बस्ती लॉकडाउन में ढील: धीरे-धीरे लौट रही है बाजारों में रौनक

बस्ती लॉकडाउन में ढील: धीरे-धीरे लौट रही है बाजारों में रौनक
Basti Lockdown

अनूप मिश्रा
बस्ती (भा.ब.).
कोरोना महामारी को लेकर सरकार द्वारा लॉकडाउन की घोषणा किए जाने के बाद बाजारों में सन्नाटा छा गया था. जिसे लॉकडाउन के पांचवें संस्करण में सरकार के दिशा निर्देशों के बाद धीरे-धीरे खोला जा रहा है. लॉकडाउन में ढील दिए जाने से लोगों ने राहत की सांस लिया है. कुछ जरूरी सामानों के दुकानों को छोड़ कर बाकी बाजार अब तक बंद रहा. जिससे उन दुकानों पर काम करने वालों के सामने परिजनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए संकट खड़ा हो गया था.

दवा, किराना, सब्जी, दूध जैसे आवश्यक सामानों की दुकानें छोड़ कर इस दौरान बाकी सभी दुकानें बंद रहीं. कोरोना रोकने के लिए सरकार के जारी निर्देशों का लोगों ने भी कमोबेश पालन किया. जिससे शुरूआती दिनों में कोरोना के मरीज कम दिखे. जब औद्योगिक प्रदेशो के मरीजों का अपने घरों की तरफ पलायन शुरू हुआ तो स्थितियां तेजी से बदलनी शुरू हो गयीं. कोरोना मरीजों की संख्या में बढोत्तरी होने लगी. जिससे ना चाहते हुए भी राज्य सरकारों को लॉकडाउन बढाने के लिए केन्द्र सरकार को लिखना पड़ा.

लगातार इतने दिनों के लॉकडाउन के चलते बाजार बुरी तरह टूट गये थे. अर्थव्यवस्था तेजी से नीचे गिर रही थी. जिसमें सुधार के लिए सरकार को कुछ दिशा निर्देशों के साथ लॉकडाउन जारी रखते हुए बाजार खोलने के आदेश जारी करने पड़े.

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प्रशासन ने इस दिशा में पहले से ही तैयारियां कर रखी थीं. रोटेशन प्रणाली की तर्ज पर दुकानों को खोलने का आदेश दिया गया. प्रशासन के निर्देशों का दुकानदारों के साथ ही स्थानीय जनता ने भी सहयोग किया. पहले सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक दुकानें खोलने का फरमान जारी हुआ. उसमें सफलता मिलती देख प्रशासन ने 1 जून से सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक दुकान खोलने का फरमान जारी किया. बाजारों में अभी भी ग्राहकों की उतनी भीड़ नहीं दिख रही है. कोरोना के डर से लोग बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकल रहे है. जिससे बाजार में अभी तेजी नहीं दिख रही है.

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इसी कड़ी में प्रशासन द्वारा दुकानदारों को जरूरी ताकीद के अन्तर्गत मास्क, सैनिटाइज व फीजिकल डिस्टेंसिंग के बाद ही दुकानों में ग्राहकों को सामान देने के लिए कहा गया था. जबकि देखने को मिल रहा है की लोगों को मिलने वाली छूट का लोग गलत फायदा उठा रहे है. लोगों द्वारा मास्क तो लगा लिया जा रहा है मगर सैनिटाजर व फीजिकल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा है. जिससे कोरोना के बढ़ने का खतरा लगातार बना हुआ है. फिलहाल बाजार में चहल पहल है.

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भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
02 Jun 2020 By Bhartiya Basti

बस्ती लॉकडाउन में ढील: धीरे-धीरे लौट रही है बाजारों में रौनक

अनूप मिश्रा
बस्ती (भा.ब.).
कोरोना महामारी को लेकर सरकार द्वारा लॉकडाउन की घोषणा किए जाने के बाद बाजारों में सन्नाटा छा गया था. जिसे लॉकडाउन के पांचवें संस्करण में सरकार के दिशा निर्देशों के बाद धीरे-धीरे खोला जा रहा है. लॉकडाउन में ढील दिए जाने से लोगों ने राहत की सांस लिया है. कुछ जरूरी सामानों के दुकानों को छोड़ कर बाकी बाजार अब तक बंद रहा. जिससे उन दुकानों पर काम करने वालों के सामने परिजनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए संकट खड़ा हो गया था.

दवा, किराना, सब्जी, दूध जैसे आवश्यक सामानों की दुकानें छोड़ कर इस दौरान बाकी सभी दुकानें बंद रहीं. कोरोना रोकने के लिए सरकार के जारी निर्देशों का लोगों ने भी कमोबेश पालन किया. जिससे शुरूआती दिनों में कोरोना के मरीज कम दिखे. जब औद्योगिक प्रदेशो के मरीजों का अपने घरों की तरफ पलायन शुरू हुआ तो स्थितियां तेजी से बदलनी शुरू हो गयीं. कोरोना मरीजों की संख्या में बढोत्तरी होने लगी. जिससे ना चाहते हुए भी राज्य सरकारों को लॉकडाउन बढाने के लिए केन्द्र सरकार को लिखना पड़ा.

लगातार इतने दिनों के लॉकडाउन के चलते बाजार बुरी तरह टूट गये थे. अर्थव्यवस्था तेजी से नीचे गिर रही थी. जिसमें सुधार के लिए सरकार को कुछ दिशा निर्देशों के साथ लॉकडाउन जारी रखते हुए बाजार खोलने के आदेश जारी करने पड़े.

प्रशासन ने इस दिशा में पहले से ही तैयारियां कर रखी थीं. रोटेशन प्रणाली की तर्ज पर दुकानों को खोलने का आदेश दिया गया. प्रशासन के निर्देशों का दुकानदारों के साथ ही स्थानीय जनता ने भी सहयोग किया. पहले सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक दुकानें खोलने का फरमान जारी हुआ. उसमें सफलता मिलती देख प्रशासन ने 1 जून से सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक दुकान खोलने का फरमान जारी किया. बाजारों में अभी भी ग्राहकों की उतनी भीड़ नहीं दिख रही है. कोरोना के डर से लोग बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकल रहे है. जिससे बाजार में अभी तेजी नहीं दिख रही है.

इसी कड़ी में प्रशासन द्वारा दुकानदारों को जरूरी ताकीद के अन्तर्गत मास्क, सैनिटाइज व फीजिकल डिस्टेंसिंग के बाद ही दुकानों में ग्राहकों को सामान देने के लिए कहा गया था. जबकि देखने को मिल रहा है की लोगों को मिलने वाली छूट का लोग गलत फायदा उठा रहे है. लोगों द्वारा मास्क तो लगा लिया जा रहा है मगर सैनिटाजर व फीजिकल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा है. जिससे कोरोना के बढ़ने का खतरा लगातार बना हुआ है. फिलहाल बाजार में चहल पहल है.

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