शिक्षा क्षेत्र में चल रही है सकारात्मक बदलाव की हवा सरकारी स्कूलों के प्रति बदलनी होगी सोच- आलोक
संवाददाता- बस्ती (भाब). राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान व एडूलीडर्स यूपी द्वारा आयोजित 10 दिवसीय ‘शिक्षा में आईसीटी प्रयोग’ वेबीनार में प्रदेश के 75 जनपदो के 250 चयनित शिक्षकों नें प्रतिभाग अपनी व्यवसायिक दक्षता बढ़ाई. समापन सत्र के मुख्य अतिथि नीति आयोग के सलाहकार आलोक कुमार रहे. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आलोक कुमार ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की हवा चल रही है. मिशन प्रेरणा जैसे क्रन्तिकारी कदम उठाए गए हैं जिससे निश्चित ही मार्च 2022 तक एक नया स्वरूप दिखेगा. उन्होंने शिक्षको के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षक अच्छे कार्यों को करने के साथ ही उनका प्रदर्शन भी करें. इससे समाज मे सरकारी स्कूलों के प्रति नकारात्मकता खत्म होगी.
उन्होंने सर्वेष्ट मिश्र के नेतृत्व में उत्साही एजुलीडर्स टीम की प्रसंशा करते हुए कहा कि यह बहुत सुखद स्थिति है जब खुद शिक्षक स्वप्रेरित होकर इस तरह आगे आए हैं.
उन्होंने एडुलीडर्स से अच्छे शिक्षको की कहानियां नीति आयोग से भी साझा करने को कहा जिसे वह अपने प्लेटफार्म से प्रसारित करेंगे. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों मे निश्चित ही उत्तर प्रदेश प्रेरक प्रदेश बनेगा और उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पूरे देश में रोल मॉडल के रूप में उभरेगी.
अति विशिष्ट अतिथि व नीति आयोग के डिप्टी सलाहकार हर्षित मिश्र ने कहा कि अब प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का समय है. शिक्षक लर्निंग आउटकम प्राप्त करने पर फोकस करें. इसके लिए योजना बनाएं और आईसीटी संसाधनों का प्रयोग टूल के रूप में करें. उन्होंने कहा कि तकनीक कभी शिक्षक की जगह नही ले सकती है. उन्होंने भारत सरकार व नीति आयोग द्वारा चलाये जा रहे विविध कार्यक्रमो की जानकारी देते हुए शिक्षक प्रशिक्षण व पर्यवेक्षण के क्षेत्र में बदलाव की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि भारत तभी आगे बढ़ेगा जब उत्तर प्रदेश आगे बढ़ेगा और उत्तर प्रदेश तभी आगे बढ़ेगा जब शिक्षा के क्षेत्र में सुधार होगा. इस सुधार में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. उन्होंने प्रदेश में वर्तमान में चलाए जा रहे शिक्षा सुधार के कार्यक्रमों व अच्छे शिक्षकों के प्रयासों को बढ़ावा देने हेतु बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह तथा ललिता प्रदीप व एजूलीडर्स टीम को बधाई दी.
बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने कहा कि शिक्षक अपने कार्य की फिक्र भी करें और उसका जिक्र भी करें व कार्य का डॉक्यूमेंटेशन भी करें. उन्होंने कहा कि हमारा रास्ता लंबा है और मंजिल दूर है लेकिन हमें थकना, रुकना और घबराना नहीं है. शिक्षकों का आह्वान किया कि वह सकारात्मक कहानियों को साझा करते रहें जिससे बच्चों और शिक्षकों के जीवन में प्रसन्नता आएगी.
विशिष्ट वक्ता मनोवैज्ञानिक एवं एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के जॉइंट सेक्रेटरी डॉ आलोक कुमार मिश्र ने ह्यूमन ब्रेन की संरचना व उसके कार्यों पर अपने विचार रखे. उन्होंने स्वयं को जानने व लक्ष्य निर्धारण पर अपनी बात रखते हुए कहा कि अब कोरोना काल के कारण लोगो को नए सिरे से अपने जीवन के लक्ष्य निर्धारित करने होंगे.
इससे पूर्व कार्यक्रम की शरुआत करते हुए एसआईईटी निदेशक ललिता प्रदीप ने कार्यक्रम की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि लॉकडाउन के समय में आईसीटी पर आधारित यह तीसरी तीसरी राज्य स्तरीय वेबीनार थी. इससे पूर्व लर्निंग असेसमेंट व स्कूल लीडरशीप पर वेबिबार आयोजित की जा चुकी है जो अब प्रदेश के सभी जनपदों में संचालित हो रही है और उसमे हजारों शिक्षक स्वतः प्रतिभाग कर रहे हैं. इस वेबिनार में प्रदेश के सभी 75 जनपदों के एडुलीडर्स टीम के लगभग 300 स्व प्रेरित शिक्षकों ने शामिल होकर व्यावसायिक दक्षता का विकास किया.
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों मे निश्चित ही इसके बहुत सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे. संयोजन करते हुए डॉ सर्वेष्ट मिश्र ने बताया कि एडूलीडर्स द्वारा इस तरह के वेबिनार से सभी 75 जनपदों के हजारों शिक्षक अपनी व्यावसायिक क्षमता को बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने आगे की कार्ययोजना भी साझा करते हुए कहा कि सभी एडुलीडर्स का उद्देश्य मिशन प्रेरणा को सफल बनाकर प्रेरक प्रदेश की संकल्पना को साकार करना है.
संयोजक डॉ सर्वेष्ट मिश्र ने बताया कि वेबिनार में विशेषज्ञ के रूप में देश के प्रसिद्ध प्ज् एक्सपर्ट जैसे सीआईईटी एनसीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ अमरेंद्र पी बेहरा,आईटी फॉर चेंज के संस्थापक गुरु काशिनाथन, नेशनल अवार्डी राजस्थान के विख्यात शिक्षक इमरान अहमद, अंतरराष्ट्रीय माइक्रोसॉफ्ट गुरु हरिकृष्ण आर्य, ब्रेन विहेवियर रिसर्च फाउंडेशन की महानिदेशक डॉ मीना मिश्रा, डॉ आलोक मिश्र, एचसीएल की सुधा व उनकी टीम सहित प्रदेश के सभी नेशनल आईसीटी अवार्डी शिक्षक डॉ सर्वेष्ट मिश्र, नेशनल आईसीटी अवॉर्डी आशुतोष आनंद अवस्थी, सुशील कुमार, संपन्न कुमार निगम, अल्पा निगम, रवि प्रताप सिंह, प्रतिमा सिंह, प्राणेश भूषण मिश्रा डायट प्रवक्ता डॉ आशुतोष श्रीवास्तव व विमल आनंद ने शिक्षकों को आईसीटी प्रयोग के गुर सिखाए. वेबिनार में पूरा तकनीकी संयोजन विमल आनन्द ने किया.प्रजेंटेशन निर्माण में डॉ आशुतोष श्रीवास्तव, स्वागत भाषण में श्वेता सोमवंशी, पोस्टर मेकिंग में विनीत पवार व पोस्ट निर्माण में वर्षा श्रीवास्तव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
शिक्षा क्षेत्र में चल रही है सकारात्मक बदलाव की हवा सरकारी स्कूलों के प्रति बदलनी होगी सोच- आलोक
संवाददाता- बस्ती (भाब). राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान व एडूलीडर्स यूपी द्वारा आयोजित 10 दिवसीय ‘शिक्षा में आईसीटी प्रयोग’ वेबीनार में प्रदेश के 75 जनपदो के 250 चयनित शिक्षकों नें प्रतिभाग अपनी व्यवसायिक दक्षता बढ़ाई. समापन सत्र के मुख्य अतिथि नीति आयोग के सलाहकार आलोक कुमार रहे. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आलोक कुमार ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की हवा चल रही है. मिशन प्रेरणा जैसे क्रन्तिकारी कदम उठाए गए हैं जिससे निश्चित ही मार्च 2022 तक एक नया स्वरूप दिखेगा. उन्होंने शिक्षको के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षक अच्छे कार्यों को करने के साथ ही उनका प्रदर्शन भी करें. इससे समाज मे सरकारी स्कूलों के प्रति नकारात्मकता खत्म होगी.
उन्होंने सर्वेष्ट मिश्र के नेतृत्व में उत्साही एजुलीडर्स टीम की प्रसंशा करते हुए कहा कि यह बहुत सुखद स्थिति है जब खुद शिक्षक स्वप्रेरित होकर इस तरह आगे आए हैं.
उन्होंने एडुलीडर्स से अच्छे शिक्षको की कहानियां नीति आयोग से भी साझा करने को कहा जिसे वह अपने प्लेटफार्म से प्रसारित करेंगे. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों मे निश्चित ही उत्तर प्रदेश प्रेरक प्रदेश बनेगा और उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पूरे देश में रोल मॉडल के रूप में उभरेगी.
अति विशिष्ट अतिथि व नीति आयोग के डिप्टी सलाहकार हर्षित मिश्र ने कहा कि अब प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का समय है. शिक्षक लर्निंग आउटकम प्राप्त करने पर फोकस करें. इसके लिए योजना बनाएं और आईसीटी संसाधनों का प्रयोग टूल के रूप में करें. उन्होंने कहा कि तकनीक कभी शिक्षक की जगह नही ले सकती है. उन्होंने भारत सरकार व नीति आयोग द्वारा चलाये जा रहे विविध कार्यक्रमो की जानकारी देते हुए शिक्षक प्रशिक्षण व पर्यवेक्षण के क्षेत्र में बदलाव की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि भारत तभी आगे बढ़ेगा जब उत्तर प्रदेश आगे बढ़ेगा और उत्तर प्रदेश तभी आगे बढ़ेगा जब शिक्षा के क्षेत्र में सुधार होगा. इस सुधार में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. उन्होंने प्रदेश में वर्तमान में चलाए जा रहे शिक्षा सुधार के कार्यक्रमों व अच्छे शिक्षकों के प्रयासों को बढ़ावा देने हेतु बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह तथा ललिता प्रदीप व एजूलीडर्स टीम को बधाई दी.
बेसिक शिक्षा निदेशक डॉ सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने कहा कि शिक्षक अपने कार्य की फिक्र भी करें और उसका जिक्र भी करें व कार्य का डॉक्यूमेंटेशन भी करें. उन्होंने कहा कि हमारा रास्ता लंबा है और मंजिल दूर है लेकिन हमें थकना, रुकना और घबराना नहीं है. शिक्षकों का आह्वान किया कि वह सकारात्मक कहानियों को साझा करते रहें जिससे बच्चों और शिक्षकों के जीवन में प्रसन्नता आएगी.
विशिष्ट वक्ता मनोवैज्ञानिक एवं एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के जॉइंट सेक्रेटरी डॉ आलोक कुमार मिश्र ने ह्यूमन ब्रेन की संरचना व उसके कार्यों पर अपने विचार रखे. उन्होंने स्वयं को जानने व लक्ष्य निर्धारण पर अपनी बात रखते हुए कहा कि अब कोरोना काल के कारण लोगो को नए सिरे से अपने जीवन के लक्ष्य निर्धारित करने होंगे.
इससे पूर्व कार्यक्रम की शरुआत करते हुए एसआईईटी निदेशक ललिता प्रदीप ने कार्यक्रम की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि लॉकडाउन के समय में आईसीटी पर आधारित यह तीसरी तीसरी राज्य स्तरीय वेबीनार थी. इससे पूर्व लर्निंग असेसमेंट व स्कूल लीडरशीप पर वेबिबार आयोजित की जा चुकी है जो अब प्रदेश के सभी जनपदों में संचालित हो रही है और उसमे हजारों शिक्षक स्वतः प्रतिभाग कर रहे हैं. इस वेबिनार में प्रदेश के सभी 75 जनपदों के एडुलीडर्स टीम के लगभग 300 स्व प्रेरित शिक्षकों ने शामिल होकर व्यावसायिक दक्षता का विकास किया.
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों मे निश्चित ही इसके बहुत सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे. संयोजन करते हुए डॉ सर्वेष्ट मिश्र ने बताया कि एडूलीडर्स द्वारा इस तरह के वेबिनार से सभी 75 जनपदों के हजारों शिक्षक अपनी व्यावसायिक क्षमता को बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने आगे की कार्ययोजना भी साझा करते हुए कहा कि सभी एडुलीडर्स का उद्देश्य मिशन प्रेरणा को सफल बनाकर प्रेरक प्रदेश की संकल्पना को साकार करना है.
संयोजक डॉ सर्वेष्ट मिश्र ने बताया कि वेबिनार में विशेषज्ञ के रूप में देश के प्रसिद्ध प्ज् एक्सपर्ट जैसे सीआईईटी एनसीईआरटी के संयुक्त निदेशक डॉ अमरेंद्र पी बेहरा,आईटी फॉर चेंज के संस्थापक गुरु काशिनाथन, नेशनल अवार्डी राजस्थान के विख्यात शिक्षक इमरान अहमद, अंतरराष्ट्रीय माइक्रोसॉफ्ट गुरु हरिकृष्ण आर्य, ब्रेन विहेवियर रिसर्च फाउंडेशन की महानिदेशक डॉ मीना मिश्रा, डॉ आलोक मिश्र, एचसीएल की सुधा व उनकी टीम सहित प्रदेश के सभी नेशनल आईसीटी अवार्डी शिक्षक डॉ सर्वेष्ट मिश्र, नेशनल आईसीटी अवॉर्डी आशुतोष आनंद अवस्थी, सुशील कुमार, संपन्न कुमार निगम, अल्पा निगम, रवि प्रताप सिंह, प्रतिमा सिंह, प्राणेश भूषण मिश्रा डायट प्रवक्ता डॉ आशुतोष श्रीवास्तव व विमल आनंद ने शिक्षकों को आईसीटी प्रयोग के गुर सिखाए. वेबिनार में पूरा तकनीकी संयोजन विमल आनन्द ने किया.प्रजेंटेशन निर्माण में डॉ आशुतोष श्रीवास्तव, स्वागत भाषण में श्वेता सोमवंशी, पोस्टर मेकिंग में विनीत पवार व पोस्ट निर्माण में वर्षा श्रीवास्तव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
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भारतीय बस्ती, बस्ती और अयोध्या से प्रकाशित होने वाला प्रमुख समाचार पत्र है. इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग भारतीय बस्ती के संवाददाताओं द्वारा ज़मीनी स्तर पर की गई है