बस्ती में टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का विरोध, काली पट्टी बांधकर पढ़ाया
Basti News
Leading Hindi News Website
On
राष्ट्रीय स्तर पर कई शिक्षक संगठनों से बने टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है. टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर सोमवार को शिक्षक और शिक्षिकाओं ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया जो आगामी 25 फरवरी बुधवार तक चलेगा.
इससे पहले बीते 22 फरवरी को राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर शिक्षकों ने एक बड़ा ट्विटर अभियान चलाया था. इस अभियान के माध्यम से उन्होंने अपनी मांगों को सोशल मीडिया के जरिए सरकार तक पहुंचाया था. उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चन्द्रिका सिंह ने बताया कि सभी शिक्षक संघो ने एक मंच पर आकर रविवार को टीईटी अनिवार्यता के विरोध में ट्विटर अभियान चलाया जो लगातार 4 घंटे तक एक नंबर पर ट्रेंड किया.
सोमवार को जनपद के सभी शिक्षकों ने अपने- अपने विद्यालय पर काली पट्टी बांधकर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में प्रदर्शन कर शिक्षण कार्य किया. जो कि बुधवार तक चलेगा. उन्होंने कहा कि शिक्षकों की एकजुटता से टीईटी से मुक्ति अवश्य मिलेगी. जनपदीय मंत्री बालकृष्ण ओझा ने बताया कि 26 फरवरी को पूरे देश मे बीएसए कार्यालय पर शिक्षक धरना देंगे और पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौपेंगे.
जिला कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव व जिला उपाध्यक्ष रवीश मिश्र ने बताया कि यदि सरकार शिक्षको के हित मे कोई फैसला नही लेती है तो पूरे देश के शिक्षक टेट अनिवार्यता के विरोध में मार्च माह में दिल्ली में भी धरना प्रदर्शन करेंगे. तहसील अध्यक्ष उमाकांत शुक्ल, राजकुमार तिवारी और शिवरतन ने बताया कि ये अव्यवहारिक आदेश है जब शिक्षको ने भर्ती के समय सभी मानक पूर्ण किये थे तो अब उन पर जबरन टीईटी की अनिवार्यता उनको नौकरी से निकालने की साजिश है. रामनगर ब्लॉक में ब्लॉक अध्यक्ष रवि सिंह, सल्टौआ में ब्लॉक मंत्री विवेक सिंह तथा रुधौली में ब्लॉक मंत्री रामभवन के नेतृत्व में शिक्षको ने काली पट्टी बांधकर बीआरसी पर बड़ी संख्या में पहुचकर विरोध प्रदर्शन किया.
On
ताजा खबरें
About The Author
भारतीय बस्ती, बस्ती और अयोध्या से प्रकाशित होने वाला प्रमुख समाचार पत्र है. इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग भारतीय बस्ती के संवाददाताओं द्वारा ज़मीनी स्तर पर की गई है