पिपरा गौतम : आग में खाक हो गये बिटिया के ब्याह के अरमान
पिपरा गौतम निवासी सुरेश के पास कोइ स्थायी आय का साधन नही है. जाति से नाई सुरेश के घर की जीविका पूरी तरह यजमानी पर टिकी हुई हैं. लेागो के यहां होने वाले आयोजन और कार्यक्रम के दौरान जो भी मिलता है उसी से उसकी और परिवार की गाडी चल रही है. चार बच्चों में एक पुत्री बालिग जबकि दो पुत्रियां और एक नाबालिग पुत्र है.
यह भी पढ़ें: बस्ती फोरलेन अटका: अमहट से प्लास्टिक कॉम्प्लेक्स तक सड़क प्रस्ताव लंबित, भदेश्वर नाथ मंदिर को भी मिलेगा लाभजैसे तैसे छप्पर के मकान मे रहकर पत्नी मां और बच्चों के साथ रहकर गुजारा करने वाला सुरेश का परिवार इस चिलचिलाती धूप में आसमां तले रहने को विवश है. आग में सब कुछ खाक हो जाने के बाद पूरा परिवार गहरे सदमें में है. वही सुरेश और उसकी पत्नी निर्मला को यह नही सूझ रहा है, कि अब बिटिया के हाथ कैसे पीले होगें कहां से उसकी शादी में देने वाले सामान का बंदोबस्त होगा. रो रो कर दोनो के हाल बेहाल है.
यह भी पढ़ें: यूपी बजट 2026-27: चुनाव से पहले 9.12 लाख करोड़ का मास्टरस्ट्रोक, विकास और रोजगार पर बड़ा फोकसबस एक यही रट कि अगले महीने तय बिटिया के ब्याह वह कैसे कर पायेगें. आग लगने के वाद आस पास के ग्रामीणो ने किसी तरह आग पर काबू पाया. सूचना बाद मौके पर अग्निशमन विभाग की गाडी पहुची जरूर लेकिन तब तक सब कुछ खाक हो चुका था. मौके पर पहुंचे हल्का लेखपाल ने क्षति की जानकारी ली. अभी उसे किसी प्रकार की अहेतुक सहायता नही मिल पायी है. गांव के ही कुछ लोग सुरेश के परिवार की मदद को आगे आये.
यह भी पढ़ें: कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार: मेट्रो टनल तैयार, यात्रियों को जल्द मिलेगी सुविधाग्राम प्रधान हाकिम सिंह एवं प्रधान प्रतिनिधि नीरज सिंह ने जहां 21 हजार रूपये का व्यक्तिगत आर्थिक सहयोग किया . वही कोटेदार किरन सिंह एवं उनके पति निनकू सिंह ने जीविका के संकट को देखते हुए व्यक्तिगत रूप से एक बोरा गेहूं और एक बोरा चावल उपलब्ध करा कर मदद किया और उसे यह भरोसा दिलाया कि आगे भी जो जरूरत होगी उसे अपने सामथ्र्य अनुसार सहयोग करेगें.
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