Makar Sankranti 2023: कब है मकर संक्रांति और क्या है मुहूर्त? जानें- यहां

Makar Sankranti 2023: कब है मकर संक्रांति और क्या है मुहूर्त? जानें- यहां
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Makar Sankranti 2023 Kab Hai ज्योतिष विज्ञान के अनुसार सूर्य देव को ग्रहों का राजा कहा जाता है. पृथ्वी पर रहने वाले सभी धर्म व जाति के लोग बारह महीनों का साल मनाते हैं, चाहे वे कोई भी मान्यता के कैलेंडर को प्रयोग में लाएं. ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियां व 12 घर का मूल सिद्धांत है. सूर्य 1 महीना हर राशि या हर घर में बिताते हैं अर्थात 30 दिन में सूर्य दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं. इसका मतलब जब सूर्य देव एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसे संक्रांति कहते हैं. इसी प्रकार जब जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो वेदों के अनुसार उस दिन को श्मकर संक्रांतिश् कहते हैं. मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण में होते हैं.

मकरसंक्रांति के दिन सुबह स्नान करके दान करने के बाद ही भोजन करना चाहिए. इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव के घर आते हैं. अतः शनि देव अपने पिता का स्वागत करते हैं. इस वर्ष 14 जनवरी, 2023 को रात्रि 08ः44 के बाद सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे, अतः मकर संक्रांति 15 जनवरी, 2023 को मनायी जाएगी.
 
इस दिन सुबह स्नान करने के बाद सूर्य देव, विष्णु जी व लक्ष्मी देवी की पूजा करनी चाहिए. इस दिन उड़द की दाल की खिचड़ी व तिल के लड्डू का दान करना चाहिए. गरीबों को कंबल-वस्त्र बांटने चाहिए. रंग-बिरंगे वस्त्र, विशेषकर पीले वस्त्र धारण करने चाहिए. पूरे भारत वर्ष में केवल महाराष्ट्र ऐसा प्रदेश है, जहां मकर संक्रांति के दिन काले वस्त्र धारण करने की परंपरा है. काली उड़द की दाल दान करने से शनि संबंधी दोष दूर होते हैं. दान करने से हमारे सभी पाप नष्ट होते हैं. इस अवसर पर सूर्य के प्राचीन मंत्र गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए. यह मंत्र बहुत शक्तिशाली व सबसे पुराने वेद ऋग्वेद का सूर्य मंत्र है.

मकर संक्रान्ति मुहूर्त 
पुण्य काल मुहूर्त :07:15:13 से 12:30:00 तक

अवधि :5 घंटे 14 मिनट

महापुण्य काल मुहूर्त :07:15:13 से 09:15:13 तक

अवधि :2 घंटे 0 मिनट

संक्रांति पल :20:21:45 14, जनवरी को

आइए जानते हैं कि 2023 में मकर संक्रांति कब है व मकर संक्रांति 2023 की तारीख व मुहूर्त. हिंदू धर्म में मकर संक्रांति एक प्रमुख पर्व है. भारत के विभिन्न इलाकों में इस त्यौहार को स्थानीय मान्यताओं के अनुसार मनाया जाता है. हर वर्ष सामान्यत: मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाती है. इस दिन सूर्य उत्तरायण होता है, जबकि उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर मुड़ जाता है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इसी दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है.

ज्यादातर हिंदू त्यौहारों की गणना चंद्रमा पर आधारित पंचांग के द्वारा की जाती है लेकिन मकर संक्रांति पर्व सूर्य पर आधारित पंचांग की गणना से मनाया जाता है. मकर संक्रांति से ही ऋतु में परिवर्तन होने लगता है. शरद ऋतु क्षीण होने लगती है और बसंत का आगमन शुरू हो जाता है. इसके फलस्वरूप दिन लंबे होने लगते हैं और रातें छोटी हो जाती है.

भारतीय बस्ती
bhartiyabasti.com
14 Jan 2023 By Bhartiya Basti

Makar Sankranti 2023: कब है मकर संक्रांति और क्या है मुहूर्त? जानें- यहां

Makar Sankranti 2023 Kab Hai ज्योतिष विज्ञान के अनुसार सूर्य देव को ग्रहों का राजा कहा जाता है. पृथ्वी पर रहने वाले सभी धर्म व जाति के लोग बारह महीनों का साल मनाते हैं, चाहे वे कोई भी मान्यता के कैलेंडर को प्रयोग में लाएं. ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियां व 12 घर का मूल सिद्धांत है. सूर्य 1 महीना हर राशि या हर घर में बिताते हैं अर्थात 30 दिन में सूर्य दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं. इसका मतलब जब सूर्य देव एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उसे संक्रांति कहते हैं. इसी प्रकार जब जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो वेदों के अनुसार उस दिन को श्मकर संक्रांतिश् कहते हैं. मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण में होते हैं.

मकरसंक्रांति के दिन सुबह स्नान करके दान करने के बाद ही भोजन करना चाहिए. इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव के घर आते हैं. अतः शनि देव अपने पिता का स्वागत करते हैं. इस वर्ष 14 जनवरी, 2023 को रात्रि 08ः44 के बाद सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे, अतः मकर संक्रांति 15 जनवरी, 2023 को मनायी जाएगी.
 
इस दिन सुबह स्नान करने के बाद सूर्य देव, विष्णु जी व लक्ष्मी देवी की पूजा करनी चाहिए. इस दिन उड़द की दाल की खिचड़ी व तिल के लड्डू का दान करना चाहिए. गरीबों को कंबल-वस्त्र बांटने चाहिए. रंग-बिरंगे वस्त्र, विशेषकर पीले वस्त्र धारण करने चाहिए. पूरे भारत वर्ष में केवल महाराष्ट्र ऐसा प्रदेश है, जहां मकर संक्रांति के दिन काले वस्त्र धारण करने की परंपरा है. काली उड़द की दाल दान करने से शनि संबंधी दोष दूर होते हैं. दान करने से हमारे सभी पाप नष्ट होते हैं. इस अवसर पर सूर्य के प्राचीन मंत्र गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए. यह मंत्र बहुत शक्तिशाली व सबसे पुराने वेद ऋग्वेद का सूर्य मंत्र है.

मकर संक्रान्ति मुहूर्त 
पुण्य काल मुहूर्त :07:15:13 से 12:30:00 तक

अवधि :5 घंटे 14 मिनट

महापुण्य काल मुहूर्त :07:15:13 से 09:15:13 तक

अवधि :2 घंटे 0 मिनट

संक्रांति पल :20:21:45 14, जनवरी को

आइए जानते हैं कि 2023 में मकर संक्रांति कब है व मकर संक्रांति 2023 की तारीख व मुहूर्त. हिंदू धर्म में मकर संक्रांति एक प्रमुख पर्व है. भारत के विभिन्न इलाकों में इस त्यौहार को स्थानीय मान्यताओं के अनुसार मनाया जाता है. हर वर्ष सामान्यत: मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाती है. इस दिन सूर्य उत्तरायण होता है, जबकि उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर मुड़ जाता है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इसी दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है.

ज्यादातर हिंदू त्यौहारों की गणना चंद्रमा पर आधारित पंचांग के द्वारा की जाती है लेकिन मकर संक्रांति पर्व सूर्य पर आधारित पंचांग की गणना से मनाया जाता है. मकर संक्रांति से ही ऋतु में परिवर्तन होने लगता है. शरद ऋतु क्षीण होने लगती है और बसंत का आगमन शुरू हो जाता है. इसके फलस्वरूप दिन लंबे होने लगते हैं और रातें छोटी हो जाती है.

https://bhartiyabasti.com/astrology-today-rashifal/makar-sankranti-2023-kab-hai-makar-sankranti-2023-date-makar-sankranti-2023-date-and-time/article-12203
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