बस्ती में इस फ्लाईओवर का काम जल्द शुरू, 140 घरों पर नोटिस की तैयारी
भूमि चिन्हांकन पूरा
उत्तर प्रदेश में स्थित बस्ती जिले के मुंडेरवा क्षेत्र में जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए रेलवे गेट नंबर 189 पर प्रस्तावित फ्लाईओवर परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ती नज़र आ रही है. शनिवार, 11 अप्रैल को प्रशासन और रेलवे की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जमीन का चिन्हांकन और माप-जोख का काम पूरा किया. इस दौरान पूरे क्षेत्र में हलचल देखने को मिली और स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.
फ्लाईओवर निर्माण के लिए शुरू हुआ काम
फ्लाईओवर को निर्मित कराने को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया अब जमीन पर दिखाई देने लगी है. नायब तहसीलदार वीर बहादुर सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने रेलवे के इंजीनियरों के साथ मिलकर पूरे रूट का सर्वे किया. अधिकारियों ने तय योजना के अनुसार हर जरूरी बिंदु पर निशान लगाते हुए जमीन की सीमा तय की.
सीएचसी गेट से टैक्सी स्टैंड तक हुआ विस्तृत सर्वे
इस परियोजना के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर बस्ती कांटे मार्ग पर स्थित टैक्सी स्टैंड तक पूरे क्षेत्र की बारीकी से माप-जोख किया गया. दोनों तरफ की जमीन को ध्यान में रखते हुए पूरी सड़क का निरीक्षण किया गया, जिससे निर्माण के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए.
यह भी पढ़ें: Basti News: ज्योतिबा फुले ने दलितों, वंचितों को उत्पीड़न से मुक्ति दिलाने के लिये संघर्ष किया-महेन्द्रनाथ यादवदोनों ओर 13-13 मीटर क्षेत्र चिन्हित
सीमांकन के दौरान सड़क के उत्तर और दक्षिण, दोनों दिशाओं में 13-13 मीटर यानी करीब 43 फीट जमीन को चिन्हित किया गया है. यही हिस्सा फ्लाईओवर निर्माण के अंतर्गत में आएगा. राजस्व लेखपाल जितेंद्र सिंह और सुशील चतुर्वेदी ने रेलवे टीम के साथ मिलकर यह कार्य पूरा किया और संबंधित स्थानों पर स्पष्ट निशान भी लगाए गए.
प्रशासन ने क्या कहा?
नायब तहसीलदार वीर बहादुर सिंह ने इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि रेलवे विभाग की ओर से पुल निर्माण के लिए भूमि की मांग की गई है. इसी के आधार पर शासन के निर्देशानुसार चिन्हांकन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. उन्होंने बताया कि निर्धारित मानकों के अनुसार सड़क के दोनों ओर 13 मीटर जमीन को परियोजना के लिए लिया जा रहा है.
140 से ज्यादा मकानों पर पड़ सकता है असर इस परियोजना का सबसे बड़ा प्रभाव स्थानीय आबादी पर पड़ने वाला है. प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, करीब 140 से अधिक मकान फ्लाईओवर की जद में आ सकते हैं. इससे लोगों में चिंता का माहौल है.
आगे क्या होगा?
चिन्हांकन का कार्य पूरा होने के बाद अब अगला चरण भूमि अधिग्रहण और निर्माण प्रक्रिया का होगा. प्रशासन की ओर से जल्द ही प्रभावित लोगों के लिए मुआवजा और अन्य व्यवस्थाओं पर निर्णय लिया जा सकता है. अगर सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं, तो मुंडेरवा क्षेत्र में जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
बस्ती में इस फ्लाईओवर का काम जल्द शुरू, 140 घरों पर नोटिस की तैयारी
भूमि चिन्हांकन पूरा
उत्तर प्रदेश में स्थित बस्ती जिले के मुंडेरवा क्षेत्र में जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए रेलवे गेट नंबर 189 पर प्रस्तावित फ्लाईओवर परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ती नज़र आ रही है. शनिवार, 11 अप्रैल को प्रशासन और रेलवे की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जमीन का चिन्हांकन और माप-जोख का काम पूरा किया. इस दौरान पूरे क्षेत्र में हलचल देखने को मिली और स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे.
फ्लाईओवर निर्माण के लिए शुरू हुआ काम
फ्लाईओवर को निर्मित कराने को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया अब जमीन पर दिखाई देने लगी है. नायब तहसीलदार वीर बहादुर सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने रेलवे के इंजीनियरों के साथ मिलकर पूरे रूट का सर्वे किया. अधिकारियों ने तय योजना के अनुसार हर जरूरी बिंदु पर निशान लगाते हुए जमीन की सीमा तय की.
सीएचसी गेट से टैक्सी स्टैंड तक हुआ विस्तृत सर्वे
इस परियोजना के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर बस्ती कांटे मार्ग पर स्थित टैक्सी स्टैंड तक पूरे क्षेत्र की बारीकी से माप-जोख किया गया. दोनों तरफ की जमीन को ध्यान में रखते हुए पूरी सड़क का निरीक्षण किया गया, जिससे निर्माण के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए.
दोनों ओर 13-13 मीटर क्षेत्र चिन्हित
सीमांकन के दौरान सड़क के उत्तर और दक्षिण, दोनों दिशाओं में 13-13 मीटर यानी करीब 43 फीट जमीन को चिन्हित किया गया है. यही हिस्सा फ्लाईओवर निर्माण के अंतर्गत में आएगा. राजस्व लेखपाल जितेंद्र सिंह और सुशील चतुर्वेदी ने रेलवे टीम के साथ मिलकर यह कार्य पूरा किया और संबंधित स्थानों पर स्पष्ट निशान भी लगाए गए.
प्रशासन ने क्या कहा?
नायब तहसीलदार वीर बहादुर सिंह ने इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि रेलवे विभाग की ओर से पुल निर्माण के लिए भूमि की मांग की गई है. इसी के आधार पर शासन के निर्देशानुसार चिन्हांकन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. उन्होंने बताया कि निर्धारित मानकों के अनुसार सड़क के दोनों ओर 13 मीटर जमीन को परियोजना के लिए लिया जा रहा है.
140 से ज्यादा मकानों पर पड़ सकता है असर इस परियोजना का सबसे बड़ा प्रभाव स्थानीय आबादी पर पड़ने वाला है. प्रारंभिक आंकड़ों के मुताबिक, करीब 140 से अधिक मकान फ्लाईओवर की जद में आ सकते हैं. इससे लोगों में चिंता का माहौल है.
आगे क्या होगा?
चिन्हांकन का कार्य पूरा होने के बाद अब अगला चरण भूमि अधिग्रहण और निर्माण प्रक्रिया का होगा. प्रशासन की ओर से जल्द ही प्रभावित लोगों के लिए मुआवजा और अन्य व्यवस्थाओं पर निर्णय लिया जा सकता है. अगर सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं, तो मुंडेरवा क्षेत्र में जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।