बस्ती को मिली नई इंडस्ट्री की सौगात! 350 करोड़ की फैक्ट्री से बदल जाएगी हजारों लोगों की जिंदगी
दसिया में बन रही फैक्ट्री से किसानों को मिलेगा फायदा
By Vikas kumar
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बस्ती, वाल्टरगंज सुगर मिल के बंद हो जाने के बाद जनपद में एथनाल उत्पादन के लिये बड़ी फैक्ट्री का निर्माण सल्टौआ गोपालपुर विकास खण्ड क्षेत्र के दसिया में हो रहा है. कारखाने के शीघ्र शुरू हो जाने की उम्मीद है. इसके शुरू होने से लगभग 700 लोगों को सीधे और 2 हजार लोगों को अपरोक्ष रोजगार मिलेगा. अनीता डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल अधिकारी पी.एन. पाण्डेय ने बताया कि लगभग 350 करोड़ की लागत से बनने वाले कारखाने में एथनाल का निर्माण किया जायेगा.
धान-मक्का और भूसी से बनेगा इथेनॉल
उन्होने बताया कि कारखाने में प्रदूषण नियंत्रण की पूरी व्यवस्था की गई है. बताया कि मक्का और चावल से एथनाल पैदा किया जायेगा. इससे जहां ऊर्जा संकट दूर होगा वहीं विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी. भारत सरकार की संस्तुति पर बन रहे कारखाने में भूजल यानी पानी से नहीं धान, मक्का और भूसी से इथेनाल बनेगा.
350 करोड़ की फैक्ट्री, 800 लोगों को रोजगार
कम्पनी का खुद का 7 मेगावट का पावर प्लांट, वायु प्रदूषण मुक्त 72 मीटर ऊँची चिमनी, लगभग 350 करोड़ की लागत से बनने वाली फैक्ट्री , 6 से 8 सौ कर्मचारी, जल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानक पर खरा उतरने वाला प्लांट, सैकड़ों लोगों को होटल, चाय, पानी, बिस्कुट, सुर्ती बीड़ी, गुटखा जैसे दुकान खोलने वालों को अप्रत्यक्ष रोजगार देगा.
यह पूंछे जाने पर कि कुछ लोग किस आधार पर फैक्ट्री निर्माण का विरोध कर रहे हैं निदेशक सुधीर जायसवाल ने बताया कि यह उनका अपना निजी दृष्टिकोण है. यहां फैक्ट्री पूरे मानक और नियमों के अनुसार हो रहा है. इससे क्षेत्र के किसानों और बेरोजगारों को सर्वाधिक लाभ होगा.
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bhartiyabasti.com
27 Jun 2026 By Vikas kumar
बस्ती को मिली नई इंडस्ट्री की सौगात! 350 करोड़ की फैक्ट्री से बदल जाएगी हजारों लोगों की जिंदगी
दसिया में बन रही फैक्ट्री से किसानों को मिलेगा फायदा
बस्ती, वाल्टरगंज सुगर मिल के बंद हो जाने के बाद जनपद में एथनाल उत्पादन के लिये बड़ी फैक्ट्री का निर्माण सल्टौआ गोपालपुर विकास खण्ड क्षेत्र के दसिया में हो रहा है. कारखाने के शीघ्र शुरू हो जाने की उम्मीद है. इसके शुरू होने से लगभग 700 लोगों को सीधे और 2 हजार लोगों को अपरोक्ष रोजगार मिलेगा. अनीता डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल अधिकारी पी.एन. पाण्डेय ने बताया कि लगभग 350 करोड़ की लागत से बनने वाले कारखाने में एथनाल का निर्माण किया जायेगा.
धान-मक्का और भूसी से बनेगा इथेनॉल
उन्होने बताया कि कारखाने में प्रदूषण नियंत्रण की पूरी व्यवस्था की गई है. बताया कि मक्का और चावल से एथनाल पैदा किया जायेगा. इससे जहां ऊर्जा संकट दूर होगा वहीं विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी. भारत सरकार की संस्तुति पर बन रहे कारखाने में भूजल यानी पानी से नहीं धान, मक्का और भूसी से इथेनाल बनेगा.
350 करोड़ की फैक्ट्री, 800 लोगों को रोजगार
कम्पनी का खुद का 7 मेगावट का पावर प्लांट, वायु प्रदूषण मुक्त 72 मीटर ऊँची चिमनी, लगभग 350 करोड़ की लागत से बनने वाली फैक्ट्री , 6 से 8 सौ कर्मचारी, जल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानक पर खरा उतरने वाला प्लांट, सैकड़ों लोगों को होटल, चाय, पानी, बिस्कुट, सुर्ती बीड़ी, गुटखा जैसे दुकान खोलने वालों को अप्रत्यक्ष रोजगार देगा.
यह पूंछे जाने पर कि कुछ लोग किस आधार पर फैक्ट्री निर्माण का विरोध कर रहे हैं निदेशक सुधीर जायसवाल ने बताया कि यह उनका अपना निजी दृष्टिकोण है. यहां फैक्ट्री पूरे मानक और नियमों के अनुसार हो रहा है. इससे क्षेत्र के किसानों और बेरोजगारों को सर्वाधिक लाभ होगा.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है