बंजरिया फार्म के बाउन्ड्रीवाल के निर्माण में मानकों की अनदेखी बनेगी मुसीबत
कन्हैया सिंह
बस्ती (भाब) . फसलों सहित अन्य सामानों को नुकसान से बचाने के लिए बंजरिया फार्म में हो रहे बाउण्ड्रीवाल के निर्माण में मानक की अनदेखी कर दी गई. तकनीकी ध्यान न देने के चलते फार्म का दक्षिणी भाग ऊंचा है, जबकि उत्तरी भाग नीचा. तकनीकी जानकारों का मानना है कि ऐसे में फार्म पर जब भी फसल बुआई के लिए जमीनो के समतलीकरण का कार्य कराया जायेगा बाउन्ड्री वाल की ऊंचाई बहुत कम हो जायेगी. ऐसे में फार्म हाउस पर बाउण्ड्रीवाल के निर्माण के बावजूद उसका लाभ नहीं मिल पाएगा. फसलो के नुकसान एवं असामाजिक तत्वो से भय की आशंका बनी रहेगी.
राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोटवा स्थित बंजरिया फार्म पर फसल एवं अन्य सामानों को नुकसान से बचाने के लिए बाउन्ड्री वाल निर्माण कार्य लगभग पूरा होने को है. लेकिन धरातल पर बाउन्ड्री वाल तैयार को तैयार करने में तकनीक ध्यान नही दिया गया हैं. ऐसे में बाउन्ड्री वाल के निर्माण की उपयोगिता को लेकर फार्म हाउस के आस पास के ग्राम पंचायतो के प्रधानो ने सवाल उठाए है. कोइलपुरा, मरहा, गोटवा, चितरगडिया,भोपालपुर, रैकवार गांव के प्रधानो का कहना है कि बाउन्ड्री वाल के बनने के बाद भी यहां फसलो एवं अन्य सामानो की सुरक्षा संभव नही है.
लोगों का कहना है कि यदि यहां फल अनुसंधान केन्द्र की तरह लोहे की एगिल या जाली लगा दी जाय तो वहां फसलो की सुरक्षा के साथ ही परिसर में असामाजिक तत्वो के आने जाने पर पाबंदी लग जायगी. प्रदेश के कृषि मत्री द्वारा बजंरिया फार्म के चहार दीवारी एवं किसान भवन की राशि आवटित कर दी गई. चहारदीवारी का कार्य अपने अन्तिम चरण में है. लेकिन यदि कृषि विज्ञान केन्द्र की जमीन बराबर करने स्थित आयी, तो चहार दिवारी की ऊचाई लगभग पूरी तरह समाप्त हो जायेगी. यदि चहारदीवार के पिलर पर दो मीटर एगल लगाकर लोहे की जाली से ऊंचा कर दिया जाय तो उसे जंगली जानवरो और अवांछित तत्वों से सुरक्षित किया जा सकता है.
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बंजरिया फार्म के बाउन्ड्रीवाल के निर्माण में मानकों की अनदेखी बनेगी मुसीबत
कन्हैया सिंह
बस्ती (भाब) . फसलों सहित अन्य सामानों को नुकसान से बचाने के लिए बंजरिया फार्म में हो रहे बाउण्ड्रीवाल के निर्माण में मानक की अनदेखी कर दी गई. तकनीकी ध्यान न देने के चलते फार्म का दक्षिणी भाग ऊंचा है, जबकि उत्तरी भाग नीचा. तकनीकी जानकारों का मानना है कि ऐसे में फार्म पर जब भी फसल बुआई के लिए जमीनो के समतलीकरण का कार्य कराया जायेगा बाउन्ड्री वाल की ऊंचाई बहुत कम हो जायेगी. ऐसे में फार्म हाउस पर बाउण्ड्रीवाल के निर्माण के बावजूद उसका लाभ नहीं मिल पाएगा. फसलो के नुकसान एवं असामाजिक तत्वो से भय की आशंका बनी रहेगी.
राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोटवा स्थित बंजरिया फार्म पर फसल एवं अन्य सामानों को नुकसान से बचाने के लिए बाउन्ड्री वाल निर्माण कार्य लगभग पूरा होने को है. लेकिन धरातल पर बाउन्ड्री वाल तैयार को तैयार करने में तकनीक ध्यान नही दिया गया हैं. ऐसे में बाउन्ड्री वाल के निर्माण की उपयोगिता को लेकर फार्म हाउस के आस पास के ग्राम पंचायतो के प्रधानो ने सवाल उठाए है. कोइलपुरा, मरहा, गोटवा, चितरगडिया,भोपालपुर, रैकवार गांव के प्रधानो का कहना है कि बाउन्ड्री वाल के बनने के बाद भी यहां फसलो एवं अन्य सामानो की सुरक्षा संभव नही है.
लोगों का कहना है कि यदि यहां फल अनुसंधान केन्द्र की तरह लोहे की एगिल या जाली लगा दी जाय तो वहां फसलो की सुरक्षा के साथ ही परिसर में असामाजिक तत्वो के आने जाने पर पाबंदी लग जायगी. प्रदेश के कृषि मत्री द्वारा बजंरिया फार्म के चहार दीवारी एवं किसान भवन की राशि आवटित कर दी गई. चहारदीवारी का कार्य अपने अन्तिम चरण में है. लेकिन यदि कृषि विज्ञान केन्द्र की जमीन बराबर करने स्थित आयी, तो चहार दिवारी की ऊचाई लगभग पूरी तरह समाप्त हो जायेगी. यदि चहारदीवार के पिलर पर दो मीटर एगल लगाकर लोहे की जाली से ऊंचा कर दिया जाय तो उसे जंगली जानवरो और अवांछित तत्वों से सुरक्षित किया जा सकता है.
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