बस्ती में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सिर्फ तस्वीरों में, प्रशासन नियम पालन कराने में नाकाम!

बस्ती में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सिर्फ तस्वीरों में, प्रशासन नियम पालन कराने में नाकाम!
Social Distancing Amidst Coronavirus

-विजय प्रकाश पांडे-बस्ती (भाब.). जिले में बुधवार से कुछ दुकानों को खोलने की मिली छूट के बाद ग्राहकों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही हो रहा है जिसके चलते लोगों के लिए खतरा बना हुआ है. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करना  प्रशासन को किसी मुश्किल में डाल सकता है. हालांकि प्रशासन की तरफ से दुकानों को खोलने के लिए समयावधि तय की गई  है जो कि सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक की है उसके बावजूद दुकानदारों व ग्राहकों से प्रशासन के द्वारा बार-बार कहने पर भी पालन नहीं हो पा रहा है. एक ओर जहां शराब, मोबाइल, प्रसाधन आदि की दुकानों में के खुलने की छूट दी गई है वहीं  छोटी-छोटी चाय की दुकानों, ठेले, प्रतिष्ठानों सहित आदि दुकानों से अपने घर की रोजी रोटी चलाते थे, उन्हें अब भी प्रशासनिक मंजूरी का इंतजार है. इतना ही नहीं इ छोटे दुकानों के न खुलने से डयूटी पर तैनात कर्मचारियों को भी  चाय नास्ते के लिए तरसना पड़ता है.

इन दुकानदारों का कहना है कि शराब से पहले तो चाय, होटलों का दुकान खुलवाना था लेकिन ऐसा न करने से सरकार के ऊपर उंगलियां उठना शुरू होंगी कि क्या शराब की दुकान ही पहले जरूरी थी? क्या लोग शराब के सहारे ही जीते है तो सरकार को शराब भी बंटवाया जाना आवश्यक है

चाय, मिठाई आदि की दुकानों के न खुलने से दूध का कारोबार करने वालों के आगे भी संकट खड़ा हो गया है. दुकान नहीं खुल रहे हैं और उनके दूध का खपत कम हो जाने से उन्हें सही दाम नहीं मिल पा रहा है. वहीं  कपड़े का कारोबार बन्द होने से गर्मी के कपड़े बेचने का इंतजार कर रहे कपड़ा व्यवसायियों को छूट न मिलने से  वे परेशान तो हैं ही और जिनलोगों को आवश्यकता है वह भी संकट से गुजर रहे हैं.

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ऐसे में इन दुकानो के न खुलने से न जाने कितने लोगो का रोजगार बन्द हो गया और बहुतों की नौकरी छूट गयी. सरकार इन व्यवसायियों को दुकान खुलने की छूट न दी गयी तो न जाने कितने बेरोजगार हो जायेगें. ऐसे में मौसम का साथ न देना लोगों के लिए दुर्भाग्य पूर्ण है कि किसान भी अपनी फसल को लेकर जूझ रहा है कि बेमौसम बारिस के बार-बार होने से फसल बर्बाद हो रहे हैं.

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