बस्ती में मिसाल बनी सुमन की शादी, उर्मिला फाउंडेशन ने निभाया भाई का फर्ज
बस्ती शहर ने 19 मई मंगलवार की रात्रि में परस्पर सहयोग का अनूठा उदाहरण देखा जहां उर्मिला फाउन्डेशन के संस्थापक भारतीय जनता पार्टी नेता आलोक पाण्डेय की पहल पर एक बेटी का विवाह धूमधाह से बडे बन स्थित शारदा मैेरेज हाल में सम्पन्न हुआ. बड़ी संख्या में लोगांें ने सहयोग किया. पतेलवा निवासिनी मां कमलावती गरीबी की मार से परेशान थी, पति का पहले ही निधन हो गया था.
उसे यह भय सता रहा था कि उसकी बेटी सुमन के हाथ कैसे पीले होंगे. जब इसकी जानकारी उर्मिला फाउन्डेशन के संस्थापक आलोक पाण्डेय को हुई तो वे सुमन के भाई के रूप में सामने आये और विवाह की सारी रश्मे निभायी. मां कमलावती की आंखों को भरोसा नहीं हो रहा था कि उसकी बेटी सुमन का विवाह इतनी भव्यता से हो रहा है. सुमन की आंखों में भरोसा और खुशी के आंसू थे. बुधवार को उसकी विदाई हुई तो लोगों ने कई उपहार सौपे. दुबौलिया विकास खण्ड क्षेत्र के बरसाव निवासी रामकुमार के साथ धूम धाम के से सम्पन्न हुई. बैण्ड बाजा, डीजे के बीच द्वारचार से लेकर विवाह तक शहर के अनेक विशिष्ट जन उपस्थित रहे और वर-बधू को आशीर्वाद दिया.
सुमन के विवाह में मुख्य रूप से नवीन श्रीवास्तव, महफूज, बब्लू तिवारी, ईश्वरा मिश्रा, संदीप तिवारी, गिरजेश श्रीवास्तव, शनिदेव मणि त्रिपाठी, उपेन्द्र शुक्ल, विवेक पाण्डेय, विकास चौधरी, कृष्ण कुमार उर्फ सोनू पाण्डेय, मुरली पाण्डेय, मोनू पाण्डेय, विजय मिश्र, अशोक वर्मा, राजकुमार गौड़, पिकूं पाण्डेय, प्रियांशु तिवारी, अनुराग शुक्ल, सौरभ पाण्डेय, दुर्गेश पाण्डेय, दीप पाण्डेय, अवधेश उपाध्याय, सूर्या उपाध्याय, सिद्धार्थ पाण्डेय, माता प्रसाद निषाद, शशांक पाण्डेय, शिवम पाण्डेय, शौर्य प्रताप सिंह, आनन्द शुक्ल, रोहित दूबे, महेन्द्र गुप्ता, विजय मिश्रा, दिव्यांशु दूबे आदि साक्षी बने और सहयोग किया.
बस्ती में मिसाल बनी सुमन की शादी, उर्मिला फाउंडेशन ने निभाया भाई का फर्ज
बस्ती शहर ने 19 मई मंगलवार की रात्रि में परस्पर सहयोग का अनूठा उदाहरण देखा जहां उर्मिला फाउन्डेशन के संस्थापक भारतीय जनता पार्टी नेता आलोक पाण्डेय की पहल पर एक बेटी का विवाह धूमधाह से बडे बन स्थित शारदा मैेरेज हाल में सम्पन्न हुआ. बड़ी संख्या में लोगांें ने सहयोग किया. पतेलवा निवासिनी मां कमलावती गरीबी की मार से परेशान थी, पति का पहले ही निधन हो गया था.
उसे यह भय सता रहा था कि उसकी बेटी सुमन के हाथ कैसे पीले होंगे. जब इसकी जानकारी उर्मिला फाउन्डेशन के संस्थापक आलोक पाण्डेय को हुई तो वे सुमन के भाई के रूप में सामने आये और विवाह की सारी रश्मे निभायी. मां कमलावती की आंखों को भरोसा नहीं हो रहा था कि उसकी बेटी सुमन का विवाह इतनी भव्यता से हो रहा है. सुमन की आंखों में भरोसा और खुशी के आंसू थे. बुधवार को उसकी विदाई हुई तो लोगों ने कई उपहार सौपे. दुबौलिया विकास खण्ड क्षेत्र के बरसाव निवासी रामकुमार के साथ धूम धाम के से सम्पन्न हुई. बैण्ड बाजा, डीजे के बीच द्वारचार से लेकर विवाह तक शहर के अनेक विशिष्ट जन उपस्थित रहे और वर-बधू को आशीर्वाद दिया.
सुमन के विवाह में मुख्य रूप से नवीन श्रीवास्तव, महफूज, बब्लू तिवारी, ईश्वरा मिश्रा, संदीप तिवारी, गिरजेश श्रीवास्तव, शनिदेव मणि त्रिपाठी, उपेन्द्र शुक्ल, विवेक पाण्डेय, विकास चौधरी, कृष्ण कुमार उर्फ सोनू पाण्डेय, मुरली पाण्डेय, मोनू पाण्डेय, विजय मिश्र, अशोक वर्मा, राजकुमार गौड़, पिकूं पाण्डेय, प्रियांशु तिवारी, अनुराग शुक्ल, सौरभ पाण्डेय, दुर्गेश पाण्डेय, दीप पाण्डेय, अवधेश उपाध्याय, सूर्या उपाध्याय, सिद्धार्थ पाण्डेय, माता प्रसाद निषाद, शशांक पाण्डेय, शिवम पाण्डेय, शौर्य प्रताप सिंह, आनन्द शुक्ल, रोहित दूबे, महेन्द्र गुप्ता, विजय मिश्रा, दिव्यांशु दूबे आदि साक्षी बने और सहयोग किया.
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