लॉकडाउन में बस्ती लौट रहे अमृत की MP में हुई मौत, परिवार को आपके मदद की जरूरत

लॉकडाउन में बस्ती लौट रहे अमृत की MP में हुई मौत, परिवार को आपके मदद की जरूरत
Basti News6

बस्ती. लॉकडाउन के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों में फैक्ट्रियों का कामकाज बंद होने और लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी सरकारी मदद ना मिलने के चलते लोग अपने घरों की ओर पैदल ही चल रहे हैं. एक ऐसा ही युवक गुजरात के सूरत से उत्तर प्रदेश स्थित बस्ती के लिए चला था लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. जो तस्वीर देखकर आपने खबर क्लिक की है, उसे बहुत बार आपने सोशल मीडिया पर देखा होगा लेकिन शायद इसकी गंभीरता से आपका राब्ता ना हुआ हो.

24 वर्षीय अमृत कलश सूरत से बस्ती के लिए एक ट्रक से लौट रहा था. ट्रक में कई लोग सवार थे और जब वह मध्य प्रदेश के शिवपुरी -झांसी फोरलेन पर था तभी उसकी तबीयत खऱाब हो गई. इसी दौरान ट्रक में सवार लोगों को लगा कि अमृत कोरोना संदिग्ध है. इसलिए उसे ट्रक से उतारने का फैसला किया. अमृत के साथ उसका दोस्त सय्यूम भी उतर गया.

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सय्यूम ने अमृत के पिता रामचरण के अकाउंट की जानकारी दी जिसे हम आपसे साझा कर रहे हैं-

नाम- रामचरण (RAMCHARAN)
अकाउंट नंबर- 34369003443
बैंक- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
IFSC CODE- SBIN0006392
गांव का नाम- देवरी (Devari)
पता- सोमई पुत्र, गांव देवरी पोस्ट बरहुआ, बनकटी ब्लाक बस्ती (उत्तर प्रदेश) (S/O Somai Vill- Devari, Post Barahua Block Bankati Uttar Pradesh)

अमृत कलश की अस्पताल में मौत

किसी तरह अमृत जिला अस्पताल पहुंचा जहां इलजा के दौरान उसकी मौत हो गई. 23 वर्षीय सय्यूम ने बताया कि वह और अमृत सूरत की एक फैक्ट्री में काम करते थे. लॉकडाउन के चलते उन्होंने घर लौटने का फैसला किया और 4-4 हजार रुपए किराया देकर नासिक-इंदौर होते हुए कानपुर जा रहे थे. इसी दौरान अमृत की तबीयत खऱाब हुई. उसे तेज बुखार हुआ. ट्रक में बैठे अन्य लोगों ने विरोध किया और अमृत को उतारने की बात कहने लगे. उसके साथ मैं भी उतर गया.

भारतीय बस्ती से बातचीत में सय्यूम ने बताया कि अमृत, बनकटी के बरहुआ देवरी का रहने वाला था. रात 8 बजे के करीब हुई बातचीत में सय्यूम ने कहा कि वह झांसी पहुंचा था और 9-10 बजे तक पहुंच जाएंगे. सय्यूम ने बताया कि वह सुबह तक अमृत के घर के लोगों के फोन और अकाउंट नंबर दे सकेगा. 19 की सुबह अमृत का शव उनके पैतृक निवास पहुंचा जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया.

वहीं जानकारी मिली है कि अमृत अपने घर का इकलौता कमाने खाने वाला था और उसकी पांच बहने हैं. ऐसे में हमें जरूरत है कि हम अमृत के लिए आगे आएं और उसके परिवार की जो भी संभव हो वह मदद करे. अमृत के परिवार में पांच बहने, एक छोटा भाई और माता-पिता हैं.

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भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
20 May 2020 By Bhartiya Basti

लॉकडाउन में बस्ती लौट रहे अमृत की MP में हुई मौत, परिवार को आपके मदद की जरूरत

बस्ती. लॉकडाउन के चलते देश के अलग-अलग हिस्सों में फैक्ट्रियों का कामकाज बंद होने और लंबे समय तक इंतजार करने के बाद भी सरकारी मदद ना मिलने के चलते लोग अपने घरों की ओर पैदल ही चल रहे हैं. एक ऐसा ही युवक गुजरात के सूरत से उत्तर प्रदेश स्थित बस्ती के लिए चला था लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. जो तस्वीर देखकर आपने खबर क्लिक की है, उसे बहुत बार आपने सोशल मीडिया पर देखा होगा लेकिन शायद इसकी गंभीरता से आपका राब्ता ना हुआ हो.

24 वर्षीय अमृत कलश सूरत से बस्ती के लिए एक ट्रक से लौट रहा था. ट्रक में कई लोग सवार थे और जब वह मध्य प्रदेश के शिवपुरी -झांसी फोरलेन पर था तभी उसकी तबीयत खऱाब हो गई. इसी दौरान ट्रक में सवार लोगों को लगा कि अमृत कोरोना संदिग्ध है. इसलिए उसे ट्रक से उतारने का फैसला किया. अमृत के साथ उसका दोस्त सय्यूम भी उतर गया.

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सय्यूम ने अमृत के पिता रामचरण के अकाउंट की जानकारी दी जिसे हम आपसे साझा कर रहे हैं-

नाम- रामचरण (RAMCHARAN)
अकाउंट नंबर- 34369003443
बैंक- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
IFSC CODE- SBIN0006392
गांव का नाम- देवरी (Devari)
पता- सोमई पुत्र, गांव देवरी पोस्ट बरहुआ, बनकटी ब्लाक बस्ती (उत्तर प्रदेश) (S/O Somai Vill- Devari, Post Barahua Block Bankati Uttar Pradesh)

अमृत कलश की अस्पताल में मौत

किसी तरह अमृत जिला अस्पताल पहुंचा जहां इलजा के दौरान उसकी मौत हो गई. 23 वर्षीय सय्यूम ने बताया कि वह और अमृत सूरत की एक फैक्ट्री में काम करते थे. लॉकडाउन के चलते उन्होंने घर लौटने का फैसला किया और 4-4 हजार रुपए किराया देकर नासिक-इंदौर होते हुए कानपुर जा रहे थे. इसी दौरान अमृत की तबीयत खऱाब हुई. उसे तेज बुखार हुआ. ट्रक में बैठे अन्य लोगों ने विरोध किया और अमृत को उतारने की बात कहने लगे. उसके साथ मैं भी उतर गया.

भारतीय बस्ती से बातचीत में सय्यूम ने बताया कि अमृत, बनकटी के बरहुआ देवरी का रहने वाला था. रात 8 बजे के करीब हुई बातचीत में सय्यूम ने कहा कि वह झांसी पहुंचा था और 9-10 बजे तक पहुंच जाएंगे. सय्यूम ने बताया कि वह सुबह तक अमृत के घर के लोगों के फोन और अकाउंट नंबर दे सकेगा. 19 की सुबह अमृत का शव उनके पैतृक निवास पहुंचा जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया.

वहीं जानकारी मिली है कि अमृत अपने घर का इकलौता कमाने खाने वाला था और उसकी पांच बहने हैं. ऐसे में हमें जरूरत है कि हम अमृत के लिए आगे आएं और उसके परिवार की जो भी संभव हो वह मदद करे. अमृत के परिवार में पांच बहने, एक छोटा भाई और माता-पिता हैं.

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