लॉकडाउन में घर लौटे प्रवासी मजदूरों को मिलेगा काम, करनी होगी यह ट्रेनिंग
बस्ती. जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने कहा है कि उद्यान विभाग द्वारा दिए जा रहे माली का प्रशिक्षण प्रवासी कामगारों के लिए एक बेहतर अवसर है. वह एक महीने का ट्रेनिंग प्राप्त कर अपने गांव में ही रह कर के नर्सरी तैयार कर सकते हैं. साथ ही कहीं नौकरी के लिए भी आवेदन कर सकते हैं. वे औद्यानिक प्रशिक्षण केंद्र में एक माह के लिए संचालित माली प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी लोगों को लखनऊ, अयोध्या एवं गोरखपुर ले जाकर नर्सरी बनाने तथा उसको संवर्धन करने के संबंध में वहां के पार्क का निरीक्षण कराया जाएगा, जिससे कि आने वाले समय में उसी प्रकार नर्सरी तैयार कर वे भी अपना जीविकोपार्जन कर सकें.
जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण लाकडाउन की अवधि में बस्ती जिले में लौटे प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार द्वारा यह बेहतर अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें. उन्होंने कहा कि बस्ती की भूमि बेहद उपजाऊ है और यहां पर लोग कम लागत और मेहनत में अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.
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लॉकडाउन में लौटे प्रवासी मजदूरों को मिलेगी ट्रेनिंग
उन्होंने फूलों की खेती की चर्चा करते हुए कहा कि फूलों की आवश्यकता दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और इसका अच्छा दाम भी मिल जाता है. इसके लिए भी प्रयास किया जा सकता है. बस्ती जिले में फूलों की बेहद कमी है और यह बाहरी जिलों से मंगाना पड़ता है.
प्रशिक्षण सत्र के बारे में संयुक्त निदेशक उद्यान डॉ अतुल सिंह ने बताया कि यह एक माह का प्रशिक्षण है. इसमें प्रवासी कामगारों एवं महिला स्वयं सहायता समूह को शामिल किया गया है. इनको नर्सरी तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण के बाद नर्सरी तैयार करने के लिए इन्हें मनरेगा से भी सहयोग किया जाएगा. इस दौरान पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा, सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, उपायुक्त एनआरएलएम रामदुलार, उद्यान अधिकारी राजेंद्र प्रसाद एवं शिक्षार्थीगण उपस्थित रहे.
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लॉकडाउन में घर लौटे प्रवासी मजदूरों को मिलेगा काम, करनी होगी यह ट्रेनिंग
बस्ती. जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने कहा है कि उद्यान विभाग द्वारा दिए जा रहे माली का प्रशिक्षण प्रवासी कामगारों के लिए एक बेहतर अवसर है. वह एक महीने का ट्रेनिंग प्राप्त कर अपने गांव में ही रह कर के नर्सरी तैयार कर सकते हैं. साथ ही कहीं नौकरी के लिए भी आवेदन कर सकते हैं. वे औद्यानिक प्रशिक्षण केंद्र में एक माह के लिए संचालित माली प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी लोगों को लखनऊ, अयोध्या एवं गोरखपुर ले जाकर नर्सरी बनाने तथा उसको संवर्धन करने के संबंध में वहां के पार्क का निरीक्षण कराया जाएगा, जिससे कि आने वाले समय में उसी प्रकार नर्सरी तैयार कर वे भी अपना जीविकोपार्जन कर सकें.
जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण लाकडाउन की अवधि में बस्ती जिले में लौटे प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार द्वारा यह बेहतर अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें. उन्होंने कहा कि बस्ती की भूमि बेहद उपजाऊ है और यहां पर लोग कम लागत और मेहनत में अच्छा उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं.
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लॉकडाउन में लौटे प्रवासी मजदूरों को मिलेगी ट्रेनिंग
उन्होंने फूलों की खेती की चर्चा करते हुए कहा कि फूलों की आवश्यकता दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और इसका अच्छा दाम भी मिल जाता है. इसके लिए भी प्रयास किया जा सकता है. बस्ती जिले में फूलों की बेहद कमी है और यह बाहरी जिलों से मंगाना पड़ता है.
प्रशिक्षण सत्र के बारे में संयुक्त निदेशक उद्यान डॉ अतुल सिंह ने बताया कि यह एक माह का प्रशिक्षण है. इसमें प्रवासी कामगारों एवं महिला स्वयं सहायता समूह को शामिल किया गया है. इनको नर्सरी तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण के बाद नर्सरी तैयार करने के लिए इन्हें मनरेगा से भी सहयोग किया जाएगा. इस दौरान पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा, सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, उपायुक्त एनआरएलएम रामदुलार, उद्यान अधिकारी राजेंद्र प्रसाद एवं शिक्षार्थीगण उपस्थित रहे.
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