बस्ती: अब दीवानी में नहीं दाखिल होंगे रोड एक्सीडेंट्स के क्लेम, शुरु हुई यह नई व्यवस्था

बस्ती: अब दीवानी में नहीं दाखिल होंगे रोड एक्सीडेंट्स के क्लेम, शुरु हुई यह नई व्यवस्था
Basti District Court Kachehari News Amidst Lockdown

एडवोकेट अरुण कुमार श्रीवास्तव
बस्ती.
सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को अब न्याय के लिए लम्बा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. जनपद मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी अर्थात मोटर एक्सीटेंड क्लेम ट्रिब्युनल) गठन हो गया है. ऐसे में अब दीवानी में मामले दाखिल नहीं होंगे. उच्चतर न्यायिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी न्यायाधीश गिरीश कुमार वैश्य ने न्यायाधिकरण के पीठसीन अधिकारी का पदभार मार्च में ही संभाल लिया था परन्तु कोरोना संकट के कारण न्यायिक कार्यवाही शुरु नहीं हो पायी थी.

उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने सभी अदालतों के साथ ही न्यायाधिकरणों में भी 8 जून से न्ययायिक कार्यवाही प्रारम्भ करने का आदेश दिया है. बताते चले की जनपद में न्यायाधिकरण का गठन पिठले साल फरवरी माह में ही कर दिया गया था किन्तु पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति न होने से न्यायाधिकरण क्रियाशील नहीं हो पा रहा था. पीठासीन अधिकारी के कार्यभार ग्रहण कर लेने से अब मोटर दुर्घटना के पीडितो को एक ही छत के नीचे न्याय शुलभ होगा.

दीवानी में मामले दाखिल ना होने का क्या है लाभ

सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को प्रतिकर पाने के लिए अधिक भाग दौड नहीं करना पडेगा. दुर्घटना के पीड़ितों को वर्षों न्याय के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा उन्हें शीध्र न्याय मिल सकेगा. जनपद मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के क्रियाशील हो जाने से सड़क दुर्घटना के प्रतिकर मामलों की सुनावाई जिला न्यायालय में नहीं होगी. न्यायधिकरण मे केवल मोटर दुर्घटना प्रतिकर से सम्बन्धित मामलों की सुनवाई होगी.

बस्ती में होटल, कोचिंग और अस्पतालों की होगी फायर सेफ्टी जांच! कारवां फाउंडेशन ने DM को सौंपा ज्ञापन यह भी पढ़ें: बस्ती में होटल, कोचिंग और अस्पतालों की होगी फायर सेफ्टी जांच! कारवां फाउंडेशन ने DM को सौंपा ज्ञापन

जिला जज ज्ञान प्रकाश तिवारी ने बताया कि जनपद मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण का गठन हो गया है पीठासीन अधिकारी ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है इसलिए अब मोटर वाहन अधिनियम प्रतिकर के मामलों को देखने का अधिकार दीवनी अदालत को नहीं रह गया है मोटर दुर्घटना प्रतिकर के मामले अब न्यायधिकारण के समक्श ही दाखिल होंगे. मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद की सभी पत्रावलिया न्यायाधिकारण को भेज दी गयी है. जिन मामलों में पहले आदेश हो चुका है उनके प्रतिकर की धनराशि भी अब न्यायाधिकरण में जमा होगी तथा प्रतिकर की धनराशि वापसी की प्रक्रिया भी मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के समक्ष ही होगी.

हर्रैया की बिजली समस्या पर विधायक सख्त, ठेकेदारों की लापरवाही पर कार्रवाई की मांग यह भी पढ़ें: हर्रैया की बिजली समस्या पर विधायक सख्त, ठेकेदारों की लापरवाही पर कार्रवाई की मांग

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
07 Jun 2020 By Bhartiya Basti

बस्ती: अब दीवानी में नहीं दाखिल होंगे रोड एक्सीडेंट्स के क्लेम, शुरु हुई यह नई व्यवस्था

एडवोकेट अरुण कुमार श्रीवास्तव
बस्ती.
सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को अब न्याय के लिए लम्बा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. जनपद मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी अर्थात मोटर एक्सीटेंड क्लेम ट्रिब्युनल) गठन हो गया है. ऐसे में अब दीवानी में मामले दाखिल नहीं होंगे. उच्चतर न्यायिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी न्यायाधीश गिरीश कुमार वैश्य ने न्यायाधिकरण के पीठसीन अधिकारी का पदभार मार्च में ही संभाल लिया था परन्तु कोरोना संकट के कारण न्यायिक कार्यवाही शुरु नहीं हो पायी थी.

उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने सभी अदालतों के साथ ही न्यायाधिकरणों में भी 8 जून से न्ययायिक कार्यवाही प्रारम्भ करने का आदेश दिया है. बताते चले की जनपद में न्यायाधिकरण का गठन पिठले साल फरवरी माह में ही कर दिया गया था किन्तु पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति न होने से न्यायाधिकरण क्रियाशील नहीं हो पा रहा था. पीठासीन अधिकारी के कार्यभार ग्रहण कर लेने से अब मोटर दुर्घटना के पीडितो को एक ही छत के नीचे न्याय शुलभ होगा.

दीवानी में मामले दाखिल ना होने का क्या है लाभ

सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को प्रतिकर पाने के लिए अधिक भाग दौड नहीं करना पडेगा. दुर्घटना के पीड़ितों को वर्षों न्याय के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा उन्हें शीध्र न्याय मिल सकेगा. जनपद मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के क्रियाशील हो जाने से सड़क दुर्घटना के प्रतिकर मामलों की सुनावाई जिला न्यायालय में नहीं होगी. न्यायधिकरण मे केवल मोटर दुर्घटना प्रतिकर से सम्बन्धित मामलों की सुनवाई होगी.

जिला जज ज्ञान प्रकाश तिवारी ने बताया कि जनपद मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण का गठन हो गया है पीठासीन अधिकारी ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है इसलिए अब मोटर वाहन अधिनियम प्रतिकर के मामलों को देखने का अधिकार दीवनी अदालत को नहीं रह गया है मोटर दुर्घटना प्रतिकर के मामले अब न्यायधिकारण के समक्श ही दाखिल होंगे. मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद की सभी पत्रावलिया न्यायाधिकारण को भेज दी गयी है. जिन मामलों में पहले आदेश हो चुका है उनके प्रतिकर की धनराशि भी अब न्यायाधिकरण में जमा होगी तथा प्रतिकर की धनराशि वापसी की प्रक्रिया भी मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के समक्ष ही होगी.

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भारतीय बस्ती, बस्ती और अयोध्या से प्रकाशित होने वाला प्रमुख समाचार पत्र है. इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग भारतीय बस्ती के संवाददाताओं द्वारा ज़मीनी स्तर पर की गई है