महानगरों से आ रहे श्रमिकों का पंजीकरण कराये सरकार- देवेन्द्र श्रीवास्तव
बस्ती (Basti News) . उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश सचिव देवेन्द्र श्रीवास्तव ने कोरोना संकट काल और लॉक डाउन के दौरान श्रमिकों के पलायन के लिये केन्द्र और राज्य सरकार के श्रमिक विरोधी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है. प्रेस को जारी विज्ञप्ति के माध्यम से देवेन्द्र श्रीवास्तव ने मांग किया जो श्रमिक पैदल, साईकिल, मोटर साईकिल ट्रको आदि के द्वारा अपने घरों को पहुंच रहे हैं प्रदेश सरकार उन श्रमिकों का पंजीकरण कराकर उन्हें कार्य का अवसर उपलब्ध कराये.
कांग्रेस नेता देवेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे समय में जबकि देश का मजदूर तबका इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है सरकारों ने श्रमिक कानूनों में संशोधन के नाम पर उनके वह अधिकार छीन लिये जो देश की आजादी के बाद ही 1948 में लागू किये गये थे. कहा कि केन्द्र में पूंजिपतियों की सरकार है और वह साजिशन मजदूरों का हक छीन लेना चाहती है जिससे बहुराष्ट्रीय कम्पनियां श्रमिकों से 8 की जगह 12 घंटा काम लें और जब चाहे उन्हें कम्पनी से निकाल दें.
कहा कि यह देश के श्रमिकों के हक हकूक पर सबसे बड़ा सरकारी हमला है. श्रमिक कानून संशोधन के नाम पर उनके अधिकार छीने जा रहे हैं. इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. कांग्रेस समूचे प्रदेश में मजदूरों को हक दिलाने के लिये चरणबद्ध ढंग से आन्दोलन चलायेगी.
महानगरों से आ रहे श्रमिकों का पंजीकरण कराये सरकार- देवेन्द्र श्रीवास्तव
बस्ती (Basti News) . उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश सचिव देवेन्द्र श्रीवास्तव ने कोरोना संकट काल और लॉक डाउन के दौरान श्रमिकों के पलायन के लिये केन्द्र और राज्य सरकार के श्रमिक विरोधी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है. प्रेस को जारी विज्ञप्ति के माध्यम से देवेन्द्र श्रीवास्तव ने मांग किया जो श्रमिक पैदल, साईकिल, मोटर साईकिल ट्रको आदि के द्वारा अपने घरों को पहुंच रहे हैं प्रदेश सरकार उन श्रमिकों का पंजीकरण कराकर उन्हें कार्य का अवसर उपलब्ध कराये.
कांग्रेस नेता देवेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे समय में जबकि देश का मजदूर तबका इतिहास के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है सरकारों ने श्रमिक कानूनों में संशोधन के नाम पर उनके वह अधिकार छीन लिये जो देश की आजादी के बाद ही 1948 में लागू किये गये थे. कहा कि केन्द्र में पूंजिपतियों की सरकार है और वह साजिशन मजदूरों का हक छीन लेना चाहती है जिससे बहुराष्ट्रीय कम्पनियां श्रमिकों से 8 की जगह 12 घंटा काम लें और जब चाहे उन्हें कम्पनी से निकाल दें.
कहा कि यह देश के श्रमिकों के हक हकूक पर सबसे बड़ा सरकारी हमला है. श्रमिक कानून संशोधन के नाम पर उनके अधिकार छीने जा रहे हैं. इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. कांग्रेस समूचे प्रदेश में मजदूरों को हक दिलाने के लिये चरणबद्ध ढंग से आन्दोलन चलायेगी.
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