यह पत्र मेरी छवि खराब करने के लिए उद्देश से लिखा गया है : फतेहपुर डीएम
उन्होंने इंडिया टुडे को बताया, "मुझे इस पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है, यह पत्र मेरी छवि खराब करने के लिए उद्देश से लिखा गया है.
उन्होंने कहा, "मामला [बीमार गाय पर विवाद] ट्विटर के माध्यम से मेरे संज्ञान में आया. मुझे इस बीमारी के बारे में पता भी नहीं है."
यह भी पढ़ें: SI भर्ती परीक्षा विवाद: लखनऊ में आत्मदाह की कोशिश, पेट्रोल पंप पर दीपक शर्मा ने खुद पर डाला डीजलरविवार को वायरल हुए एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, फतेहपुर के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ एसके तिवारी ने अपने आदेश के तहत सात पशु चिकित्सकों को बीमार गाय का इलाज करने का निर्देश दिया.
यह भी पढ़ें: यूपी में 1 अप्रैल से अंडे पर लिखी होगी एक्सपायरी डेट, पुराना माल बेचा तो दुकानदार पर होगी कार्रवाई9 जून को जारी आदेश पत्र में कहा गया है कि पशु चिकित्सक दिन में दो बार सुबह और शाम को बीमार गायों की दैनिक जांच करेंगे. वे इन जांचों को करने के बाद मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को एक रिपोर्ट भी प्रस्तुत करेंगे.
यह पत्र मेरी छवि खराब करने के लिए उद्देश से लिखा गया है : फतेहपुर डीएम
फतेहपुर की जिलाधिकारी अनुप्रिया दुबे ने दावा किया है कि उनकी बीमार गाय को लेकर विवाद उनकी छवि खराब करने के लिए है. इससे पहले दिन में, नौकरशाह की बीमार गाय की देखभाल के लिए सात डॉक्टरों को शामिल करने वाला एक सरकारी आदेश वायरल हुआ था.
उन्होंने इंडिया टुडे को बताया, "मुझे इस पत्र के बारे में कोई जानकारी नहीं है, यह पत्र मेरी छवि खराब करने के लिए उद्देश से लिखा गया है.
उन्होंने कहा, "मामला [बीमार गाय पर विवाद] ट्विटर के माध्यम से मेरे संज्ञान में आया. मुझे इस बीमारी के बारे में पता भी नहीं है."
रविवार को वायरल हुए एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, फतेहपुर के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ एसके तिवारी ने अपने आदेश के तहत सात पशु चिकित्सकों को बीमार गाय का इलाज करने का निर्देश दिया.
9 जून को जारी आदेश पत्र में कहा गया है कि पशु चिकित्सक दिन में दो बार सुबह और शाम को बीमार गायों की दैनिक जांच करेंगे. वे इन जांचों को करने के बाद मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को एक रिपोर्ट भी प्रस्तुत करेंगे.
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