Electricity Strike In UP: आन्दोलित बिजली कर्मचारियों को कांग्रेस ने दिया समर्थन
बिजली कर्मचारियों की मांगों को पूरा करे सरकार- नोमान अहमद
बस्ती . बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है. शनिवार को बिजली कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन मालवीय रोड स्थित बिद्युत विभाग कार्यालय के समक्ष जारी रहा. कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश सचिव नोमान अहमद पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों के साथ धरना स्थल पहुंचे और समर्थन दिया.
धरने को सम्बोधित करते हुये नोमान अहमद ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश की सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण की जगह उसे कुचल देना चाहती है, यह दुर्भाग्यपूर्ण और चिन्ताजनक है. कहा कि जो ताकत प्रदेश सरकार कर्मचारियों को निलम्बित, सेवा मुक्त करने पर लगा रही है यदि वह आन्दोलित बिजली कर्मचारियों के नेताओं से अच्छा संवाद बनाती तो हड़ताल को समाप्त कराया जा सकता था और बस्ती एवं प्रदेश की जनता बिजली संकट से बच जाती. कहा कि कांग्र्रेस आन्दोलित बिजली कर्मचारियों के साथ है, उन्हें उनका हक मिलना ही चाहिये. सरकार शीघ्र समस्या का हल निकाले.
कहा कि कांग्रेस जहां कर्मचारियों को पुरानी पेंशन सुविधा का लाभ दे रही है, छत्तीसगढ, राजस्थान, झारखण्ड और हिंमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन सुविधा लागू कर दिया गया है वहीं भाजपा शासित राज्यों में कर्मचारियों के हकों को छीना जा रहा है. कर्मचारी बखूबी समझ रहे हैं कि उनका भविष्य किस दल की सरकार में सुरक्षित है.
15 सूत्रीय मांगों को लेकर आन्दोलित बिजली कर्मचारियों को समर्थन देने वालों में मुख्य रूप से कांग्रेस विधि विभाग जिलाध्यक्ष नवीन श्रीवास्तव, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सुधीर यादव, प्रदीप श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, सोनू लाला, आशीष श्रीवास्तव, आदित्य मौर्य, शिवम, नीरज, विकास पाण्डेय जावेद अख्तर, सलाहुद्दीन, अरूण कुमार पाण्डेय आदि शामिल रहे.
Electricity Strike In UP: आन्दोलित बिजली कर्मचारियों को कांग्रेस ने दिया समर्थन
बिजली कर्मचारियों की मांगों को पूरा करे सरकार- नोमान अहमद
बस्ती . बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है. शनिवार को बिजली कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन मालवीय रोड स्थित बिद्युत विभाग कार्यालय के समक्ष जारी रहा. कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश सचिव नोमान अहमद पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों के साथ धरना स्थल पहुंचे और समर्थन दिया.
धरने को सम्बोधित करते हुये नोमान अहमद ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश की सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के निस्तारण की जगह उसे कुचल देना चाहती है, यह दुर्भाग्यपूर्ण और चिन्ताजनक है. कहा कि जो ताकत प्रदेश सरकार कर्मचारियों को निलम्बित, सेवा मुक्त करने पर लगा रही है यदि वह आन्दोलित बिजली कर्मचारियों के नेताओं से अच्छा संवाद बनाती तो हड़ताल को समाप्त कराया जा सकता था और बस्ती एवं प्रदेश की जनता बिजली संकट से बच जाती. कहा कि कांग्र्रेस आन्दोलित बिजली कर्मचारियों के साथ है, उन्हें उनका हक मिलना ही चाहिये. सरकार शीघ्र समस्या का हल निकाले.
कहा कि कांग्रेस जहां कर्मचारियों को पुरानी पेंशन सुविधा का लाभ दे रही है, छत्तीसगढ, राजस्थान, झारखण्ड और हिंमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन सुविधा लागू कर दिया गया है वहीं भाजपा शासित राज्यों में कर्मचारियों के हकों को छीना जा रहा है. कर्मचारी बखूबी समझ रहे हैं कि उनका भविष्य किस दल की सरकार में सुरक्षित है.
15 सूत्रीय मांगों को लेकर आन्दोलित बिजली कर्मचारियों को समर्थन देने वालों में मुख्य रूप से कांग्रेस विधि विभाग जिलाध्यक्ष नवीन श्रीवास्तव, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सुधीर यादव, प्रदीप श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, सोनू लाला, आशीष श्रीवास्तव, आदित्य मौर्य, शिवम, नीरज, विकास पाण्डेय जावेद अख्तर, सलाहुद्दीन, अरूण कुमार पाण्डेय आदि शामिल रहे.
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