जातिसूचक टिप्पणी और धमकी का आरोप, भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की

जातिसूचक टिप्पणी और धमकी का आरोप, भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की
जातिसूचक टिप्पणी और धमकी का आरोप, भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की

भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के जिलाध्यक्ष अमर जीत आर्य पुत्र गंगा राम आर्य, निवासी ग्राम कोपवा, थाना कोतवाली, जिला बस्ती ने पुलिस अधीक्षक को सम्बोधित शिकायती पत्र अपर पुलिस  अधीक्षक को सौंपकर हर्षित दुबे पुत्र ललन दुबे, निवासी ग्राम पिपरा मेघऊ थाना कोतवाली के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

अपर पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपने के दौरान भारत मुक्ति मोर्चा पूर्वान्चल जोन प्रभारी आर.के. आरतियन, बहुजन मुक्ति पार्टी के मण्डल अध्यक्ष हृदय गौतम, राम सुमेर यादव, सरिता भारती, दीपक आर्य आदि ने मांग किया कि प्रकरण की जांच और मुकदमा पंजीकृत कराकर न्याय दिलाने की मांग किया.

फेसबुक पोस्ट को लेकर बढ़ा विवाद

पत्र में कहा गया है कि अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले अमर जीत आर्य विद्यार्थियों के हितों और समाज में पीड़ित-दुखियों की आवाज उठाने का काम करते हैं, को लेकर कुछ लोग पहले से ही द्वेष भावना रखते हैं. आरोप है कि हर्षित दुबे ने अपने सोशल मीडिया फेसबुक अकाउंट के माध्यम से जानबूझकर जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग करते हुए शिकायतकर्ता की मां-बहनों को अभद्र भाषा में गाली दी और सार्वजनिक रूप से पोस्ट किया. इस घटना से दलित समुदाय सहित बहुजन समाज के विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश है. उन्होंने बताया कि थाना कोतवाली में इस संबंध में लिखित शिकायत दी गई थी,

नगर पालिका की बैठक में मच्छरजनित बीमारियों पर रोकथाम को लेकर सख्त निर्देश यह भी पढ़ें: नगर पालिका की बैठक में मच्छरजनित बीमारियों पर रोकथाम को लेकर सख्त निर्देश

लेकिन मुकदमा दर्ज करने के बजाय साइबर सेल में तैनात एक कांस्टेबल द्वारा बार-बार फोन कर समझौते का दबाव बनाया गया. आरोप है कि जब बात नहीं मानी गई तो फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई, जिसका स्क्रीनशॉट भी शिकायत पत्र के साथ संलग्न किया गया है.
मुकदमा दर्ज न होने से आरोपी का मनोबल बढ़ा हुआ बताया जा रहा है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि हर्षित दुबे ने फेसबुक पर वीडियो के माध्यम से क्प्ळ महोदय को भी धमकी दी है

हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हटा तालाब से कब्जा, बस्ती में ग्रामीणों ने DM से लगाई गुहार यह भी पढ़ें: हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हटा तालाब से कब्जा, बस्ती में ग्रामीणों ने DM से लगाई गुहार

कि यदि मुकदमा दर्ज हुआ तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आईटी एक्ट की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर कानूनी कार्रवाई की जाए.

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भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
01 Jul 2026 By Vikas kumar

जातिसूचक टिप्पणी और धमकी का आरोप, भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की

भारतीय विद्यार्थी मोर्चा के जिलाध्यक्ष अमर जीत आर्य पुत्र गंगा राम आर्य, निवासी ग्राम कोपवा, थाना कोतवाली, जिला बस्ती ने पुलिस अधीक्षक को सम्बोधित शिकायती पत्र अपर पुलिस  अधीक्षक को सौंपकर हर्षित दुबे पुत्र ललन दुबे, निवासी ग्राम पिपरा मेघऊ थाना कोतवाली के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

अपर पुलिस अधीक्षक को पत्र सौंपने के दौरान भारत मुक्ति मोर्चा पूर्वान्चल जोन प्रभारी आर.के. आरतियन, बहुजन मुक्ति पार्टी के मण्डल अध्यक्ष हृदय गौतम, राम सुमेर यादव, सरिता भारती, दीपक आर्य आदि ने मांग किया कि प्रकरण की जांच और मुकदमा पंजीकृत कराकर न्याय दिलाने की मांग किया.

फेसबुक पोस्ट को लेकर बढ़ा विवाद

पत्र में कहा गया है कि अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले अमर जीत आर्य विद्यार्थियों के हितों और समाज में पीड़ित-दुखियों की आवाज उठाने का काम करते हैं, को लेकर कुछ लोग पहले से ही द्वेष भावना रखते हैं. आरोप है कि हर्षित दुबे ने अपने सोशल मीडिया फेसबुक अकाउंट के माध्यम से जानबूझकर जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग करते हुए शिकायतकर्ता की मां-बहनों को अभद्र भाषा में गाली दी और सार्वजनिक रूप से पोस्ट किया. इस घटना से दलित समुदाय सहित बहुजन समाज के विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश है. उन्होंने बताया कि थाना कोतवाली में इस संबंध में लिखित शिकायत दी गई थी,

लेकिन मुकदमा दर्ज करने के बजाय साइबर सेल में तैनात एक कांस्टेबल द्वारा बार-बार फोन कर समझौते का दबाव बनाया गया. आरोप है कि जब बात नहीं मानी गई तो फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई, जिसका स्क्रीनशॉट भी शिकायत पत्र के साथ संलग्न किया गया है.
मुकदमा दर्ज न होने से आरोपी का मनोबल बढ़ा हुआ बताया जा रहा है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि हर्षित दुबे ने फेसबुक पर वीडियो के माध्यम से क्प्ळ महोदय को भी धमकी दी है

कि यदि मुकदमा दर्ज हुआ तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आईटी एक्ट की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर कानूनी कार्रवाई की जाए.

https://bhartiyabasti.com/basti-news-live-in-hindi/alleging-casteist-remarks-and-threats-bharatiya-vidyarthi-morcha-demanded-action/article-25775
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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है