राजनाथ सिंह के पैतृक गांव में 20 साल से सूने मकान की सुरक्षा, 15 PAC जवानों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस आर.टी.आई. विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्वान्चल प्रभारी महेन्द्र श्रीवास्तव ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैतृक गांव चंदौली जिले के बभौरा गांव में वीआईपी व्यवस्था के नाम पर भारी पुलिस बल तैनाती की जांच कराने और टैक्सपेयर्स के पैसों की भारी बर्बादी पर चिन्ता व्यक्त करते हुये इसके वसूली कराये जाने की मांग किया है. प्रेस को जारी विज्ञप्ति के माध्यम से कांग्रेस नेता महेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि एक तरफ जहां थानों और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए पुलिस बल की भारी कमी बनी रहती है,
वहीं दूसरी तरफ केवल एक खाली पड़े वीआईपी मकान की रखवाली के लिए 15 जवानों का पूरा पीएसी कैंप 24 घंटे तैनात रखना प्रशासनिक संसाधनों का गंभीर दुरुपयोग है. जनता की गाढ़ी कमाई से मिलने वाले टैक्स के पैसों से चलने वाले इन जवानों का इस तरह एक सूने मकान पर पहरा देना कई बड़े और गंभीर सवाल खड़े करता है. यह वीआईपी कल्चर की पराकाष्ठा और सरकारी धन का खुला अपव्यय है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैतृक घर में पिछले 20 साल से कोई भी परिवार या सदस्य नहीं रहता है, इसके बावजूद उस सूने घर की सुरक्षा में पिछले दो दशकों से पीएसी का पूरा कैम्प तैनात है. इस पुश्तैनी मकान पर 15 पीएसी जवान चौबीसों घंटे ड्यूटी दे रहे हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण और चिन्ताजनक है. कांग्रेस नेता ने कहा कि अच्छा हो कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह स्वयं इसे लेकर गंभीर हो और सुरक्षा हटाने के साथ ही वे अब तक पिछले 20 वर्ष में जो धनराशि व्यय हुआ है उसे सरकारी कोष में जमा करा दें.
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