IGRS रैंकिंग में बस्ती रेंज प्रदेश में नंबर-1, लेकिन शिकायतकर्ताओं ने खोल दी निस्तारण की पोल!
IGRS पोर्टल पर अक्टूबर 2026 की रैंकिंग में बस्ती रेंज को प्रदेश में पहला स्थान मिलने पर पुलिस विभाग की ओर से इसे बड़ी उपलब्धि बताया गया है. डीआईजी रेंज बस्ती के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इसकी जानकारी साझा करते हुए शिकायतों के प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण को इस सफलता का आधार बताया गया.
हालांकि, इस उपलब्धि के बीच कुछ शिकायतकर्ताओं ने IGRS पर शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि कई मामलों में अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से मौके पर वास्तविक समस्या का समाधान किए बिना ही रिपोर्ट लगा दी जाती है. शिकायतकर्ता का कहना है कि पोर्टल पर शिकायत का निस्तारण दिख जाता है, लेकिन संबंधित समस्या पहले की तरह बनी रहती है.
सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए लोगों ने कहा कि केवल पोर्टल पर रिपोर्ट लगाकर शिकायत बंद कर देना वास्तविक समाधान नहीं है. उनका आरोप है कि कई बार शिकायतकर्ता को न्याय मिलने के बजाय कागजों में कार्रवाई पूरी दिखा दी जाती है.
लोगों का कहना है कि IGRS की रैंकिंग तभी सार्थक मानी जाएगी, जब शिकायत करने वाले व्यक्ति को भी कार्रवाई से संतुष्टि मिले. सिर्फ शिकायतों के निस्तारण की संख्या के आधार पर उपलब्धि बताने के बजाय यह भी देखा जाना चाहिए कि कितने मामलों में वास्तव में समस्या का समाधान हुआ है.
अब सवाल यह है कि IGRS की बेहतर रैंकिंग के साथ शिकायतों के वास्तविक निस्तारण और शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि को किस तरह सुनिश्चित किया जा रहा है.
ताजा खबरें
About The Author
विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है