Covid 3rd Wave: NIDM की रिपोर्ट में दावा- सितंबर अक्टूबर में आ सकती है तीसरी लहर, हर दिन 6 लाख नए केस का दावा

Covid 3rd Wave: NIDM की रिपोर्ट में दावा- सितंबर अक्टूबर में आ सकती है तीसरी लहर, हर दिन 6 लाख नए केस का दावा
Coronavirus

नई दिल्ली. भारत में अगर वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज नहीं हुई तो यहां अक्टूबर के पहले हफ्ते में प्रतिदिन 6 लाख कोरोना के नए मामले पाये जा सकते हैं.  गृह मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM) ने दावा किया है कि अक्टूबर के शुरुआत में कोरोना के मामलों में तेजी आएगी. पंडित दीनदयाल उपाध्याय एनर्जी यूनिवर्सिटी और निरमा यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर सरकार अपनी 1 करोड़ प्रतिदिन टीकाकरण करने योजना पर अमल करती है तो रोजाना पाये जाने वाले मामले 2 लाख तक भी हो सकते हैं. NIDM ने तबाही को रोकने के लिए अस्पताल को बेड्स का इंतजाम करने और लोगों का टीकाकरण करने की सलाह दी है. कई अन्य रिपोर्ट्स में भी आने वाले हफ्ते में कोविड के तीसरी लहर की आशंका जताई है लेकिन हालांकि अधिकांश इसे दूसरी लहर की तुलना में कमजोर आंक रहे हैं.

बता दें देश में मंगलवार सुबह तक कोविड-19 रोधी टीकों की कुल 58.89 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं. 
देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी. वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख के पार हो गए. देश में 19 दिसम्बर को ये मामले एक करोड़ के पार, चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे.

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण से अभी तक 4,35,110 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 1,36,067, कर्नाटक के 37,155, तमिलनाडु के 34,734, दिल्ली के 25,079, उत्तर प्रदेश के 22,792, केरल के 19,584 और पश्चिम बंगाल के 18,371 लोग थे. स्टडी में सलाह दी गई है कि बच्चों के वैक्सीनेशन पर भी जोर दिया जाए. बता दें ऐसी आशंकाएं जताई जा रही हैं कि तीसरी लहर में बच्चों पर बुरा असर पड़ सकता है

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
24 Aug 2021 By Bhartiya Basti

Covid 3rd Wave: NIDM की रिपोर्ट में दावा- सितंबर अक्टूबर में आ सकती है तीसरी लहर, हर दिन 6 लाख नए केस का दावा

नई दिल्ली. भारत में अगर वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज नहीं हुई तो यहां अक्टूबर के पहले हफ्ते में प्रतिदिन 6 लाख कोरोना के नए मामले पाये जा सकते हैं.  गृह मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (NIDM) ने दावा किया है कि अक्टूबर के शुरुआत में कोरोना के मामलों में तेजी आएगी. पंडित दीनदयाल उपाध्याय एनर्जी यूनिवर्सिटी और निरमा यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर सरकार अपनी 1 करोड़ प्रतिदिन टीकाकरण करने योजना पर अमल करती है तो रोजाना पाये जाने वाले मामले 2 लाख तक भी हो सकते हैं. NIDM ने तबाही को रोकने के लिए अस्पताल को बेड्स का इंतजाम करने और लोगों का टीकाकरण करने की सलाह दी है. कई अन्य रिपोर्ट्स में भी आने वाले हफ्ते में कोविड के तीसरी लहर की आशंका जताई है लेकिन हालांकि अधिकांश इसे दूसरी लहर की तुलना में कमजोर आंक रहे हैं.

बता दें देश में मंगलवार सुबह तक कोविड-19 रोधी टीकों की कुल 58.89 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं. 
देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी. वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख के पार हो गए. देश में 19 दिसम्बर को ये मामले एक करोड़ के पार, चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे.

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण से अभी तक 4,35,110 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 1,36,067, कर्नाटक के 37,155, तमिलनाडु के 34,734, दिल्ली के 25,079, उत्तर प्रदेश के 22,792, केरल के 19,584 और पश्चिम बंगाल के 18,371 लोग थे. स्टडी में सलाह दी गई है कि बच्चों के वैक्सीनेशन पर भी जोर दिया जाए. बता दें ऐसी आशंकाएं जताई जा रही हैं कि तीसरी लहर में बच्चों पर बुरा असर पड़ सकता है

https://bhartiyabasti.com/india-news/covid-3rd-wave-claims-in-nidm-report-third-wave-may-come-in-september-october-6-lakh-new-cases-claimed-every-day/article-7677
On

About The Author

Bhartiya Basti Picture

भारतीय बस्ती, बस्ती और अयोध्या से प्रकाशित होने वाला प्रमुख समाचार पत्र है. इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग भारतीय बस्ती के संवाददाताओं द्वारा ज़मीनी स्तर पर की गई है