यूपी के ग्रामीणों में दहशत: रात के समय राप्ती नदी किनारे उड़ रहे ड्रोन, पुलिस ने बताया सर्वे का काम
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में कैंपियरगंज क्षेत्र के राप्ती नदी किनारे बसे गांवों रिगौली, मिरिहिरिया, चकदहा, भुजौली, मुसाबर और खजूरगांवा के लोगों ने बीते शुक्रवार की रात अजीब नजारा देखा. रात 8:00 बजे के बाद अचानक आसमान में कई ड्रोन उड़ने लगे. शांत गांवों में इस दृश्य ने लोगों की धड़कनें तेज कर दीं.
अफवाहों ने बढ़ाई बेचैनी
पहले से ही क्षेत्र में चोरों की गतिविधियों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ चल रही थीं. ऐसे में जब गांव के ऊपर एक साथ 2-3 ड्रोन उड़ते नजर आए, तो लोग आपस में फोन कर स्थिति समझने की कोशिश करने लगे. लेकिन किसी के पास पुख्ता जानकारी नहीं थी.
चार ड्रोन एक साथ
चकदहा गांव के रहने वाले शेषमन चौधरी ने मुंबई से फोन पर बताया कि उनके गांव में तो 4 ड्रोन एक साथ घूमते देखे गए. इस वजह से लोग घबराकर छतों पर चढ़ गए और मोबाइल कैमरों से आसमान पर नजर रखने लगे.
रातभर पहरा देने लगे ग्रामीण
कटसहरा, बैजलपुर, रेवड़ा, प्रानपुर, दुल्टही, सिधौली, बरसिहा, चेचुआपार, भदरखी और बिगही समेत कई गांवों में भी यही हाल रहा. अचानक आसमान में ड्रोन देखकर लोग घर से बाहर निकल आए और सामूहिक रूप से रातभर पहरा देने लगे.
पुलिस से जानकारी - सर्वे का काम
जब इस पूरे मामले पर स्थानीय पुलिस से बात की गई तो उन्होंने आश्वासन दिया कि डरने की कोई बात नहीं है. जांच में पता चला कि यह ड्रोन भारतीय सर्वेक्षण विभाग की ओर से उड़ाए जा रहे हैं. विभाग ने राप्ती नदी सहित आसपास के इलाकों के सर्वे का काम शुरू किया है.
रात में ही क्यों उड़ाए गए ड्रोन?
अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन संचालन प्रदेश की ड्रोन नीति के मुताबिक ही किया जा रहा है और ग्रामीणों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. हालांकि ग्रामीणों के मन में यह सवाल अब भी बना हुआ है कि आखिर सर्वे का काम रात में ही क्यों किया गया, जबकि आमतौर पर ऐसे कार्य दिन में किए जाते हैं.
यूपी के ग्रामीणों में दहशत: रात के समय राप्ती नदी किनारे उड़ रहे ड्रोन, पुलिस ने बताया सर्वे का काम
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में कैंपियरगंज क्षेत्र के राप्ती नदी किनारे बसे गांवों रिगौली, मिरिहिरिया, चकदहा, भुजौली, मुसाबर और खजूरगांवा के लोगों ने बीते शुक्रवार की रात अजीब नजारा देखा. रात 8:00 बजे के बाद अचानक आसमान में कई ड्रोन उड़ने लगे. शांत गांवों में इस दृश्य ने लोगों की धड़कनें तेज कर दीं.
अफवाहों ने बढ़ाई बेचैनी
पहले से ही क्षेत्र में चोरों की गतिविधियों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ चल रही थीं. ऐसे में जब गांव के ऊपर एक साथ 2-3 ड्रोन उड़ते नजर आए, तो लोग आपस में फोन कर स्थिति समझने की कोशिश करने लगे. लेकिन किसी के पास पुख्ता जानकारी नहीं थी.
चार ड्रोन एक साथ
चकदहा गांव के रहने वाले शेषमन चौधरी ने मुंबई से फोन पर बताया कि उनके गांव में तो 4 ड्रोन एक साथ घूमते देखे गए. इस वजह से लोग घबराकर छतों पर चढ़ गए और मोबाइल कैमरों से आसमान पर नजर रखने लगे.
रातभर पहरा देने लगे ग्रामीण
कटसहरा, बैजलपुर, रेवड़ा, प्रानपुर, दुल्टही, सिधौली, बरसिहा, चेचुआपार, भदरखी और बिगही समेत कई गांवों में भी यही हाल रहा. अचानक आसमान में ड्रोन देखकर लोग घर से बाहर निकल आए और सामूहिक रूप से रातभर पहरा देने लगे.
पुलिस से जानकारी - सर्वे का काम
जब इस पूरे मामले पर स्थानीय पुलिस से बात की गई तो उन्होंने आश्वासन दिया कि डरने की कोई बात नहीं है. जांच में पता चला कि यह ड्रोन भारतीय सर्वेक्षण विभाग की ओर से उड़ाए जा रहे हैं. विभाग ने राप्ती नदी सहित आसपास के इलाकों के सर्वे का काम शुरू किया है.
रात में ही क्यों उड़ाए गए ड्रोन?
अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन संचालन प्रदेश की ड्रोन नीति के मुताबिक ही किया जा रहा है और ग्रामीणों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. हालांकि ग्रामीणों के मन में यह सवाल अब भी बना हुआ है कि आखिर सर्वे का काम रात में ही क्यों किया गया, जबकि आमतौर पर ऐसे कार्य दिन में किए जाते हैं.
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About The Author
शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।