Basti: महाराजा सुहेलदेव राजभर पर अभद्र टिप्पणी से रोषः सुभासपा ने मुख्यमंत्री

Basti: महाराजा सुहेलदेव राजभर पर अभद्र टिप्पणी से रोषः सुभासपा ने मुख्यमंत्री

बुधवार को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने जिलाध्यक्ष मनोज कुमार राजभर के नेतृत्व में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। मांग किया कि महाराजा सुहेलदेव राजभर पर अभद्र टिप्पणी करने वाले एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाय। वे अपने बयान के लिये देश से माफी मांगे।


ज्ञापन देने के बाद सुभासपा के राष्ट्रीय सचिव विनोद कुमार राजभर ने कहा कि  शौकत अली जैसे विक्षिप्त नेता, इतिहास में शर्मनाक मानसिकता के प्रतीक के रूप में याद किए जाएंगे,  यदि उन्होंन सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आन्दोलन जारी रखेगी। कहा कि महाराजा सुहेलदेव राजभर ने 1034 ई. में विदेशी आक्रांता सैय्यद सालार मसूद गाजी को परास्त कर भारत की संस्कृति और सनातन परंपरा को बचाया था।

आजादी और स्वाभिमान के जिस दीपक को महाराजा सुहेलदेव ने जलाया. वही आगे चलकर स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा बना। उनका अपमान बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।


मुख्यमंत्री को भेजे 3 सूत्रीय ज्ञापन में कहा गया है कि महाराजा सुहेलदेव पर अभद्र टिप्पणी करने वाले  शौकत अली देश से मांफी मांगे। उनके विरूद्ध सरकार ऐसी कठोर कार्रवाई करे जिससे भविष्य में कोई व्यक्ति महाराजा सुहेलदेव के अपमान का साहस न जुटा पाये।
ज्ञापन देने के दौरान वृजभूषण मिश्र, सुनील पाण्डेय, अमन राजभर, डा. तुलसीराम राजभर, राजेश राजभर, सुरेश राजभर, सत्येन्द्र शुक्ल, उमेश राजभर, अर्जुन राजभर, जगराम राजभर, मनोज राजभर, मनोज राजभर, दिनेश राजभर, अरविन्द उपाध्याय, सीतादेवी राजभर, पूजा देवी राजभर, आशीष राजभर, दीपक यादव, राहुल पाण्डेय, टिम्मल राजभर, सोनू कुमार, जितेन्द्र कुमार, अजय राजभर, विजय राजभर, सूरज     चौधरी, अनुज राजभर, बब्लू यादव के साथ ही सुभासपा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
17 Sep 2025 By Vikas kumar

Basti: महाराजा सुहेलदेव राजभर पर अभद्र टिप्पणी से रोषः सुभासपा ने मुख्यमंत्री

बुधवार को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने जिलाध्यक्ष मनोज कुमार राजभर के नेतृत्व में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। मांग किया कि महाराजा सुहेलदेव राजभर पर अभद्र टिप्पणी करने वाले एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाय। वे अपने बयान के लिये देश से माफी मांगे।


ज्ञापन देने के बाद सुभासपा के राष्ट्रीय सचिव विनोद कुमार राजभर ने कहा कि  शौकत अली जैसे विक्षिप्त नेता, इतिहास में शर्मनाक मानसिकता के प्रतीक के रूप में याद किए जाएंगे,  यदि उन्होंन सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आन्दोलन जारी रखेगी। कहा कि महाराजा सुहेलदेव राजभर ने 1034 ई. में विदेशी आक्रांता सैय्यद सालार मसूद गाजी को परास्त कर भारत की संस्कृति और सनातन परंपरा को बचाया था।

आजादी और स्वाभिमान के जिस दीपक को महाराजा सुहेलदेव ने जलाया. वही आगे चलकर स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा बना। उनका अपमान बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।


मुख्यमंत्री को भेजे 3 सूत्रीय ज्ञापन में कहा गया है कि महाराजा सुहेलदेव पर अभद्र टिप्पणी करने वाले  शौकत अली देश से मांफी मांगे। उनके विरूद्ध सरकार ऐसी कठोर कार्रवाई करे जिससे भविष्य में कोई व्यक्ति महाराजा सुहेलदेव के अपमान का साहस न जुटा पाये।
ज्ञापन देने के दौरान वृजभूषण मिश्र, सुनील पाण्डेय, अमन राजभर, डा. तुलसीराम राजभर, राजेश राजभर, सुरेश राजभर, सत्येन्द्र शुक्ल, उमेश राजभर, अर्जुन राजभर, जगराम राजभर, मनोज राजभर, मनोज राजभर, दिनेश राजभर, अरविन्द उपाध्याय, सीतादेवी राजभर, पूजा देवी राजभर, आशीष राजभर, दीपक यादव, राहुल पाण्डेय, टिम्मल राजभर, सोनू कुमार, जितेन्द्र कुमार, अजय राजभर, विजय राजभर, सूरज     चौधरी, अनुज राजभर, बब्लू यादव के साथ ही सुभासपा के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है