सिद्धार्थनगर में बड़ी लापरवाही: तड़पता रहा कोरोना संदिग्ध, डॉक्टर ने कोरम पूरा किया; रास्ते में युवक की मौत

सिद्धार्थनगर में बड़ी लापरवाही: तड़पता रहा कोरोना संदिग्ध, डॉक्टर ने कोरम पूरा किया; रास्ते में युवक की मौत
Siddharthnagar

सिद्धार्थनगर. उत्तर प्रदेश स्थित सिद्धार्थनगर (Siddharth Nagar) में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है. मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल (Jila Aspatal Siddharth nagar) में सोमवार को गंभीर हालत में इलाज के लिए भाई के साथ अस्पताल पहुंचे कोरोना संदिग्ध 32 वर्षीय रामू गंगाराम शर्मा तीन घंटे तड़पते रहे. 29 वर्षीय छोटा भाई राकेश कुमार मदद के लिए पुकारता रहा, लेकिन किसी के कान पर जूं नहीं रेंगी.

जब अस्पताल के डॉक्टर ने देखा भी तो खानापूर्ती कर बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया और रास्ते में ही रामू की मौत हो गई. इस मामले पर सीएमओ सीमा राय ने कहा कि ‘मेरे निर्देश के बाद भी इलाज में देरी कैसे हुई, इसकी जांच होगी.’

बताया गया कि रामू बीते महीने 15 मई को मुंबई से लौटे और सेंट थॉमस में थर्मल स्क्रीनिंग करा होम क्वारंटाइन हुए, बुखार आने पर पांच जून को परिजन एक निजी चिकित्सक के यहां गए. सोमवार को सांस लेने की दिक्कत हुई तो परिजन वहां से बस्ती एक अस्पताल लाए. लक्षण देखकर वहां के डाक्टरों ने घर वापस भेज दिया.

आशा कार्यकर्ता की मदद से परिजन एंबुलेस से जिला अस्पताल ले गए. यहां कोई हालचाल लेने वाला नहीं था. इस दौरान डाक्टरों से नोकझोंक हुई. किसी तरह मरीज को भर्ती तो किया गया लेकिन एक घंटे में ही रेफर कर दिया गया. भाई राकेश ने आरोप लगाया कि रामू की मौत जिला अस्पताल में ही हो गई थी. रेफर करने का कोरम पूरा किया गया.

वहीं मौत के बाद नमूना लेकर शव को गांव में ही प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दफनाया गया. भाई को क्वारंटाइन कर दिया गया है. एसडीएम त्रिभुवन ने बताया कि मृतक के लक्षण के चलते तय नियम के अनुसार अंतिम संस्कार कराया गया है.

यह भी पढ़ें: बस्ती में कोरोना की रिकवरी रेट 60% के पार, आज आए दो नये मामले; अब तक 234 पहुंची संख्या

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
10 Jun 2020 By Bhartiya Basti

सिद्धार्थनगर में बड़ी लापरवाही: तड़पता रहा कोरोना संदिग्ध, डॉक्टर ने कोरम पूरा किया; रास्ते में युवक की मौत

सिद्धार्थनगर. उत्तर प्रदेश स्थित सिद्धार्थनगर (Siddharth Nagar) में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है. मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल (Jila Aspatal Siddharth nagar) में सोमवार को गंभीर हालत में इलाज के लिए भाई के साथ अस्पताल पहुंचे कोरोना संदिग्ध 32 वर्षीय रामू गंगाराम शर्मा तीन घंटे तड़पते रहे. 29 वर्षीय छोटा भाई राकेश कुमार मदद के लिए पुकारता रहा, लेकिन किसी के कान पर जूं नहीं रेंगी.

जब अस्पताल के डॉक्टर ने देखा भी तो खानापूर्ती कर बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया और रास्ते में ही रामू की मौत हो गई. इस मामले पर सीएमओ सीमा राय ने कहा कि ‘मेरे निर्देश के बाद भी इलाज में देरी कैसे हुई, इसकी जांच होगी.’

बताया गया कि रामू बीते महीने 15 मई को मुंबई से लौटे और सेंट थॉमस में थर्मल स्क्रीनिंग करा होम क्वारंटाइन हुए, बुखार आने पर पांच जून को परिजन एक निजी चिकित्सक के यहां गए. सोमवार को सांस लेने की दिक्कत हुई तो परिजन वहां से बस्ती एक अस्पताल लाए. लक्षण देखकर वहां के डाक्टरों ने घर वापस भेज दिया.

आशा कार्यकर्ता की मदद से परिजन एंबुलेस से जिला अस्पताल ले गए. यहां कोई हालचाल लेने वाला नहीं था. इस दौरान डाक्टरों से नोकझोंक हुई. किसी तरह मरीज को भर्ती तो किया गया लेकिन एक घंटे में ही रेफर कर दिया गया. भाई राकेश ने आरोप लगाया कि रामू की मौत जिला अस्पताल में ही हो गई थी. रेफर करने का कोरम पूरा किया गया.

वहीं मौत के बाद नमूना लेकर शव को गांव में ही प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दफनाया गया. भाई को क्वारंटाइन कर दिया गया है. एसडीएम त्रिभुवन ने बताया कि मृतक के लक्षण के चलते तय नियम के अनुसार अंतिम संस्कार कराया गया है.

यह भी पढ़ें: बस्ती में कोरोना की रिकवरी रेट 60% के पार, आज आए दो नये मामले; अब तक 234 पहुंची संख्या

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