पशुपालन विभाग में फर्जी टेंडर मामला: STF ने पत्रकार समेत 3 को किया गिरफ्तार
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पशुपालन विभाग में फर्जी टेंडर के जरिए धोखाधड़ी कर कथित तौर पर 9 करोड़ 72 लाख की ठगी व जालसाजी करने वाले गिरोह के सदस्यों को यूपी एसटीएफ ने 3 अभियुक्तों ने गिरफ्तार किया. यूपी एसटीएफ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इनके खिलाफ IPC की धारा- 406, 419, 420, 467, 468, 471, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 13 के तहत लखनऊ स्थित हजरतगंज थाना में 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया.
पशुपालन विभाग से जुड़े कथित मामले में एसटीएफ ने अपनी विज्ञप्ति में बताया है कि इनकी गिरफ्तारी 14 जून को रात 9 बजे क्लार्क अवध होटल के पीछे महाराणा प्रताप मार्ग थाना हज़रतगंज, लखनऊ में हुई. बताया गया कि इनके पास से 2 सफारी स्ट्रोम कार बरामद , 4 मोबाइल फोन, 1 आधार कार्ड, 1 पेन कार्ड, 2 ड्राइविंग लाइसेंस, 4 एटीएम कार्ड, 1 मतदाता पहचान पत्र, और एक प्रेस मीडिया पहचान पत्र और 1000 रुपया बरामद हुआ है.
एसटीएफ ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में देवरिया निवासी अनिल राय , आजमगढ़ निवासी रूपक राय और प्रयागराज निवासी उमाशंकर तिवारी शामिल है. विज्ञप्ति में एसटीएफ ने दावा किया कि ‘पकड़े गए अभियुक्त अनिल राय ने बताया कि वह एक समाचार संस्थान में एडिटर हैं और इससे पहले गिरफ्तार अभियुक्त और अंतरराज्जीय ठग आशीष राय के साथी और संरक्षक हैं.’
विज्ञप्ति के अनुसार ‘अनिल ने कहा कि इसके बदले में वह आशीष राय से धन की मोटी रकम लेते हैं.’ एसटीएफ ने दावा किया है कि ‘अनिल राय, आशीष राय की धोखाधड़ी और जालसाजी में मदद के लिए अपने रसूख का इस्तेमाल करते थे. पकड़े गए अभियुक्त रूपक राय और उमाशंकर तिवारी जालसाज आशीष राय की धोखाधड़ी व जालसाजी में मदद करते हैं.’
यह भी पढ़ें: किस्सों की दुनिया में ‘पाकीज़ा’ फ़िल्म के कुछ अनछुए पहलू
पशुपालन विभाग में फर्जी टेंडर मामला: STF ने पत्रकार समेत 3 को किया गिरफ्तार
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पशुपालन विभाग में फर्जी टेंडर के जरिए धोखाधड़ी कर कथित तौर पर 9 करोड़ 72 लाख की ठगी व जालसाजी करने वाले गिरोह के सदस्यों को यूपी एसटीएफ ने 3 अभियुक्तों ने गिरफ्तार किया. यूपी एसटीएफ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इनके खिलाफ IPC की धारा- 406, 419, 420, 467, 468, 471, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 13 के तहत लखनऊ स्थित हजरतगंज थाना में 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया.
पशुपालन विभाग से जुड़े कथित मामले में एसटीएफ ने अपनी विज्ञप्ति में बताया है कि इनकी गिरफ्तारी 14 जून को रात 9 बजे क्लार्क अवध होटल के पीछे महाराणा प्रताप मार्ग थाना हज़रतगंज, लखनऊ में हुई. बताया गया कि इनके पास से 2 सफारी स्ट्रोम कार बरामद , 4 मोबाइल फोन, 1 आधार कार्ड, 1 पेन कार्ड, 2 ड्राइविंग लाइसेंस, 4 एटीएम कार्ड, 1 मतदाता पहचान पत्र, और एक प्रेस मीडिया पहचान पत्र और 1000 रुपया बरामद हुआ है.
एसटीएफ ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में देवरिया निवासी अनिल राय , आजमगढ़ निवासी रूपक राय और प्रयागराज निवासी उमाशंकर तिवारी शामिल है. विज्ञप्ति में एसटीएफ ने दावा किया कि ‘पकड़े गए अभियुक्त अनिल राय ने बताया कि वह एक समाचार संस्थान में एडिटर हैं और इससे पहले गिरफ्तार अभियुक्त और अंतरराज्जीय ठग आशीष राय के साथी और संरक्षक हैं.’
विज्ञप्ति के अनुसार ‘अनिल ने कहा कि इसके बदले में वह आशीष राय से धन की मोटी रकम लेते हैं.’ एसटीएफ ने दावा किया है कि ‘अनिल राय, आशीष राय की धोखाधड़ी और जालसाजी में मदद के लिए अपने रसूख का इस्तेमाल करते थे. पकड़े गए अभियुक्त रूपक राय और उमाशंकर तिवारी जालसाज आशीष राय की धोखाधड़ी व जालसाजी में मदद करते हैं.’
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