Unlock 1- यूपी सरकार की नई गाइडलाइन्स, किए गए खास बदलाव
लखनऊ. देश भर में फैले कोरोना वायरस के बीच अनलॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. शनिवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार (Unlock 1 Uttar pradesh) के ACS, गृह व सूचना अवनीश अवस्थी ने नियमों की जानकारी दी. कोविड-19 की रोकथाम के सम्बन्ध में धार्मिक स्थलों, कार्यालयों, मॉल, होटल व रेस्टोरेन्ट को खोलने हेतु केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी गाइड-लाइन के क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. राजधानी लखनऊ में एक प्रेस वार्ता के दौरान IAS अवस्थी ने कहा कि समस्त जोन में 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, एक से अधिक अन्य बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती स्त्रियां और 10 वर्ष की आयु से नीचे के बच्चों को जब तक आवश्यक न हो घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है.
यहां पढ़ें सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन्स-
1- श्वसन सम्बन्धी शिष्टाचारों का कड़ाई से अनुपालन किया जाए. इसमें मुंह एवं नाक को खांसते/छींकते हुए टिश्यू-पेपर/रूमाल से पूरी तरह से ढंकना चाहिए. प्रयोग के बाद टिश्यू-पेपर आदि को उचित तरीके से (डस्टबिन आदि में) फेंका जाए.
2- अनलाॅक 1.0 के अन्तर्गत मास्क अनिवार्य होगा. सभी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर यथा-सम्भव एक दूसरे से कम से कम 6 फिट की दूरी रखेंगे. सभी भवन/धर्मस्थल में प्रवेश से पूर्व हाथों में एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का उपयोग किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: Uttar Pradesh Panchayat Chunav: चुनाव पर सस्पेंस जारी, योगी सरकार के मंत्री बोले- कोर्ट के आदेश का इंतजार3-धर्म-स्थलों को खोलने से पूर्व प्रशासन व पुलिस के अधिकारीगणों द्वारा धर्म-स्थलों के प्रबन्धन से जुड़े लोगों से संवाद स्थापित करते हुए उन्हें सभी सावधानियां सुनिश्चित करने की जानकारी दी जाएगी.
4-कन्टेनमेंट जोन को छोड़कर शेष स्थानों/जोन में धार्मिक/पूजा स्थल खोले जा सकते हैं. सभी स्थानों पर भारत-सरकार के दिशा-निर्देशों के क्रम में धर्म-स्थलों को खोला जाएगा.
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5- जिन व्यक्तियों में कोई लक्षण प्रदर्शित नहीं होगा केवल उन्हें ही परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी. सभी प्रवेश करने वाले व्यक्तियों को फेस-कवर/मास्क का प्रयोग करना अनिवार्य होगा.
6- सुनिश्चित किया जायेगा कि प्रत्येक धर्म-स्थल के अन्दर एक बार में एक स्थान पर 5 से अधिक श्रद्धालु न हों. प्रवेश-द्वार पर हाथों को कीटाणु-रहित करने हेतु एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का प्रयोग हो एवं इन्फ्रारेड-थर्मामीटर की भी व्यवस्था हो.
7- परिसरों के बाहर पार्किंग स्थलों पर भीड़ प्रबन्धन करते समय सोशल-डिस्टेंन्सिग का कड़ाई से अनुपालन करना होगा.
8-जूते/चप्पलों को अपने वाहन इत्यादि में ही उतार कर रखना अपेक्षित होगा. यदि आवश्यक हो तो इन्हें प्रत्येक व्यक्ति/परिवार द्वारा स्वंय ही अलग-अलग खांचो/ब्लाकों में रखा जाये.
9- कोविड-19 महामारी के रोकथाम सम्बन्धी उपायों के रूप में जन-जागरूकता के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु परिसर में पोस्टर/स्टैन्डीज का प्रयोग प्रमुखता से करना होगा.
10- क्रॉस- वैन्टिलेशन का प्रबन्धन इस प्रकार से होना चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा ताजी हवा अन्दर आ सके. मूर्तियों/पवित्र ग्रन्थों आदि को स्पर्श करने की अनुमति नही होगी. सभी धार्मिक स्थलों पर सभाएं/मण्डली निषिद्ध रहेंगी.
कार्यालयों के लिए यह गाइडलाइन्स
11- बैठने के स्थानों को भी सोशल-डिस्टेन्सिंग के अनुसार व्यवस्थित किया जाए. वेन्टिलेशन/एयर-कंडीशनरों आदि साधनों के प्रयोग के समय तापमान 24-30 डिग्री के मध्य होना चाहिए तथा आर्द्रता की सीमा 40 से 70 प्रतिशत के मध्य होनी चाहिए.
12- सोशल-डिस्टेंन्सिग को सुनिश्चित करने हतेु परिसरों में व्यक्तियों के लाइन में खड़े होने के लिए स्पष्ट निशान/चिन्ह अंकित कर दिए जाएं.
13-श्रद्धालुओं को अपने लिए अलग मैट/दरी/चादर आदि लानी चाहिए जिसे वह अपने साथ वापस भी ले जा सकते हों. धार्मिक स्थल के अन्दर किसी प्रकार के प्रसाद वितरण अथवा पवित्र-जल के छिड़काव आदि की अनुमति नहीं होगी.
14- संक्रमण फैलने के खतरे के दृष्टिगत रिकार्ड किए हुए भक्ति-संगीत/गाने बजाये जा सकते हैं, किन्तु समूह में इकट्ठे होकर गायन की अनुमति नही होगी. प्रार्थना-सभाओं हेतु एक ही मैट/दरी के प्रयोग से बचा जाए.
15-स्वास्थ्य प्राधिकारी द्वारा मरीज और उसके सम्पर्कों आदि के सम्बन्ध में संक्रमण के जोखिम का मूल्यांकन करते हुए तदनुसार कार्यवाही की जाएगी. यदि व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाए तो परिसर को पूर्ण रूप से कीटाणु-रहित किया जाएगा.
16- साथ ही डॉक्टर द्वारा उसकी जांच/परीक्षण होने तक उसे मास्क/फेस कवर दिया जाए. निकटतम अस्पताल/क्लीनिक अथवा जिला स्वास्थ्य हेल्पलाइन नं0-18001805145 को सूचित किया जाए.
17-धार्मिक परिसर के भीतर शौचालयों, हाथ-पैर धोने के स्थानों पर स्वच्छता हेतु विशेष उपाय करने होंगे. प्रबन्धन द्वारा धार्मिक स्थलों की लगातार सफाई और कीटाणु-रहित करने के उपाय करने होंगे. परिसर के फर्श को विशेष रूप से कई बार साफ करना होगा.
18-कार्यालयों के प्रवेश द्वार पर हाथों को कीटाणु-रहित करने के लिए सैनिटाइजर डिस्पेंसर और थर्मल स्क्रीनिंग का भी प्रावधान करना होगा. जिन व्यक्तियों में कोई लक्षण प्रदर्शित नहीं होगा, केवल उन्हें ही परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी.
कन्टेनमेन्ट जोन के लिए गाइडलाइन्स
19-चिकित्सा एवं आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्त अन्य कार्यालय कन्टेनमेन्ट जोन में बंद रहेगें. कन्टेनमेन्ट जोन के बाहर स्थित कार्यालयों को ही खोलने की अनुमति होगी.
20- ऐसे कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति होगी तथा इस अवधि को अवकाश के रूप में नहीं गिना जाएगा.
21- कोई भी अधिकारी और कर्मचारी, जो कि कन्टेनमेन्ट जोन में रहता है, उन्हें अपने पर्यवेक्षक अधिकारी को इसकी सूचना देनी होगी और तब तक कार्यालय में उपस्थित नहीं होना होगा, जब तक कि कन्टेनमेन्ट जोन निरस्त न कर दिया जाए.
22- 01 प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोरोइट घोल/स्प्रे का उपयोग करके वाहन के इंटीरियर को कीटाणु-रहित करने का प्रावधान किया जाएगा. स्टीयरिंग, दरवाजे के हैंडल, चाभियाँ आदि को उचित प्रकार से कीटाणु रहित किया जाना चाहिए
23-वाहनों के ड्राइवर सामाजिक दूरी बनाए रखेंगे और कोविड-19 से सम्बन्धित निर्देशों का पालन करेंगे. सेवा प्रदाताओं/ अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि कन्टेनमेट जोन में रहने वाले ड्राइवरों को वाहन चलाने की अनुमति न दी जाए.
24-‘आरोग्य सेतु’ एप का हम जनपद और राज्य, दोनों ही स्तर पर बेहतर उपयोग कर रहे हैं। हम सभी से अनुरोध करते हैं भी करते हैं कि इस एप को डाउनलोड करें और कोरोना से बचाव में इसका उपयोग करें,
25- एक-दूसरे को बधाई देते समय शारीरिक सम्पर्क से बचना होगा। श्रद्धालू एवं पुजारी समेत कोई भी किसी को किसी रुप में स्पर्श न करें। लंगर/सामुदायिक-रसोई अन्न-दान आदि हेतु भोजन तैयार/वितरित करते समय शारिरिक-दूरी के मानकों का अनुपालन करना होगा.
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Unlock 1- यूपी सरकार की नई गाइडलाइन्स, किए गए खास बदलाव
लखनऊ. देश भर में फैले कोरोना वायरस के बीच अनलॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. शनिवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार (Unlock 1 Uttar pradesh) के ACS, गृह व सूचना अवनीश अवस्थी ने नियमों की जानकारी दी. कोविड-19 की रोकथाम के सम्बन्ध में धार्मिक स्थलों, कार्यालयों, मॉल, होटल व रेस्टोरेन्ट को खोलने हेतु केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी गाइड-लाइन के क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. राजधानी लखनऊ में एक प्रेस वार्ता के दौरान IAS अवस्थी ने कहा कि समस्त जोन में 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, एक से अधिक अन्य बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति, गर्भवती स्त्रियां और 10 वर्ष की आयु से नीचे के बच्चों को जब तक आवश्यक न हो घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है.
यहां पढ़ें सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन्स-
1- श्वसन सम्बन्धी शिष्टाचारों का कड़ाई से अनुपालन किया जाए. इसमें मुंह एवं नाक को खांसते/छींकते हुए टिश्यू-पेपर/रूमाल से पूरी तरह से ढंकना चाहिए. प्रयोग के बाद टिश्यू-पेपर आदि को उचित तरीके से (डस्टबिन आदि में) फेंका जाए.
2- अनलाॅक 1.0 के अन्तर्गत मास्क अनिवार्य होगा. सभी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर यथा-सम्भव एक दूसरे से कम से कम 6 फिट की दूरी रखेंगे. सभी भवन/धर्मस्थल में प्रवेश से पूर्व हाथों में एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का उपयोग किया जाएगा.
3-धर्म-स्थलों को खोलने से पूर्व प्रशासन व पुलिस के अधिकारीगणों द्वारा धर्म-स्थलों के प्रबन्धन से जुड़े लोगों से संवाद स्थापित करते हुए उन्हें सभी सावधानियां सुनिश्चित करने की जानकारी दी जाएगी.
4-कन्टेनमेंट जोन को छोड़कर शेष स्थानों/जोन में धार्मिक/पूजा स्थल खोले जा सकते हैं. सभी स्थानों पर भारत-सरकार के दिशा-निर्देशों के क्रम में धर्म-स्थलों को खोला जाएगा.
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5- जिन व्यक्तियों में कोई लक्षण प्रदर्शित नहीं होगा केवल उन्हें ही परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी. सभी प्रवेश करने वाले व्यक्तियों को फेस-कवर/मास्क का प्रयोग करना अनिवार्य होगा.
6- सुनिश्चित किया जायेगा कि प्रत्येक धर्म-स्थल के अन्दर एक बार में एक स्थान पर 5 से अधिक श्रद्धालु न हों. प्रवेश-द्वार पर हाथों को कीटाणु-रहित करने हेतु एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का प्रयोग हो एवं इन्फ्रारेड-थर्मामीटर की भी व्यवस्था हो.
7- परिसरों के बाहर पार्किंग स्थलों पर भीड़ प्रबन्धन करते समय सोशल-डिस्टेंन्सिग का कड़ाई से अनुपालन करना होगा.
8-जूते/चप्पलों को अपने वाहन इत्यादि में ही उतार कर रखना अपेक्षित होगा. यदि आवश्यक हो तो इन्हें प्रत्येक व्यक्ति/परिवार द्वारा स्वंय ही अलग-अलग खांचो/ब्लाकों में रखा जाये.
9- कोविड-19 महामारी के रोकथाम सम्बन्धी उपायों के रूप में जन-जागरूकता के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु परिसर में पोस्टर/स्टैन्डीज का प्रयोग प्रमुखता से करना होगा.
10- क्रॉस- वैन्टिलेशन का प्रबन्धन इस प्रकार से होना चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा ताजी हवा अन्दर आ सके. मूर्तियों/पवित्र ग्रन्थों आदि को स्पर्श करने की अनुमति नही होगी. सभी धार्मिक स्थलों पर सभाएं/मण्डली निषिद्ध रहेंगी.
कार्यालयों के लिए यह गाइडलाइन्स
11- बैठने के स्थानों को भी सोशल-डिस्टेन्सिंग के अनुसार व्यवस्थित किया जाए. वेन्टिलेशन/एयर-कंडीशनरों आदि साधनों के प्रयोग के समय तापमान 24-30 डिग्री के मध्य होना चाहिए तथा आर्द्रता की सीमा 40 से 70 प्रतिशत के मध्य होनी चाहिए.
12- सोशल-डिस्टेंन्सिग को सुनिश्चित करने हतेु परिसरों में व्यक्तियों के लाइन में खड़े होने के लिए स्पष्ट निशान/चिन्ह अंकित कर दिए जाएं.
13-श्रद्धालुओं को अपने लिए अलग मैट/दरी/चादर आदि लानी चाहिए जिसे वह अपने साथ वापस भी ले जा सकते हों. धार्मिक स्थल के अन्दर किसी प्रकार के प्रसाद वितरण अथवा पवित्र-जल के छिड़काव आदि की अनुमति नहीं होगी.
14- संक्रमण फैलने के खतरे के दृष्टिगत रिकार्ड किए हुए भक्ति-संगीत/गाने बजाये जा सकते हैं, किन्तु समूह में इकट्ठे होकर गायन की अनुमति नही होगी. प्रार्थना-सभाओं हेतु एक ही मैट/दरी के प्रयोग से बचा जाए.
15-स्वास्थ्य प्राधिकारी द्वारा मरीज और उसके सम्पर्कों आदि के सम्बन्ध में संक्रमण के जोखिम का मूल्यांकन करते हुए तदनुसार कार्यवाही की जाएगी. यदि व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाए तो परिसर को पूर्ण रूप से कीटाणु-रहित किया जाएगा.
16- साथ ही डॉक्टर द्वारा उसकी जांच/परीक्षण होने तक उसे मास्क/फेस कवर दिया जाए. निकटतम अस्पताल/क्लीनिक अथवा जिला स्वास्थ्य हेल्पलाइन नं0-18001805145 को सूचित किया जाए.
17-धार्मिक परिसर के भीतर शौचालयों, हाथ-पैर धोने के स्थानों पर स्वच्छता हेतु विशेष उपाय करने होंगे. प्रबन्धन द्वारा धार्मिक स्थलों की लगातार सफाई और कीटाणु-रहित करने के उपाय करने होंगे. परिसर के फर्श को विशेष रूप से कई बार साफ करना होगा.
18-कार्यालयों के प्रवेश द्वार पर हाथों को कीटाणु-रहित करने के लिए सैनिटाइजर डिस्पेंसर और थर्मल स्क्रीनिंग का भी प्रावधान करना होगा. जिन व्यक्तियों में कोई लक्षण प्रदर्शित नहीं होगा, केवल उन्हें ही परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी.
कन्टेनमेन्ट जोन के लिए गाइडलाइन्स
19-चिकित्सा एवं आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्त अन्य कार्यालय कन्टेनमेन्ट जोन में बंद रहेगें. कन्टेनमेन्ट जोन के बाहर स्थित कार्यालयों को ही खोलने की अनुमति होगी.
20- ऐसे कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति होगी तथा इस अवधि को अवकाश के रूप में नहीं गिना जाएगा.
21- कोई भी अधिकारी और कर्मचारी, जो कि कन्टेनमेन्ट जोन में रहता है, उन्हें अपने पर्यवेक्षक अधिकारी को इसकी सूचना देनी होगी और तब तक कार्यालय में उपस्थित नहीं होना होगा, जब तक कि कन्टेनमेन्ट जोन निरस्त न कर दिया जाए.
22- 01 प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोरोइट घोल/स्प्रे का उपयोग करके वाहन के इंटीरियर को कीटाणु-रहित करने का प्रावधान किया जाएगा. स्टीयरिंग, दरवाजे के हैंडल, चाभियाँ आदि को उचित प्रकार से कीटाणु रहित किया जाना चाहिए
23-वाहनों के ड्राइवर सामाजिक दूरी बनाए रखेंगे और कोविड-19 से सम्बन्धित निर्देशों का पालन करेंगे. सेवा प्रदाताओं/ अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा सुनिश्चित किया जायेगा कि कन्टेनमेट जोन में रहने वाले ड्राइवरों को वाहन चलाने की अनुमति न दी जाए.
24-‘आरोग्य सेतु’ एप का हम जनपद और राज्य, दोनों ही स्तर पर बेहतर उपयोग कर रहे हैं। हम सभी से अनुरोध करते हैं भी करते हैं कि इस एप को डाउनलोड करें और कोरोना से बचाव में इसका उपयोग करें,
25- एक-दूसरे को बधाई देते समय शारीरिक सम्पर्क से बचना होगा। श्रद्धालू एवं पुजारी समेत कोई भी किसी को किसी रुप में स्पर्श न करें। लंगर/सामुदायिक-रसोई अन्न-दान आदि हेतु भोजन तैयार/वितरित करते समय शारिरिक-दूरी के मानकों का अनुपालन करना होगा.
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भारतीय बस्ती, बस्ती और अयोध्या से प्रकाशित होने वाला प्रमुख समाचार पत्र है. इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग भारतीय बस्ती के संवाददाताओं द्वारा ज़मीनी स्तर पर की गई है