समाज की सेवा करें या बेहाल छोड़ दें, यहां मिलेगा कोरोना वारियर का सर्टिफिकेट
-अनूप मिश्रा-
बस्ती. कोरोना महामारी (Coronavirus) के दौर में कोरोना वारियर सम्मान देने की होड़ मची है. बड़े शहरों में ऑनलाइन सम्मान देने की होड़ अब छोटे शहरों तक पहुंच चुकी है. मजे की बात इस खेल में एनजीओ से लेकर मीडिया तक के कुछ लोग शामिल है. कोरोना महामारी से हुए देशव्यापी लॉकडाउन (Lockdown In India) के चलते लोग अपने घरों में दुबके हुए है. इस विपरीत समय में शहरों में कुछ स्थानीय नेताओं, समाजसेवियों ने लोगों की सहायता के लिए बीड़ा उठाने का संकल्प लिया. हर जिलों में उनकी सहायता देने की खबरें आने लगीं.
अब मौके को भुनाने के लिए ताक में बैठे कुछ लोग उन्हें कोरोना वारियर सम्मान से नवाजने की कोशिशें करने लगे. कोरोना वारियर सम्मान के इस खेल में उन समाजसेवियों को शामिल किया गया होता तो गनीमत रहती. इस पूरे सम्मान के खेल में उन लोगों को भी शामिल कर लिया गया जिनका समाजसेवा से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था. घर में रहकर लॉकडाउन का मजा लेने वाले ऐसे लोगों को व्यक्तिगत संबंधों के लाभ के चलते कोरोना वारियर सम्मान से नवाजा जाने लगा.
ऐसे ही एक प्रमुख समाजसेवी जो की लॉकडाउन में लगातार जनता की सेवा में उनके जरूरत की चीजें घरों तक पहुंचा रहे है. उन्होंने बताया की हमें भी एक जगह से कोरोना वारियर सम्मान देने के लिए आफर प्राप्त हुआ. अच्छा लगा की मेरे काम को देखकर उस संस्था ने मुझे ये सम्मान देने के लिए सोचा होगा. धक्का तब लगा जब सोशल मीडिया पर कोरोना वारियर सम्मान देने और पाने वाले थोक के भाव में दिखने लगे. ऐसे लोगों को भी लोगों ने सम्मानित कर दिया जिनका संबंध समाजसेवा से तो दूर उन्हें पूरे लॉकडाउन में कहीं देखा तक नहीं गया. ऐसे में इस तरह का सम्मान लेने से मैने खुद को अलग कर लिया.
सोशल मीडिया पर इस समय ऐसे सम्मान पत्रों में अपने नाम और फोटो लगाकर लोग खूब शेयर कर रहे है. जबकि उनमें बहुत से ऐसे नाम हैं जो घरों में रहकर सिर्फ फेसबुक पर समाजसेवा कर रहे है. नाम न छापने की शर्त पर एक कोरोना वारियर ने बताया की सम्मान देने वाली संस्थाओं में कुछ लोग सहयोग राशि लेकर कोरोना वारियर का प्रमाण पत्र बांट रहे है. ऐसे में सहज ही समझा जा सकता है की कोरोना काल में ये सम्मान पत्र कमाई का नया जरिया बन गये है. जिन्हें लेना हो वो कीमत चुकाएं और घर बैठे कोरोना वारियर का ईनाम पाएं.
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समाज की सेवा करें या बेहाल छोड़ दें, यहां मिलेगा कोरोना वारियर का सर्टिफिकेट
-अनूप मिश्रा-
बस्ती. कोरोना महामारी (Coronavirus) के दौर में कोरोना वारियर सम्मान देने की होड़ मची है. बड़े शहरों में ऑनलाइन सम्मान देने की होड़ अब छोटे शहरों तक पहुंच चुकी है. मजे की बात इस खेल में एनजीओ से लेकर मीडिया तक के कुछ लोग शामिल है. कोरोना महामारी से हुए देशव्यापी लॉकडाउन (Lockdown In India) के चलते लोग अपने घरों में दुबके हुए है. इस विपरीत समय में शहरों में कुछ स्थानीय नेताओं, समाजसेवियों ने लोगों की सहायता के लिए बीड़ा उठाने का संकल्प लिया. हर जिलों में उनकी सहायता देने की खबरें आने लगीं.
अब मौके को भुनाने के लिए ताक में बैठे कुछ लोग उन्हें कोरोना वारियर सम्मान से नवाजने की कोशिशें करने लगे. कोरोना वारियर सम्मान के इस खेल में उन समाजसेवियों को शामिल किया गया होता तो गनीमत रहती. इस पूरे सम्मान के खेल में उन लोगों को भी शामिल कर लिया गया जिनका समाजसेवा से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था. घर में रहकर लॉकडाउन का मजा लेने वाले ऐसे लोगों को व्यक्तिगत संबंधों के लाभ के चलते कोरोना वारियर सम्मान से नवाजा जाने लगा.
ऐसे ही एक प्रमुख समाजसेवी जो की लॉकडाउन में लगातार जनता की सेवा में उनके जरूरत की चीजें घरों तक पहुंचा रहे है. उन्होंने बताया की हमें भी एक जगह से कोरोना वारियर सम्मान देने के लिए आफर प्राप्त हुआ. अच्छा लगा की मेरे काम को देखकर उस संस्था ने मुझे ये सम्मान देने के लिए सोचा होगा. धक्का तब लगा जब सोशल मीडिया पर कोरोना वारियर सम्मान देने और पाने वाले थोक के भाव में दिखने लगे. ऐसे लोगों को भी लोगों ने सम्मानित कर दिया जिनका संबंध समाजसेवा से तो दूर उन्हें पूरे लॉकडाउन में कहीं देखा तक नहीं गया. ऐसे में इस तरह का सम्मान लेने से मैने खुद को अलग कर लिया.
सोशल मीडिया पर इस समय ऐसे सम्मान पत्रों में अपने नाम और फोटो लगाकर लोग खूब शेयर कर रहे है. जबकि उनमें बहुत से ऐसे नाम हैं जो घरों में रहकर सिर्फ फेसबुक पर समाजसेवा कर रहे है. नाम न छापने की शर्त पर एक कोरोना वारियर ने बताया की सम्मान देने वाली संस्थाओं में कुछ लोग सहयोग राशि लेकर कोरोना वारियर का प्रमाण पत्र बांट रहे है. ऐसे में सहज ही समझा जा सकता है की कोरोना काल में ये सम्मान पत्र कमाई का नया जरिया बन गये है. जिन्हें लेना हो वो कीमत चुकाएं और घर बैठे कोरोना वारियर का ईनाम पाएं.
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भारतीय बस्ती, बस्ती और अयोध्या से प्रकाशित होने वाला प्रमुख समाचार पत्र है. इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग भारतीय बस्ती के संवाददाताओं द्वारा ज़मीनी स्तर पर की गई है