्राधिकरण का क्षेत्रफल अब 133 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 873 वर्ग किलोमीटर हो गया है. इस विस्तार में
- अयोध्या जिले की नगर पंचायत भदरसा और 154 राजस्व गांव
- गोंडा जिले की नवाबगंज नगर पालिका परिषद और 63 सीमावर्ती गांव
- बस्ती जिले के 126 सीमावर्ती राजस्व गांव
शामिल किए गए हैं. इसके साथ ही एडीए का दायरा अब बस्ती और गोंडा की सीमा तक पहुंच गया है.
इन सुविधाओं पर रहेगा खास फोकस
नई महायोजना के अंतर्गत इन गांवों में सुनियोजित विकास किया जाएगा. प्रस्तावित कार्यों में शामिल हैं:-
- चौड़ी और मजबूत सड़कें
- नाली और सीवर लाइन
- बिजली और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था
- पार्क और सार्वजनिक स्थल
- बुनियादी शहरी सुविधाएं
इन सुविधाओं के आने से गांवों का स्वरूप धीरे-धीरे शहरी इलाकों जैसा बनने की उम्मीद है.
किसानों और जमीन मालिकों में बढ़ी जागरूकता
विकास की संभावनाओं को देखते हुए क्षेत्र के काश्तकार और जमीन मालिक भी अब सतर्क हो गए हैं. शहरों की तर्ज पर यहां भी जमीन की कीमत और उपयोग को लेकर सोच बदली है. लोग अपनी जमीन को सहेजकर रखने लगे हैं और भविष्य की योजनाओं पर नजर बनाए हुए हैं.
महायोजना-2031 पर आई आपत्तियों के निस्तारण के बाद एडीए बोर्ड बैठक में नई संशोधित महायोजना बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है. इसके तैयार होते ही बस्ती जनपद के इन 126 गांवों के लिए विकास का नया खाका जमीन पर उतरने लगेगा. यह जानकारी बस्ती विकास प्राधिकरण के एक्सईएन हरिओम गुप्ता द्वारा दी गई है.
बस्ती जिले के ये गांव होंगे शामिल
परसरामपुर और विक्रमजोत ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले कुल 126 गांव इस योजना में शामिल हैं. इनमें हैदराबाद, जगन्नाथपुर, जोगापुर, शेरपुर, रिधौरा, शिवपुर, मिर्जापुर, सीतारामपुर, कल्यानपुर, त्रिलोकपुर, कन्हईपुर, भरथापुर, रायपुर, सलेमपुर, काजीपुर, नरसिंहपुर, अर्जुनपुर, लक्ष्मणपुर, हनुमानपुर सहित दर्जनों गांव शामिल हैं.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।