बस्ती में सपा का बड़ा प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई रोकने की मांग

बस्ती में सपा का बड़ा प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई रोकने की मांग
बस्ती में सपा का बड़ा प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई रोकने की मांग

शुक्रवार को समाजवादी पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने 4 सूत्रीय प्रमुख मांगों को लेकर  जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया. सपा जिलाध्यक्ष और सदर विधायक महेन्द्र नाथ यादव के नेतृत्व में सैकड़ों नेता और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. उन्होंने डीएम के प्रतिनिधि के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा.

सौंपे ज्ञापन में रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के विरुद्ध की जा रही कथित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने, शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच कराने, छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंन्द्र प्रधान की जवाबदेही तय करते हुए उनसे तत्काल इस्तीफा लेने आदि की मांग ं शामिल है.

ज्ञापन देने के बाद सपा जिलाध्यक्ष और सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि यह सरकार छात्र-नौजवान विरोधी है. पेपर लीक से देश के लाखों छात्र प्रभावित हैं, 21 छात्रों ने आत्मदाह कर लिया, देश का युवा अपने अधिकारों को लेकर सड़कों पर है किन्तु जन्तर मन्तर से लेकर देश के अनेक हिस्सों में छात्रों पर बर्बर लाठी चार्ज किया जा रहा है. सरकार छात्रों की सुने और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का त्याग पत्र तत्काल सुनिश्चित कराये. कहा कि रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण का आदेश यही साबित करता है कि सरकार का शिक्षा और युवाओं के भविष्य से कोई लेना देना नहीं है. देश के भविष्य पर लाठी चार्ज, दमन कराकर आखिर भाजपा की सरकार क्या साबित करना चाहती है.

शिवपाल यादव पर कार्रवाई की मांग को लेकर सुभासपा सड़क पर, डीएम-एसपी को सौंपा ज्ञापन यह भी पढ़ें: शिवपाल यादव पर कार्रवाई की मांग को लेकर सुभासपा सड़क पर, डीएम-एसपी को सौंपा ज्ञापन

जुल्म, अत्याचार करने वाली सरकारों के दिन लम्बे नहीं होते. पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय, विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी, कविन्द्र चौधरी ‘अतुल’, दयाशंकर मिश्र के साथ ही अनेक नेताओं ने कहा कि सरकार समस्या का समाधान कराये. बर्बर, अराजक रवैया देश, समाज के लिये खतरनाक है. सरकार युवाओं की मांगों को तत्काल पूरा कराये और  मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण का आदेश वापस लिया जाय.
सपा नेताओं ने  शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की संवैधानिक स्वतंत्रता की रक्षा करने पर बल दिया. ज्ञापन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित अन्य नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा की गई, जिसे पार्टी नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया.सपा ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी व्यापक जन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी.


प्रदर्शन और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व विधायक राम जियावन, जावेद पिण्डारी, राजाराम यादव, मो. सलीम, युनूस आलम, सौरभ मिश्र, प्रशान्त यादव, सुरेन्द्र सिंह छोटे, भोलू अंसारी, धीरसेन निषाद, सुभाष चन्द्र यादव, गीता भारती, अजीत यादव, जुनैद आलम, इकबाल अहमद काजू, डा. राम प्रकाश सुमन, आर.डी. निषाद, श्यामलाल निषाद, हिमांशु सिंह, हरीश, चन्द्र प्रकाश चौधरी, एजाज अहमद, वीरेन्द्र कुमार, घनश्याम यादव,  दीपक आर्य, अभिषेक कुमार, आर.डी. गोस्वामी, आमिश खान, अजीत सिंह, अरविन्द सोनकर, भोला पाण्डेय, रन बहादुर यादव, हृदयराम यादव, दुर्गेश यादव, सुशील यादव, गौरीशंकर, विकास पाण्डेय, राम सिंह यादव, चन्द्रिका यादव, बदरूद्दीन, रविन्द्र यादव, अकबर अली, प्रवीण पाठक, पंकज मिश्र, मो. हारिश, मो. उमर खां, जितेन्द्र यादव,  राघवेन्द्र सिंह, राहुल सिंह, नीरू, समीर चौधरी, बदरूल हसन, अशोक कुमार यादव, विपिन सिंह, हरेश्याम विश्वकर्मा, वैजनाथ विश्वकर्मा, संजय गौतम,  विन्दवासिनी, गुलाब चन्द्र सोनकर, शकुन्तला चौरसिया, इन्द्रावती शुक्ला, विजय लक्ष्मी, प्रिया श्रीवास्तव, सुशीला देवी, राधा देवी, सावित्री देवी, कुलदीप मौर्य, निसार अहमद, रहमान, मो. साहिर, विकास पाण्डेय, जीत बहादुर सिंह,

राजेन्द्र चौरसिया, विजय विक्रम आर्य, हिमांशु सिंह, पवन मोदनवाल ‘कल्लू’, रणजीत यादव, मंशाराम कन्नौजिया, रमेश कुमार, रजनीश यादव, मो. सलीम, तूफानी यादव, गजानन्द पाल, रजवन्त यादव, मधुबन यादव, राजू चौहान, पप्पू श्रीवास्तव, श्याम सुन्दर यादव, गोरख यादव, बलवन्त यादव के साथ ही बड़ी संख्या में सपा नेता, कार्यकर्ता शामिल रहे. 

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
24 Jul 2026 By Vikas kumar

बस्ती में सपा का बड़ा प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई रोकने की मांग

शुक्रवार को समाजवादी पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने 4 सूत्रीय प्रमुख मांगों को लेकर  जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया. सपा जिलाध्यक्ष और सदर विधायक महेन्द्र नाथ यादव के नेतृत्व में सैकड़ों नेता और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. उन्होंने डीएम के प्रतिनिधि के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा.

सौंपे ज्ञापन में रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के विरुद्ध की जा रही कथित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने, शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त अव्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच कराने, छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंन्द्र प्रधान की जवाबदेही तय करते हुए उनसे तत्काल इस्तीफा लेने आदि की मांग ं शामिल है.

ज्ञापन देने के बाद सपा जिलाध्यक्ष और सदर विधायक महेन्द्रनाथ यादव ने कहा कि यह सरकार छात्र-नौजवान विरोधी है. पेपर लीक से देश के लाखों छात्र प्रभावित हैं, 21 छात्रों ने आत्मदाह कर लिया, देश का युवा अपने अधिकारों को लेकर सड़कों पर है किन्तु जन्तर मन्तर से लेकर देश के अनेक हिस्सों में छात्रों पर बर्बर लाठी चार्ज किया जा रहा है. सरकार छात्रों की सुने और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का त्याग पत्र तत्काल सुनिश्चित कराये. कहा कि रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण का आदेश यही साबित करता है कि सरकार का शिक्षा और युवाओं के भविष्य से कोई लेना देना नहीं है. देश के भविष्य पर लाठी चार्ज, दमन कराकर आखिर भाजपा की सरकार क्या साबित करना चाहती है.

जुल्म, अत्याचार करने वाली सरकारों के दिन लम्बे नहीं होते. पूर्व विधायक राजमणि पाण्डेय, विधायक राजेन्द्र प्रसाद चौधरी, कविन्द्र चौधरी ‘अतुल’, दयाशंकर मिश्र के साथ ही अनेक नेताओं ने कहा कि सरकार समस्या का समाधान कराये. बर्बर, अराजक रवैया देश, समाज के लिये खतरनाक है. सरकार युवाओं की मांगों को तत्काल पूरा कराये और  मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण का आदेश वापस लिया जाय.
सपा नेताओं ने  शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की संवैधानिक स्वतंत्रता की रक्षा करने पर बल दिया. ज्ञापन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित अन्य नेताओं की गिरफ्तारी की निंदा की गई, जिसे पार्टी नेताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया.सपा ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी व्यापक जन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी.


प्रदर्शन और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व विधायक राम जियावन, जावेद पिण्डारी, राजाराम यादव, मो. सलीम, युनूस आलम, सौरभ मिश्र, प्रशान्त यादव, सुरेन्द्र सिंह छोटे, भोलू अंसारी, धीरसेन निषाद, सुभाष चन्द्र यादव, गीता भारती, अजीत यादव, जुनैद आलम, इकबाल अहमद काजू, डा. राम प्रकाश सुमन, आर.डी. निषाद, श्यामलाल निषाद, हिमांशु सिंह, हरीश, चन्द्र प्रकाश चौधरी, एजाज अहमद, वीरेन्द्र कुमार, घनश्याम यादव,  दीपक आर्य, अभिषेक कुमार, आर.डी. गोस्वामी, आमिश खान, अजीत सिंह, अरविन्द सोनकर, भोला पाण्डेय, रन बहादुर यादव, हृदयराम यादव, दुर्गेश यादव, सुशील यादव, गौरीशंकर, विकास पाण्डेय, राम सिंह यादव, चन्द्रिका यादव, बदरूद्दीन, रविन्द्र यादव, अकबर अली, प्रवीण पाठक, पंकज मिश्र, मो. हारिश, मो. उमर खां, जितेन्द्र यादव,  राघवेन्द्र सिंह, राहुल सिंह, नीरू, समीर चौधरी, बदरूल हसन, अशोक कुमार यादव, विपिन सिंह, हरेश्याम विश्वकर्मा, वैजनाथ विश्वकर्मा, संजय गौतम,  विन्दवासिनी, गुलाब चन्द्र सोनकर, शकुन्तला चौरसिया, इन्द्रावती शुक्ला, विजय लक्ष्मी, प्रिया श्रीवास्तव, सुशीला देवी, राधा देवी, सावित्री देवी, कुलदीप मौर्य, निसार अहमद, रहमान, मो. साहिर, विकास पाण्डेय, जीत बहादुर सिंह,

राजेन्द्र चौरसिया, विजय विक्रम आर्य, हिमांशु सिंह, पवन मोदनवाल ‘कल्लू’, रणजीत यादव, मंशाराम कन्नौजिया, रमेश कुमार, रजनीश यादव, मो. सलीम, तूफानी यादव, गजानन्द पाल, रजवन्त यादव, मधुबन यादव, राजू चौहान, पप्पू श्रीवास्तव, श्याम सुन्दर यादव, गोरख यादव, बलवन्त यादव के साथ ही बड़ी संख्या में सपा नेता, कार्यकर्ता शामिल रहे. 

https://bhartiyabasti.com/basti-news-live-in-hindi/big-demonstration-of-sp-in-basti-demanding-resignation-of-union/article-25829
On

About The Author

Vikas kumar Picture

विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है