बस्ती में कुवांनो नदी बचाने की मुहिम, प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर की घाट की सफाई
जिला प्रशासन के नेतृत्व में कुवांनो नदी के जीर्णोद्धार का बड़ा अभियान शुरू हो गया है. विकास खण्ड गौर की ग्राम पंचायत पड़री अंतर्गत शिवाघाट पर नदी की साफ-सफाई के साथ इस मुहिम की औपचारिक शुरुआत की गई. खास बात यह रही कि इस बार सिर्फ सरकारी अमला नहीं, बल्कि आम जनता भी बड़ी संख्या में अपने हाथों से घाट की सफाई करने उतरी.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता जटाशंकर शुक्ल उपस्थित रहे. उन्होंने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि नदियाँ भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं. जिस प्रकार धमनियाँ शरीर में रक्त का प्रवाह करती हैं, उसी प्रकार नदियाँ समूची सृष्टि में जल का संचार करती हैं. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भारत की हर महान प्राचीन सभ्यता किसी न किसी नदी के किनारे ही पनपी है.
शुक्ल जी ने चिंता जताई कि वर्तमान में हमारी नदियाँ अपना मूल स्वरूप खोती जा रही हैं. जलस्तर लगातार घट रहा है और प्रदूषण बढ़ता जा रहा है. उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह हमारा नैतिक कर्तव्य है कि हम अपनी इस धरोहर को सँजोएँ और उसे नष्ट होने से बचाएँ.
ग्राम प्रधान श्रीमती सरोज गौतम और खण्ड विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने भी घाट पर स्वयं साफ-सफाई कर इस अभियान को व्यापक स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस अवसर पर भाजपा युवानेता अमरदीप शुक्ल, क्षेत्र पंचायत सदस्य विशाल सिंह, सहायक विकास अधिकारी चंद्रशेखर सिंह, श्याम बिहारी एवं रामललन मिश्रा, ग्राम पंचायत सचिव देवकी नंदन, अवधेश जायसवाल, प्रमोद कुमार व सूरज पांडेय सहित ग्राम पंचायत कछिया, सिटकोहर के प्रधानगण तथा क्षेत्र की बड़ी संख्या में जनता उपस्थित रही.
कुवांनो नदी के इस जीर्णोद्धार अभियान को जनसहभागिता की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है. प्रशासन का संकल्प है कि इस नदी को उसके मूल और अविरल स्वरूप में वापस लाया जाएगा.
बस्ती में कुवांनो नदी बचाने की मुहिम, प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर की घाट की सफाई
जिला प्रशासन के नेतृत्व में कुवांनो नदी के जीर्णोद्धार का बड़ा अभियान शुरू हो गया है. विकास खण्ड गौर की ग्राम पंचायत पड़री अंतर्गत शिवाघाट पर नदी की साफ-सफाई के साथ इस मुहिम की औपचारिक शुरुआत की गई. खास बात यह रही कि इस बार सिर्फ सरकारी अमला नहीं, बल्कि आम जनता भी बड़ी संख्या में अपने हाथों से घाट की सफाई करने उतरी.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता जटाशंकर शुक्ल उपस्थित रहे. उन्होंने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि नदियाँ भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं. जिस प्रकार धमनियाँ शरीर में रक्त का प्रवाह करती हैं, उसी प्रकार नदियाँ समूची सृष्टि में जल का संचार करती हैं. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भारत की हर महान प्राचीन सभ्यता किसी न किसी नदी के किनारे ही पनपी है.
शुक्ल जी ने चिंता जताई कि वर्तमान में हमारी नदियाँ अपना मूल स्वरूप खोती जा रही हैं. जलस्तर लगातार घट रहा है और प्रदूषण बढ़ता जा रहा है. उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह हमारा नैतिक कर्तव्य है कि हम अपनी इस धरोहर को सँजोएँ और उसे नष्ट होने से बचाएँ.
ग्राम प्रधान श्रीमती सरोज गौतम और खण्ड विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने भी घाट पर स्वयं साफ-सफाई कर इस अभियान को व्यापक स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस अवसर पर भाजपा युवानेता अमरदीप शुक्ल, क्षेत्र पंचायत सदस्य विशाल सिंह, सहायक विकास अधिकारी चंद्रशेखर सिंह, श्याम बिहारी एवं रामललन मिश्रा, ग्राम पंचायत सचिव देवकी नंदन, अवधेश जायसवाल, प्रमोद कुमार व सूरज पांडेय सहित ग्राम पंचायत कछिया, सिटकोहर के प्रधानगण तथा क्षेत्र की बड़ी संख्या में जनता उपस्थित रही.
कुवांनो नदी के इस जीर्णोद्धार अभियान को जनसहभागिता की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है. प्रशासन का संकल्प है कि इस नदी को उसके मूल और अविरल स्वरूप में वापस लाया जाएगा.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है