यूपी कैबिनेट की बैठक में पास हुए 16 बड़े प्रस्ताव, पूरी लिस्ट देखे यहाँ
यूपी में राज्य सरकार ने दिन मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक की है जिसमें सरकारी विभागों में सीधे आउटसोर्स से कर्मचारियों की भर्ती का फैसला से लिया गया है संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा है कि इन भर्तियों पर कर्मचारियों को 16 से 20000 रुपए मानदेय दिया जाएगा.
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3 सालों के लिए भर्ती प्रक्रिया जाने
उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ की सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारी के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की है जिसमें आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति 3 साल के लिए तय की गई है अब इसके बाद नौकरियों का रिनीवल भी किया जाएगा अब कैबिनेट बैठक में इसे मिलाकर कुल 16 प्रस्ताव भी पास किया जा चुका है आउटसोर्स से भर्ती होने वाले कर्मचारियों को हर महीने की एक से पांच तारीख को वेतन इनको आसानी से दे दिया जाएगा जो सीधे उनके खाते में रिसीव होगा.
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इन पदों पर किए जाएंगे अधिक भर्ती प्रक्रिया
अब इस कड़ी में सबसे ज्यादा कौन-कौन से पद भरे जाएंगे जिसमें नर्स, इलेक्ट्रीशियन, फार्मासिस्ट, कारपेंटर, पैरामेडिकल स्टाफ, लिफ्ट मैन, कंप्यूटर, प्लंबर, ड्राइवर, ऑपरेटर, लिपिक, तकनीकी सहायक, सफाई कर्मचारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सबसे ज्यादा पद भरे जाएंगे इनके अलावा भी पशु चिकित्सक, डॉक्टर, इंजीनियर सहित अन्य पदों पर भी भारती की जाएगी. उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारी का बजट बीते 6 साल मे करीब करीब पौने तीन गुना तक बढ़ गया है साल 2019 और 20 में आउटसोर्स कर्मचारी पर 684.19 करोड रुपए में व्यय किए गए थे जबकि 2025 और 26 में इसके लिए 1796.93 करोड रुपए का बजट प्रावधान किया गया है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के गठन के बाद वर्तमान में आउटसोर्स में कार्य कर रहे किसी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी जिसमें संबंधित एजेंसी का जब तक टेंडर है वह उस अवधि तक काम करवाएगी अब उसके बाद उसे एजेंसी के कर्मचारियों को कंपनी के जरिए संबंधित विभाग में काम भी दिया जाएगा. मिली जानकारी के अनुसार संविदा की तरह आउटसोर्स कर्मचारी की सेवा में प्रमोशन का कोई प्रावधान नहीं रहेगा अब सरकार उनके मानदेय तथा भत्तो में बढ़ोतरी पर विचार कर समय-समय पर बढ़ाएगी इनके मानदेय से पीएफ की कटौती की जाएगी पीएफ के साथ-साथ ही उनका स्वास्थ्य बीमा जीवन बीमा भी किया जाएगा.
यूपी कैबिनेट की बैठक में पास हुए 16 बड़े प्रस्ताव, पूरी लिस्ट देखे यहाँ
यूपी में राज्य सरकार ने दिन मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक की है जिसमें सरकारी विभागों में सीधे आउटसोर्स से कर्मचारियों की भर्ती का फैसला से लिया गया है संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा है कि इन भर्तियों पर कर्मचारियों को 16 से 20000 रुपए मानदेय दिया जाएगा.
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3 सालों के लिए भर्ती प्रक्रिया जाने
उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ की सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारी के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की है जिसमें आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति 3 साल के लिए तय की गई है अब इसके बाद नौकरियों का रिनीवल भी किया जाएगा अब कैबिनेट बैठक में इसे मिलाकर कुल 16 प्रस्ताव भी पास किया जा चुका है आउटसोर्स से भर्ती होने वाले कर्मचारियों को हर महीने की एक से पांच तारीख को वेतन इनको आसानी से दे दिया जाएगा जो सीधे उनके खाते में रिसीव होगा.
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अब जो सीधे उनके खाते में रिसीव होगा कर्मचारियों को पीएफ तथा ईएसआई की सुविधा भी मिलेगी अब महिला कर्मी को मॉनिटरिंग लीव मिलेगी सरकार स्थायी पदों पर आउटसोर्स भारती नहीं करेगी यह भर्ती पारदर्शी परीक्षा तथा इंटरव्यू से होगी इस दौरान सरकारी विभाग को आउटसोर्स कर्मचारी के डिमांड के लिए जेम गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस पोर्टल पर टेंडर निकलना होता है जिस आउटसोर्स कंपनी को ठेका मिलता है अब सेवायोजन विभाग को वैकेंसी का लेटर भेजती है इसी पोर्टल पर बेरोजगार के लिए एनरोलमेंट होते हैं वह नौकरी के लिए अप्लाई भी करते हैं.
इन पदों पर किए जाएंगे अधिक भर्ती प्रक्रिया
अब इस कड़ी में सबसे ज्यादा कौन-कौन से पद भरे जाएंगे जिसमें नर्स, इलेक्ट्रीशियन, फार्मासिस्ट, कारपेंटर, पैरामेडिकल स्टाफ, लिफ्ट मैन, कंप्यूटर, प्लंबर, ड्राइवर, ऑपरेटर, लिपिक, तकनीकी सहायक, सफाई कर्मचारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सबसे ज्यादा पद भरे जाएंगे इनके अलावा भी पशु चिकित्सक, डॉक्टर, इंजीनियर सहित अन्य पदों पर भी भारती की जाएगी. उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारी का बजट बीते 6 साल मे करीब करीब पौने तीन गुना तक बढ़ गया है साल 2019 और 20 में आउटसोर्स कर्मचारी पर 684.19 करोड रुपए में व्यय किए गए थे जबकि 2025 और 26 में इसके लिए 1796.93 करोड रुपए का बजट प्रावधान किया गया है.
एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के गठन के बाद वर्तमान में आउटसोर्स में कार्य कर रहे किसी कर्मचारी की नौकरी नहीं जाएगी जिसमें संबंधित एजेंसी का जब तक टेंडर है वह उस अवधि तक काम करवाएगी अब उसके बाद उसे एजेंसी के कर्मचारियों को कंपनी के जरिए संबंधित विभाग में काम भी दिया जाएगा. मिली जानकारी के अनुसार संविदा की तरह आउटसोर्स कर्मचारी की सेवा में प्रमोशन का कोई प्रावधान नहीं रहेगा अब सरकार उनके मानदेय तथा भत्तो में बढ़ोतरी पर विचार कर समय-समय पर बढ़ाएगी इनके मानदेय से पीएफ की कटौती की जाएगी पीएफ के साथ-साथ ही उनका स्वास्थ्य बीमा जीवन बीमा भी किया जाएगा.
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About The Author
शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।