Basti News: समाजवादियों ने किया जयन्ती पर महारानी अहिल्याबाई होल्कर को नमन्
रविवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय पर महारानी अहिल्याबाई होल्कर को जयंती पर याद किया गया. इसी क्रम में बस्ती सदर विधानसभा के बूथ स्तर के तैयारियों की समीक्षा की गई. सपा जिलाध्यक्ष और सपा विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होलकर, मालवा साम्राज्य की होलकर रानी थीं. उन्हें भारत की सबसे दूरदर्शी महिला शासकों में से एक माना जाता है.
18वीं शताब्दी में, मालवा की महारानी के रूप में, धर्म का संदेश फैलाने में और औद्योगीकरण के प्रचार-प्रसार में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा था. आज वे व्यापक रूप से अपनी बुद्धिमत्ता, साहस और प्रशासनिक कौशल के लिए जानी जाती हैं. उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा.
बस्ती सदर विधानसभाध्यक्ष मो. सलीम, राम सिंह यादव, सुरेन्द्र सिंह ‘छोटे’, पवन यादव, जावेद पिण्डारी, सौरभ मिश्र, मो. हारिश, प्रदीप गौतम, राम शंकर निराला, कैलाश शर्मा, रामभवन यादव, बैजनाथ शर्मा, जोखूलाल यादव, अनिल निषाद, पंकज निषाद आदि ने कहा कि महारानी अहिल्याबाई होल्कर एक बहादुर, निडर और महान योद्धा थीं.
उन्होंने अपने शासन के दौरान प्रजा के हित के लिए अनेक कार्य किये. कहा कि उनको हमेशा से एक बहादुर, आत्मनिष्ठ, निडर महिला के रूप में याद किया जाता है. वेे अपने समय की सर्वश्रेष्ठ योद्धा रानियों में से एक थीं, जो अपनी प्रजा की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहती थीं. इतना ही नहीं उनके शासन काल में मराठा मालवा साम्राज्य ने काफी ज्यादा नाम कमाया था. जनहित के लिए काम करने वाली महारानी ने कई हिंदू मंदिर का निर्माण भी करवाया था, जो आज भी पूजे जाते हैं.
वक्ताओं ने कहा कि अहिल्याबाई एक दार्शनिक और कुशल राजनीतिज्ञ थीं इसी वजह से उनकी नजरों से राजनीति से जुड़ी कोई भी बात छुप नहीं सकती थी. महारानी की इन्हीं खूबियों के चलते ब्रिटिश इतिहासकार जॉन कीस ने उन्हें ‘द फिलॉसोफर क्वीन’ की उपाधि से नवाजा था. जानकारी के मुताबिक महारानी अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौंडी गांव में हुआ था, जिसे वर्तमान में अहमदनगर के नाम से जाना जाता है.
अहिल्याबाई होलकर ने एक छोटे से गांव इंदौर को एक समृद्ध एवं विकसित शहर बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उन्होंने यहां पर सड़कों की दशा सुधारने, गरीबों और भूखों के लिए खाने की व्यवस्था करने के साथ-साथ शिक्षा पर भी काफी जोर दिया. अहिल्याबाई की बदौलत ही आज इंदौर की पहचान भारत के समृद्ध एवं विकसित शहरों में होती है.
बस्ती सदर विधानसभा के बूथ स्तर के तैयारियों की समीक्षा बैठक में सपा जिलाध्यक्ष महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि बूथ स्तर पर निरन्तर सक्रियता बनी रहे. विधानसभााध्यक्ष बस्ती सदर मो. सलीम ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र के सभी 437 बूथों पर समीक्षा जारी है और खामियां दूर करायी जा रही है.
समीक्षा बैठक और जयंती पर अहिल्याबाई होल्कर को नमन् करने वालों में मुख्य रूप से सपा नेता अरविन्द सोनकर, भोला पाण्डेय, रजवन्त यादव, जैराज यादव, प्रदीप निषाद, विकास पाण्डेय, हनुमान प्रसाद यादव, उदयराज विश्वकर्मा, मो. फारूक, दाउद खान, बब्लू खान, नितराम चौधरी, राम बहाल चौधरी, सुशील यादव, रमेश गौतम, मो. हारिश, मो. युनूस आलम, विधाल सोनकर, राहुल सोनकर, मो. नसीर, नसीबुल्लाह, अवधेश सोनकर, मूलचंद यादव, अशोक कुमार यादव, बलवन्त कुमार, हेमन्त चौधरी, मंगल निषाद, रामचन्द्र यादव, अमित गौड़, अहमद अली के साथ ही सपा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे.
Basti News: समाजवादियों ने किया जयन्ती पर महारानी अहिल्याबाई होल्कर को नमन्
रविवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय पर महारानी अहिल्याबाई होल्कर को जयंती पर याद किया गया. इसी क्रम में बस्ती सदर विधानसभा के बूथ स्तर के तैयारियों की समीक्षा की गई. सपा जिलाध्यक्ष और सपा विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होलकर, मालवा साम्राज्य की होलकर रानी थीं. उन्हें भारत की सबसे दूरदर्शी महिला शासकों में से एक माना जाता है.
18वीं शताब्दी में, मालवा की महारानी के रूप में, धर्म का संदेश फैलाने में और औद्योगीकरण के प्रचार-प्रसार में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा था. आज वे व्यापक रूप से अपनी बुद्धिमत्ता, साहस और प्रशासनिक कौशल के लिए जानी जाती हैं. उनका योगदान सदैव याद किया जायेगा.
बस्ती सदर विधानसभाध्यक्ष मो. सलीम, राम सिंह यादव, सुरेन्द्र सिंह ‘छोटे’, पवन यादव, जावेद पिण्डारी, सौरभ मिश्र, मो. हारिश, प्रदीप गौतम, राम शंकर निराला, कैलाश शर्मा, रामभवन यादव, बैजनाथ शर्मा, जोखूलाल यादव, अनिल निषाद, पंकज निषाद आदि ने कहा कि महारानी अहिल्याबाई होल्कर एक बहादुर, निडर और महान योद्धा थीं.
उन्होंने अपने शासन के दौरान प्रजा के हित के लिए अनेक कार्य किये. कहा कि उनको हमेशा से एक बहादुर, आत्मनिष्ठ, निडर महिला के रूप में याद किया जाता है. वेे अपने समय की सर्वश्रेष्ठ योद्धा रानियों में से एक थीं, जो अपनी प्रजा की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहती थीं. इतना ही नहीं उनके शासन काल में मराठा मालवा साम्राज्य ने काफी ज्यादा नाम कमाया था. जनहित के लिए काम करने वाली महारानी ने कई हिंदू मंदिर का निर्माण भी करवाया था, जो आज भी पूजे जाते हैं.
वक्ताओं ने कहा कि अहिल्याबाई एक दार्शनिक और कुशल राजनीतिज्ञ थीं इसी वजह से उनकी नजरों से राजनीति से जुड़ी कोई भी बात छुप नहीं सकती थी. महारानी की इन्हीं खूबियों के चलते ब्रिटिश इतिहासकार जॉन कीस ने उन्हें ‘द फिलॉसोफर क्वीन’ की उपाधि से नवाजा था. जानकारी के मुताबिक महारानी अहिल्याबाई होल्कर का जन्म 31 मई 1725 को महाराष्ट्र के चौंडी गांव में हुआ था, जिसे वर्तमान में अहमदनगर के नाम से जाना जाता है.
अहिल्याबाई होलकर ने एक छोटे से गांव इंदौर को एक समृद्ध एवं विकसित शहर बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. उन्होंने यहां पर सड़कों की दशा सुधारने, गरीबों और भूखों के लिए खाने की व्यवस्था करने के साथ-साथ शिक्षा पर भी काफी जोर दिया. अहिल्याबाई की बदौलत ही आज इंदौर की पहचान भारत के समृद्ध एवं विकसित शहरों में होती है.
बस्ती सदर विधानसभा के बूथ स्तर के तैयारियों की समीक्षा बैठक में सपा जिलाध्यक्ष महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि बूथ स्तर पर निरन्तर सक्रियता बनी रहे. विधानसभााध्यक्ष बस्ती सदर मो. सलीम ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र के सभी 437 बूथों पर समीक्षा जारी है और खामियां दूर करायी जा रही है.
समीक्षा बैठक और जयंती पर अहिल्याबाई होल्कर को नमन् करने वालों में मुख्य रूप से सपा नेता अरविन्द सोनकर, भोला पाण्डेय, रजवन्त यादव, जैराज यादव, प्रदीप निषाद, विकास पाण्डेय, हनुमान प्रसाद यादव, उदयराज विश्वकर्मा, मो. फारूक, दाउद खान, बब्लू खान, नितराम चौधरी, राम बहाल चौधरी, सुशील यादव, रमेश गौतम, मो. हारिश, मो. युनूस आलम, विधाल सोनकर, राहुल सोनकर, मो. नसीर, नसीबुल्लाह, अवधेश सोनकर, मूलचंद यादव, अशोक कुमार यादव, बलवन्त कुमार, हेमन्त चौधरी, मंगल निषाद, रामचन्द्र यादव, अमित गौड़, अहमद अली के साथ ही सपा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे.
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है