जानें क्यों गौर को बनाया जाना चाहिए तहसील

जानें क्यों गौर को बनाया जाना चाहिए तहसील
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मनोज सिंह

उत्तर प्रदेश में बस्ती जनपद (Basti In Uttar Pradesh) के पूरब में बसे लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर गौर (Gaur) रेलवे स्टेशन स्थित है. देश जब आजाद हुआ था उस समय आजादी के पहले गौर क्षेत्र के सपूतों ने 1942 में क्रांति का बिगुल बजाया था. गौर क्षेत्र आजादी मे गौरवशाली इतिहास रहा है. यहां के पूर्वजों ने देश को आजाद कराने में और गौर को सुख सुविधा संपन्न बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया था इसी का नतीजा है की मात्र एक किलोमीटर के अंदर कई सरकारी संस्थान तथा शैक्षिक संस्थान स्थापित है. साल 1942 की क्रांति के प्रत्यक्षदर्शी पूर्व शिक्षक राम भूलन सिंह के अनुसार देश को आजाद कराने में स्वर्गीय भगवान बक्स सिंह, स्वर्गीय बच्छराज लाल श्रीवास्तव ,स्वर्गीय भद्दी कुर्मी सहित क्षेत्र के अनेक लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और स्वर्गीय भगवान बक्स सिंह तथा उनके साथियों को जेल भी जाना पड़ा.

देश आजाद होने के बाद क्षेत्र के स्वर्गीय पंडित महादेव शुक्ल, स्वर्गीय रामाश्रय सिंह, स्वर्गीय सीताराम सिंह जैसे अनेक लोगों ने गौर कि विकास के लिए तथा सरकारी संस्थानों और शैक्षिक संस्थानों की स्थापना में क्षेत्र के लोगों के सहयोग से महत्वपूर्ण योगदान दिया किंतु यह विकास 30 से 35 साल पहले हुए पूर्व में बीते हुए 30 से 35 सालों मे गौर क्षेत्र को जातीय राजनीति का ऐसा ग्रहण लगा कि यहां का विकास शून्य हो गया क्योंकि एक ऐसे जनप्रतिनिधि का इस क्षेत्र पर कब्जा रहा जो विकास के नाम पर नहीं अपितु जातीय समीकरण के नाम पर कई बार जीतकर आते रहे और उन्होंने यहां के क्षेत्रीय लोगों को लाभ पहुंचाने के सिवा व्यक्तिगत लाभ उठाकर गौर के विकास का सत्यानाश कर दिया.

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वर्तमान समय में जब से यहां के सांसद हरीश द्विवेदी हुए तो उन्होंने 68 वर्षों से मेल ट्रेन ठहराव के अभाव को दूर करते हुए बांद्रा ट्रेन का ठहराव यहां के नव युवकों और सांसद के सराहनीय प्रयास से हुआ. सांसद ने बड़ी सौगात मनवर संगम ट्रेन का ठहराव गौर में देकर किया साथ ही अभी हाल ही में 17 अगस्त को तपसी धाम आश्रम भदावल हरैया में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कार्यक्रम में उनके समक्ष सांसद हरीश द्विवेदी ने गौर में तहसील बनाने की आवश्यकता को मुख्यमंत्री के समक्ष मंच पर रखा तो मुख्यमंत्री महोदय और तपसी धाम के प्रधान सेवक महंत जय बक्स दास भी मन ही मन मुस्कुराते नजर आए तथा कप्तानगंज के विधायक सीए चंद्रप्रकाश शुक्ल भी उत्साहित नजर आए. यह कयास लगाया जा रहा है इस बार विधानसभा सत्र में गौर क्षेत्र के विधायक सीए चंद्रप्रकाश शुक्ल तहसील की मांग को विधानसभा सत्र में जरूर उठाएंगे.

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गौर में तहसील की मांग को लेकर गौर क्षेत्र के ढोढरी निवासी भाजपा के समाजसेवी नेता रमाकांत पांडे ने विगत कुछ दिनों पहले राज्यपाल महोदय को ज्ञापन दिया था. पांडे से वार्ता के अनुसार शीघ्र ही वह क्षेत्र के विकास के प्रति लगाव रखने वाले अपने मित्र डॉ रणधीर सिंह, वरुण पांडे, भाजपा नेता और डा रविंद्र कुमार सिंह एमडी होमियो तथा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ माननीय मुख्यमंत्री और राज्यपाल महोदय से मिलकर गौर में तहसील बनाने की मांग करेंगे.

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साथ ही उन्होंने बताया की हलवा के उत्तरी छोर सावडीह तथा नदी के किनारे बसे गांव की दूरी हरैया तहसील तक लगभग 41 किलोमीटर पड़ जाती है अगर गौर में तहसील का निर्माण हो जाता है तो उन लोगों को मात्र 12 से 15 किलोमीटर मैं ही गौर तहसील मुख्यालय पहुंच जाएंगे साथ ही बभनान के लोगों को भी 17 किलोमीटर की जगह मात्र 8 किलोमीटर दूरी पर तहसील मुख्यालय मिल जाएगा.

गौर में तहसील मुख्यालय बन जाने से बस्ती जनपद के पूर्वी और उत्तरी छोर में बसे गांव के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और गौर जैसे क्रांतिकारी क्षेत्र का चौमुखी विकास भी होगा.

गौर में तहसील की मांग पर इंटरनेशनल कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य साहित्यकार शिक्षाविद डॉक्टर रामनरेश सिंह मंजुल ने सांसद के प्रयास की सराहना किया .
हरैया तहसील जनपद की सबसे बड़ी तहसील है. प्राप्त आंकड़ों के अनुसार यहां की जनसंख्या 9 लाख 50 हजार से अधिक है. इसके अंतर्गत 14 सौ से पंद्रह सौ गांव आते हैं इसका क्षेत्रफल 1206 किलोमीटर स्क्वायर एरिया है. इस तहसील में 1लाख 47 हजार से अधिक मकान है. इसके अनुपात में रुधौली तहसील हरैया तहसील से लगभग 5 गुना छोटी है.

रुधौली तहसील की जनसंख्या मात्र 2 लाख 6 हजार है तथा हरैया के क्षेत्रफल 1206 के सापेक्ष रुधौली का क्षेत्रफल मात्र 229 किलोमीटर स्क्वायर है इसके बावजूद रुधौली तहसील वहां के संघर्षशील विधायक संजय प्रताप जायसवाल जी के प्रयास से बना है.

गौर में तहसील की मांग उठने से समाजसेवी ओम प्रकाश सिंह प्रधानाचार्य दिनेश चंद्र मिश्र, भाजपा नेता प्रत्यूष विक्रम सिंह रतन, प्रधान रविंद्र नाथ उपाध्याय ,प्रधान मालिक , प्रधान कलीम उल्लाह, प्रधान देव कुमार दुबे, शिव प्रसाद जायसवाल, कृष्ण चन्द्र शुक्ल, राम प्रताप शुक्ल, मुन्ना शुक्ल ,गोपाल जी ,हरिश्चंद्र शुक्ल ,अवधेश सिंह लंकेश, अब्रिका सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने सांसद द्वारा 17 अगस्त को तपसी धाम आश्रम मे सासद द्वारा गौर में तहसील की मांग पर खुशी का इजहार करते हुए कहा कि गौर में तहसील बनाने के लिए हर संभवप्रयास करेंगे ताकि लंबे समय से उपेक्षित गौर का चौमुखी विकास हो.

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bhartiyabasti.com
29 Aug 2019 By Bhartiya Basti

जानें क्यों गौर को बनाया जाना चाहिए तहसील

मनोज सिंह

उत्तर प्रदेश में बस्ती जनपद (Basti In Uttar Pradesh) के पूरब में बसे लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर गौर (Gaur) रेलवे स्टेशन स्थित है. देश जब आजाद हुआ था उस समय आजादी के पहले गौर क्षेत्र के सपूतों ने 1942 में क्रांति का बिगुल बजाया था. गौर क्षेत्र आजादी मे गौरवशाली इतिहास रहा है. यहां के पूर्वजों ने देश को आजाद कराने में और गौर को सुख सुविधा संपन्न बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया था इसी का नतीजा है की मात्र एक किलोमीटर के अंदर कई सरकारी संस्थान तथा शैक्षिक संस्थान स्थापित है. साल 1942 की क्रांति के प्रत्यक्षदर्शी पूर्व शिक्षक राम भूलन सिंह के अनुसार देश को आजाद कराने में स्वर्गीय भगवान बक्स सिंह, स्वर्गीय बच्छराज लाल श्रीवास्तव ,स्वर्गीय भद्दी कुर्मी सहित क्षेत्र के अनेक लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और स्वर्गीय भगवान बक्स सिंह तथा उनके साथियों को जेल भी जाना पड़ा.

देश आजाद होने के बाद क्षेत्र के स्वर्गीय पंडित महादेव शुक्ल, स्वर्गीय रामाश्रय सिंह, स्वर्गीय सीताराम सिंह जैसे अनेक लोगों ने गौर कि विकास के लिए तथा सरकारी संस्थानों और शैक्षिक संस्थानों की स्थापना में क्षेत्र के लोगों के सहयोग से महत्वपूर्ण योगदान दिया किंतु यह विकास 30 से 35 साल पहले हुए पूर्व में बीते हुए 30 से 35 सालों मे गौर क्षेत्र को जातीय राजनीति का ऐसा ग्रहण लगा कि यहां का विकास शून्य हो गया क्योंकि एक ऐसे जनप्रतिनिधि का इस क्षेत्र पर कब्जा रहा जो विकास के नाम पर नहीं अपितु जातीय समीकरण के नाम पर कई बार जीतकर आते रहे और उन्होंने यहां के क्षेत्रीय लोगों को लाभ पहुंचाने के सिवा व्यक्तिगत लाभ उठाकर गौर के विकास का सत्यानाश कर दिया.

वर्तमान समय में जब से यहां के सांसद हरीश द्विवेदी हुए तो उन्होंने 68 वर्षों से मेल ट्रेन ठहराव के अभाव को दूर करते हुए बांद्रा ट्रेन का ठहराव यहां के नव युवकों और सांसद के सराहनीय प्रयास से हुआ. सांसद ने बड़ी सौगात मनवर संगम ट्रेन का ठहराव गौर में देकर किया साथ ही अभी हाल ही में 17 अगस्त को तपसी धाम आश्रम भदावल हरैया में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कार्यक्रम में उनके समक्ष सांसद हरीश द्विवेदी ने गौर में तहसील बनाने की आवश्यकता को मुख्यमंत्री के समक्ष मंच पर रखा तो मुख्यमंत्री महोदय और तपसी धाम के प्रधान सेवक महंत जय बक्स दास भी मन ही मन मुस्कुराते नजर आए तथा कप्तानगंज के विधायक सीए चंद्रप्रकाश शुक्ल भी उत्साहित नजर आए. यह कयास लगाया जा रहा है इस बार विधानसभा सत्र में गौर क्षेत्र के विधायक सीए चंद्रप्रकाश शुक्ल तहसील की मांग को विधानसभा सत्र में जरूर उठाएंगे.

गौर में तहसील की मांग को लेकर गौर क्षेत्र के ढोढरी निवासी भाजपा के समाजसेवी नेता रमाकांत पांडे ने विगत कुछ दिनों पहले राज्यपाल महोदय को ज्ञापन दिया था. पांडे से वार्ता के अनुसार शीघ्र ही वह क्षेत्र के विकास के प्रति लगाव रखने वाले अपने मित्र डॉ रणधीर सिंह, वरुण पांडे, भाजपा नेता और डा रविंद्र कुमार सिंह एमडी होमियो तथा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ माननीय मुख्यमंत्री और राज्यपाल महोदय से मिलकर गौर में तहसील बनाने की मांग करेंगे.

साथ ही उन्होंने बताया की हलवा के उत्तरी छोर सावडीह तथा नदी के किनारे बसे गांव की दूरी हरैया तहसील तक लगभग 41 किलोमीटर पड़ जाती है अगर गौर में तहसील का निर्माण हो जाता है तो उन लोगों को मात्र 12 से 15 किलोमीटर मैं ही गौर तहसील मुख्यालय पहुंच जाएंगे साथ ही बभनान के लोगों को भी 17 किलोमीटर की जगह मात्र 8 किलोमीटर दूरी पर तहसील मुख्यालय मिल जाएगा.

गौर में तहसील मुख्यालय बन जाने से बस्ती जनपद के पूर्वी और उत्तरी छोर में बसे गांव के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और गौर जैसे क्रांतिकारी क्षेत्र का चौमुखी विकास भी होगा.

गौर में तहसील की मांग पर इंटरनेशनल कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य साहित्यकार शिक्षाविद डॉक्टर रामनरेश सिंह मंजुल ने सांसद के प्रयास की सराहना किया .
हरैया तहसील जनपद की सबसे बड़ी तहसील है. प्राप्त आंकड़ों के अनुसार यहां की जनसंख्या 9 लाख 50 हजार से अधिक है. इसके अंतर्गत 14 सौ से पंद्रह सौ गांव आते हैं इसका क्षेत्रफल 1206 किलोमीटर स्क्वायर एरिया है. इस तहसील में 1लाख 47 हजार से अधिक मकान है. इसके अनुपात में रुधौली तहसील हरैया तहसील से लगभग 5 गुना छोटी है.

रुधौली तहसील की जनसंख्या मात्र 2 लाख 6 हजार है तथा हरैया के क्षेत्रफल 1206 के सापेक्ष रुधौली का क्षेत्रफल मात्र 229 किलोमीटर स्क्वायर है इसके बावजूद रुधौली तहसील वहां के संघर्षशील विधायक संजय प्रताप जायसवाल जी के प्रयास से बना है.

गौर में तहसील की मांग उठने से समाजसेवी ओम प्रकाश सिंह प्रधानाचार्य दिनेश चंद्र मिश्र, भाजपा नेता प्रत्यूष विक्रम सिंह रतन, प्रधान रविंद्र नाथ उपाध्याय ,प्रधान मालिक , प्रधान कलीम उल्लाह, प्रधान देव कुमार दुबे, शिव प्रसाद जायसवाल, कृष्ण चन्द्र शुक्ल, राम प्रताप शुक्ल, मुन्ना शुक्ल ,गोपाल जी ,हरिश्चंद्र शुक्ल ,अवधेश सिंह लंकेश, अब्रिका सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने सांसद द्वारा 17 अगस्त को तपसी धाम आश्रम मे सासद द्वारा गौर में तहसील की मांग पर खुशी का इजहार करते हुए कहा कि गौर में तहसील बनाने के लिए हर संभवप्रयास करेंगे ताकि लंबे समय से उपेक्षित गौर का चौमुखी विकास हो.

https://bhartiyabasti.com/india-news/basti-news-uttar-pradesh-learn-why-gaur-should-be-made-tehsil/article-412
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