बिना कोचिंग बनीं अफसर, बस्ती की रितिका शुक्ला की सफलता की कहानी

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बिना कोचिंग बनीं अफसर, बस्ती की रितिका शुक्ला की सफलता की कहानी
बिना कोचिंग बनीं अफसर, बस्ती की रितिका शुक्ला की सफलता की कहानी

 हर्रैया क्षेत्र की प्रतिभाशाली बेटी रितिका शुक्ला ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (पीसीएस) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम गौरवान्वित किया है. उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) जैसे प्रतिष्ठित पद पर चयनित होकर यह साबित कर दिया कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है.

रितिका शुक्ला की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है. जैसे ही उनके चयन की खबर फैली, परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का उनके घर तांता लग गया. लोगों ने मिठाई खिलाकर, फूल-मालाओं से स्वागत कर और शुभकामनाएं देकर उनकी सफलता का जश्न मनाया. गांव और आसपास के इलाकों में भी खुशी की लहर देखी जा रही है.

रितिका शुक्ला की प्रारम्भिक शिक्षा लिटिल फ्लावर्स कटरा, कक्षा 9 से 12 तक बालिका विद्या मंदिर राम बाग और स्नातक और बीएड  की शिक्षा आर.सी.सी. डिग्री कालेज और एमएससी की शिक्षा शिव हर्ष किसान पी.जी. कालेज बस्ती से किया. रितिका शुक्ला के पिता शिव सहाय शुक्ल अधिवक्ता और माता गृहणी है. रितिका शुक्ला ने यह सफलता अपने प्रयास से अर्जित किया है और उसने कोई कोई कोचिंग नहीं किया.

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परिवार के सदस्यों ने बताया कि रितिका शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और कठिन परिश्रम को दिया है. रितिका ने सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी की, जिसका परिणाम आज सबके सामने है.

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स्थानीय लोगों का कहना है कि रितिका शुक्ला की यह सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है. उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने के लिए पूरी निष्ठा से प्रयास किया जाए, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है. खासकर ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए रितिका एक मिसाल बनकर उभरी हैं, जिन्होंने यह साबित किया है कि वे भी किसी से कम नहीं हैं.

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शिक्षकों और समाज के बुद्धिजीवियों ने भी रितिका की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है. आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा लेकर अपने सपनों को साकार करने का प्रयास करेंगी.
रितिका शुक्ला की इस ऐतिहासिक सफलता ने बस्ती जनपद को एक बार फिर गौरवान्वित किया है और यह साबित कर दिया है कि यहां की बेटियां भी हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं.

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bhartiyabasti.com
30 Mar 2026 By Vikas kumar

बिना कोचिंग बनीं अफसर, बस्ती की रितिका शुक्ला की सफलता की कहानी

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 हर्रैया क्षेत्र की प्रतिभाशाली बेटी रितिका शुक्ला ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (पीसीएस) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम गौरवान्वित किया है. उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में असिस्टेंट कमिश्नर (कमर्शियल टैक्स) जैसे प्रतिष्ठित पद पर चयनित होकर यह साबित कर दिया कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है.

रितिका शुक्ला की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है. जैसे ही उनके चयन की खबर फैली, परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का उनके घर तांता लग गया. लोगों ने मिठाई खिलाकर, फूल-मालाओं से स्वागत कर और शुभकामनाएं देकर उनकी सफलता का जश्न मनाया. गांव और आसपास के इलाकों में भी खुशी की लहर देखी जा रही है.

रितिका शुक्ला की प्रारम्भिक शिक्षा लिटिल फ्लावर्स कटरा, कक्षा 9 से 12 तक बालिका विद्या मंदिर राम बाग और स्नातक और बीएड  की शिक्षा आर.सी.सी. डिग्री कालेज और एमएससी की शिक्षा शिव हर्ष किसान पी.जी. कालेज बस्ती से किया. रितिका शुक्ला के पिता शिव सहाय शुक्ल अधिवक्ता और माता गृहणी है. रितिका शुक्ला ने यह सफलता अपने प्रयास से अर्जित किया है और उसने कोई कोई कोचिंग नहीं किया.

परिवार के सदस्यों ने बताया कि रितिका शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और कठिन परिश्रम को दिया है. रितिका ने सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी की, जिसका परिणाम आज सबके सामने है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि रितिका शुक्ला की यह सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है. उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने के लिए पूरी निष्ठा से प्रयास किया जाए, तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है. खासकर ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए रितिका एक मिसाल बनकर उभरी हैं, जिन्होंने यह साबित किया है कि वे भी किसी से कम नहीं हैं.

शिक्षकों और समाज के बुद्धिजीवियों ने भी रितिका की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है. आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा लेकर अपने सपनों को साकार करने का प्रयास करेंगी.
रितिका शुक्ला की इस ऐतिहासिक सफलता ने बस्ती जनपद को एक बार फिर गौरवान्वित किया है और यह साबित कर दिया है कि यहां की बेटियां भी हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं.

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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है