Basti News: भूख-हड़ताल पर डटे भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ के आगे झुका प्रशासनः भूख हड़ताल खत्म
जनपद में विषाक्त हो चुकी नदियों की सफाई एवं पुनर्जीवन की मांग को लेकर जारी भूख-हड़ताल ने सातवें दिन निर्णायक मोड़ ले लिया, जब भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ के दृढ़ संकल्प के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा. सातवें दिन सुबह जैसे ही श्री पाण्डेय दर्जनों समर्थकों के साथ ज्ञापन देकर धरने पर बैठे, प्रशासनिक अधिकारियों का उन्हें मनाने का सिलसिला शुरू हो गया. इस दौरान सिंचाई एवं बाढ़ खंड के अधिकारियों, सीओ सिटी एवं एसडीएम बस्ती सदर के साथ कई दौर की वार्ता हुई. अधिकारियों द्वारा यह बताया गया कि उनका मांग पत्र शासन व संबंधित विभागों को प्रेषित कर दिया गया है.
पाण्डेय ने स्पष्ट कहा कि 5 फरवरी को दिए गए मांग पत्र पर अब तक हुई ठोस कार्यवाही की जानकारी दी जाए. वार्ता के दौरान प्रशासन द्वारा केंद्रीय जल बोर्ड के सर्वे का उल्लेख किया गया, जिस पर श्री पाण्डेय ने बताया कि यह पूर्व में उनके प्रयासों के क्रम में पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी के सहयोग से कराया गया सर्वे है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है. साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में उनके मांग के क्रम में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नदी जल को अत्यंत दूषित बताया जा चुका है, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई.
पाण्डेय के तर्कपूर्ण और दृढ़ रुख के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा. जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी से वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया कि मुख्य विकास अधिकारी सभागार में एक व्यापक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें जनपद के सभी विभागों एवं सिंचाई विभाग के मण्डलीय अधिकारियों की उपस्थिति में नदी सफाई एवं पुनर्जीवन का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा. प्रशासन ने आश्वस्त किया कि शीघ्र ही अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर नोटिस जारी किया जाएगा नदियों में गिर रहे नालों पर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी.
Basti News: भूख-हड़ताल पर डटे भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ के आगे झुका प्रशासनः भूख हड़ताल खत्म
जनपद में विषाक्त हो चुकी नदियों की सफाई एवं पुनर्जीवन की मांग को लेकर जारी भूख-हड़ताल ने सातवें दिन निर्णायक मोड़ ले लिया, जब भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ के दृढ़ संकल्प के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा. सातवें दिन सुबह जैसे ही श्री पाण्डेय दर्जनों समर्थकों के साथ ज्ञापन देकर धरने पर बैठे, प्रशासनिक अधिकारियों का उन्हें मनाने का सिलसिला शुरू हो गया. इस दौरान सिंचाई एवं बाढ़ खंड के अधिकारियों, सीओ सिटी एवं एसडीएम बस्ती सदर के साथ कई दौर की वार्ता हुई. अधिकारियों द्वारा यह बताया गया कि उनका मांग पत्र शासन व संबंधित विभागों को प्रेषित कर दिया गया है.
पाण्डेय ने स्पष्ट कहा कि 5 फरवरी को दिए गए मांग पत्र पर अब तक हुई ठोस कार्यवाही की जानकारी दी जाए. वार्ता के दौरान प्रशासन द्वारा केंद्रीय जल बोर्ड के सर्वे का उल्लेख किया गया, जिस पर श्री पाण्डेय ने बताया कि यह पूर्व में उनके प्रयासों के क्रम में पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी के सहयोग से कराया गया सर्वे है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है. साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में उनके मांग के क्रम में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नदी जल को अत्यंत दूषित बताया जा चुका है, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई.
पाण्डेय के तर्कपूर्ण और दृढ़ रुख के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा. जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी से वार्ता के बाद यह निर्णय लिया गया कि मुख्य विकास अधिकारी सभागार में एक व्यापक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें जनपद के सभी विभागों एवं सिंचाई विभाग के मण्डलीय अधिकारियों की उपस्थिति में नदी सफाई एवं पुनर्जीवन का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा. प्रशासन ने आश्वस्त किया कि शीघ्र ही अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर नोटिस जारी किया जाएगा नदियों में गिर रहे नालों पर प्रभावी कार्यवाही की जाएगी.
ताजा खबरें
About The Author
भारतीय बस्ती, बस्ती और अयोध्या से प्रकाशित होने वाला प्रमुख समाचार पत्र है. इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग भारतीय बस्ती के संवाददाताओं द्वारा ज़मीनी स्तर पर की गई है