Vijayadashami Vishesh: जानें सिद्धार्थनगर के गालापुर मंदिर के बारे में, जहां 1 दिन में हुए 25,000 हवन
सिद्धार्थनगर. सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज तहसील के अंतर्गत आने वाला गालापुर स्थान आस्था और शक्ति का केंद्र बन चुका है. पूर्वांचल के सबसे पुराने शक्ति पीठों में से एक यह स्थान देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वतः ही आकर्षित करता है.
लगभग 2000 हज़ार साल पुराने इस स्थान के बारे में ऐसी मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति से मांगी गयी मुरादें जरूर पूरी होती है.
यह भी पढ़ें: यूपी के इन जिलों में देर रात हुई बारिश, जानें अब किन जिलों के लिए मौसम विभाग ने जारी किया अलर्टमंदिर के व्यवस्थापक ठाकुर प्रसाद मिश्रा बताते हैं कि कलहंस वंश के राजा केसरी सिंह ने माता को गोण्डा के खोरहंस जंगल से अपने कुल पुरोहितों द्वारा आवाह्न कर यहां माँ का मन्दिर स्थापित कराया था.
Vijayadashami Vishesh: जानें सिद्धार्थनगर के गालापुर मंदिर के बारे में, जहां 1 दिन में हुए 25,000 हवन
सिद्धार्थनगर. सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज तहसील के अंतर्गत आने वाला गालापुर स्थान आस्था और शक्ति का केंद्र बन चुका है. पूर्वांचल के सबसे पुराने शक्ति पीठों में से एक यह स्थान देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वतः ही आकर्षित करता है.
लगभग 2000 हज़ार साल पुराने इस स्थान के बारे में ऐसी मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति से मांगी गयी मुरादें जरूर पूरी होती है.
मंदिर के व्यवस्थापक ठाकुर प्रसाद मिश्रा बताते हैं कि कलहंस वंश के राजा केसरी सिंह ने माता को गोण्डा के खोरहंस जंगल से अपने कुल पुरोहितों द्वारा आवाह्न कर यहां माँ का मन्दिर स्थापित कराया था.
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जितेंद्र कौशल सिंह भारतीय बस्ती के पत्रकार हैं. शुरुआती शिक्षा दीक्षा बस्ती जिले से ही करने वाले जितेंद्र खेती, कृषि, राजनीतिक और समसामयिक विषयों पर खबरें लिखते हैं.