उत्तर प्रदेश: PM आवास योजना ने बढ़ाई हलचल, गांव-गांव जॉब कार्ड बनवाने की होड़!

UP में PM आवास योजना का असर, जॉब कार्ड बनवाने की होड़

उत्तर प्रदेश: PM आवास योजना ने बढ़ाई हलचल, गांव-गांव जॉब कार्ड बनवाने की होड़!
UP में PM आवास योजना का असर, जॉब कार्ड बनवाने की होड़

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शुरू हुए सेल्फ सर्वे अभियान के बाद गांवों में जॉब कार्ड बनवाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। जैसे ही सरकार ने पात्रता जांचने के लिए खुद ऑनलाइन आवेदन करने का विकल्प दिया, वैसे ही बड़ी संख्या में लोगों ने जॉब कार्ड के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया। गांवों में अब ऐसे लोग भी जॉब कार्ड बनवा रहे हैं, जिन्हें पहले इसकी जरूरत नहीं थी। लेकिन अब उन्हें लग रहा है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए जॉब कार्ड जरूरी है।

सेल्फ सर्वे शुरू होते ही गांवों में जॉब कार्ड बनवाने की होड़

ग्राम रोजगार सेवकों का कहना है कि जैसे ही प्रधानमंत्री आवास योजना का ऑनलाइन सेल्फ सर्वे लिंक जारी हुआ, लोगों में जॉब कार्ड बनवाने की होड़ मच गई। कई पंचायतों में तो हर दिन सैकड़ों आवेदन आ रहे हैं। ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरई हरख में हाल ही में 244 लोगों के नाम पर नए जॉब कार्ड जारी किए गए हैं। इसी तरह बेरावां में 88, पश्चिमनारा में 43, सिंगरौर उपहार में 44 और आनापुर में 34 लोगों को जॉब कार्ड मिल चुके हैं। यही नहीं, लगभग हर गांव में जॉब कार्ड बनवाने वालों की संख्या अचानक बढ़ गई है।

 ग्रामीणों ने की सख्त जांच की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनके पास जॉब कार्ड नहीं होगा, तब तक उनका नाम किसी भी सरकारी योजना, खासकर प्रधानमंत्री आवास योजना में नहीं जुड़ पाएगा। इसी वजह से अब हर कोई जॉब कार्ड बनवाने की कोशिश में जुटा है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जॉब कार्ड बनाते समय सख्त जांच होनी चाहिए, ताकि जो लोग वास्तव में पात्र हैं, सिर्फ उन्हीं को इसका फायदा मिले। उनका कहना है कि अगर जांच सही से नहीं होगी तो गलत लोग भी लाभ ले लेंगे और असली जरूरतमंद पीछे रह जाएंगे।

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भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
04 Jul 2025 By Harsh Sharma

उत्तर प्रदेश: PM आवास योजना ने बढ़ाई हलचल, गांव-गांव जॉब कार्ड बनवाने की होड़!

UP में PM आवास योजना का असर, जॉब कार्ड बनवाने की होड़

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शुरू हुए सेल्फ सर्वे अभियान के बाद गांवों में जॉब कार्ड बनवाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। जैसे ही सरकार ने पात्रता जांचने के लिए खुद ऑनलाइन आवेदन करने का विकल्प दिया, वैसे ही बड़ी संख्या में लोगों ने जॉब कार्ड के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया। गांवों में अब ऐसे लोग भी जॉब कार्ड बनवा रहे हैं, जिन्हें पहले इसकी जरूरत नहीं थी। लेकिन अब उन्हें लग रहा है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए जॉब कार्ड जरूरी है।

सेल्फ सर्वे शुरू होते ही गांवों में जॉब कार्ड बनवाने की होड़

ग्राम रोजगार सेवकों का कहना है कि जैसे ही प्रधानमंत्री आवास योजना का ऑनलाइन सेल्फ सर्वे लिंक जारी हुआ, लोगों में जॉब कार्ड बनवाने की होड़ मच गई। कई पंचायतों में तो हर दिन सैकड़ों आवेदन आ रहे हैं। ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरई हरख में हाल ही में 244 लोगों के नाम पर नए जॉब कार्ड जारी किए गए हैं। इसी तरह बेरावां में 88, पश्चिमनारा में 43, सिंगरौर उपहार में 44 और आनापुर में 34 लोगों को जॉब कार्ड मिल चुके हैं। यही नहीं, लगभग हर गांव में जॉब कार्ड बनवाने वालों की संख्या अचानक बढ़ गई है।

 ग्रामीणों ने की सख्त जांच की मांग

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनके पास जॉब कार्ड नहीं होगा, तब तक उनका नाम किसी भी सरकारी योजना, खासकर प्रधानमंत्री आवास योजना में नहीं जुड़ पाएगा। इसी वजह से अब हर कोई जॉब कार्ड बनवाने की कोशिश में जुटा है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जॉब कार्ड बनाते समय सख्त जांच होनी चाहिए, ताकि जो लोग वास्तव में पात्र हैं, सिर्फ उन्हीं को इसका फायदा मिले। उनका कहना है कि अगर जांच सही से नहीं होगी तो गलत लोग भी लाभ ले लेंगे और असली जरूरतमंद पीछे रह जाएंगे।

https://bhartiyabasti.com/government-scheme/uttar-pradesh-pm-housing-scheme-increased-the-race-to-get/article-21235
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हर्ष शर्मा उत्तर प्रदेश में सक्रिय एक युवा डिजिटल पत्रकार हैं। उन्होंने Inkhabar, Expose India और Times Bull जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट राइटिंग और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में काम किया है। SEO फ्रेंडली लेखन और डिजिटल न्यूज प्रोडक्शन में अनुभव रखते हैं। वर्तमान में भारतीय बस्ती में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।