बस्ती कोतवाल पर आरोप, पीड़ित को ही केस में फंसाने की धमकी!
Basti News
बस्ती शहर के रोडवेज क्षेत्र में एक युवक के साथ विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है. पीड़ित का आरोप है कि उसे बार-बार फोन कर बुलाया गया, जबकि उसने साफ कहा था कि वह उस व्यक्ति को नहीं जानता. इसके बावजूद सामने वाले लगातार मिलने का दबाव बनाते रहे.
पीड़ित के अनुसार, जब वह मौके पर पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद लोगों ने उससे बहस की और मामला बढ़ने पर उसके साथ मारपीट की गई. इसी दौरान पुलिस की डायल 112 टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने उन्हें चौकी जाने को कहा, जहां उन्होंने लिखित शिकायत दी. इसके बावजूद वहां भी कोई कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें कोतवाली जाने की सलाह दी गई.
कोतवाली पहुंचने पर भी उन्हें अगले दिन आने को कहा गया. पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया, जबकि दूसरी ओर आरोपियों की शिकायत पहले ही अधिकारियों तक पहुंच गई.
पीड़ित धरने पर बैठा, न्याय की मांग
पीड़ित ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा उन पर ही मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी जा रही है. यहां तक कि डकैती जैसे गंभीर आरोप लगाने की बात कही गई, जिसे उन्होंने पूरी तरह गलत बताया.
पीड़ित का कहना है कि वह सिर्फ न्याय की मांग कर रहा है और जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वह धरने पर बैठा रहेगा. आम आदमी के पास पुलिस-प्रशासन ही आखिरी सहारा होता है, लेकिन जब वहीं सुनवाई न हो तो मजबूरी में आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ता है. भारतीय बस्ती ने इस पूरे मामले को लेकर बस्ती कोतवाल मोती चंद्र से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.
बस्ती कोतवाल पर आरोप, पीड़ित को ही केस में फंसाने की धमकी!
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बस्ती शहर के रोडवेज क्षेत्र में एक युवक के साथ विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है. पीड़ित का आरोप है कि उसे बार-बार फोन कर बुलाया गया, जबकि उसने साफ कहा था कि वह उस व्यक्ति को नहीं जानता. इसके बावजूद सामने वाले लगातार मिलने का दबाव बनाते रहे.
पीड़ित के अनुसार, जब वह मौके पर पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद लोगों ने उससे बहस की और मामला बढ़ने पर उसके साथ मारपीट की गई. इसी दौरान पुलिस की डायल 112 टीम भी मौके पर पहुंची, लेकिन तत्काल कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने उन्हें चौकी जाने को कहा, जहां उन्होंने लिखित शिकायत दी. इसके बावजूद वहां भी कोई कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें कोतवाली जाने की सलाह दी गई.
कोतवाली पहुंचने पर भी उन्हें अगले दिन आने को कहा गया. पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया, जबकि दूसरी ओर आरोपियों की शिकायत पहले ही अधिकारियों तक पहुंच गई.
पीड़ित धरने पर बैठा, न्याय की मांग
पीड़ित ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा उन पर ही मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी जा रही है. यहां तक कि डकैती जैसे गंभीर आरोप लगाने की बात कही गई, जिसे उन्होंने पूरी तरह गलत बताया.
पीड़ित का कहना है कि वह सिर्फ न्याय की मांग कर रहा है और जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वह धरने पर बैठा रहेगा. आम आदमी के पास पुलिस-प्रशासन ही आखिरी सहारा होता है, लेकिन जब वहीं सुनवाई न हो तो मजबूरी में आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ता है. भारतीय बस्ती ने इस पूरे मामले को लेकर बस्ती कोतवाल मोती चंद्र से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.
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About The Author
विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है