कृषि क्षेत्र पर कारपोरेट की बुरी नजर

कृषि क्षेत्र पर कारपोरेट की बुरी नजर
Andhika Y Wiguna Qryusjaljcm Unsplash

जनसंख्या के बढ़ते दबाव के चलते महानगरों के आस पास की कृषि योग्य जमीनों (Farming) पर आलीशान मकान खड़े हो गये.

बेरोजगारों (Unemployment) की बड़ी फौज इन दिनों प्रापर्टी डीलर बनकर अपना जीविको पार्जन कर रही है.

अब ग्रामीण क्षेत्रों (Rural इंडिया) के कृषि योग्य जमीनों पर भी कार्पोरेट का खतरा मंडराता जा रहा है.

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यदि किसान (farmer ) अभी न चेते तो वह दिन बहुत दूर नही है जब कृषि योग्य जमीनो के बड़े हिस्से पर कार्पोरेट का कब्जा हो जायेगा.

यह बड़े खतरे की घंटी है. अभी से चेत जाने की जरूरत है वरना किसानों को भूमि हीन होते देर न लगेगी.

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