Uttar Pradesh Panchayat Chunav: आज हो सकता है फैसला, स्थिति होगी साफ
UP Panchayat Election 2026
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर अटकलों का दौर की स्थिति लगातार बनी हुई है. आज 16 अप्रैल को इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस मामले पर अहम सुनवाई होनी है, जिससे चुनाव की तारीखों को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है. इससे पहले 25 मार्च, 1 अप्रैल और 8 अप्रैल को भी सुनवाई टल चुकी है, जिसके कारण गांवों में चुनावी माहौल अधर में लटका हुआ है.
कोर्ट ने पिछली सुनवाई में उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा था. साथ ही यह भी स्पष्ट किया था कि संविधान के अनुच्छेद 243 ई के अनुसार पंचायतों का कार्यकाल पांच साल से ज्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता. कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया था कि वह बताए कि 15 अप्रैल तक मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद 26 मई तक पूरी चुनाव प्रक्रिया कराना संभव है या नहीं.
गांवों में बढ़ी बेचैनी, तैयारी पर लगा ब्रेक
पंचायत चुनाव को लेकर गांव-गांव में उम्मीदवारों की तैयारी पहले से शुरू हो चुकी थी. कई जगहों पर संभावित प्रत्याशी प्रचार और रणनीति में जुटे थे, लेकिन बार-बार सुनवाई टलने और स्थिति साफ न होने के कारण अब माहौल शांत पड़ गया है. जो लोग प्रधान का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, वे अब उलझन में हैं.
सियासी बयानबाजी भी तेज
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पहले ही संभावित उम्मीदवारों को सलाह दी थी कि अभी पैसा खर्च न करें, क्योंकि जल्द चुनाव होने की संभावना कम है. उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार चुनाव कराने में देरी कर सकती है.
फिलहाल सबकी नजर आज की सुनवाई पर टिकी है. अगर हाईकोर्ट से कोई स्पष्ट निर्देश आता है तो पंचायत चुनाव की तारीखों और प्रक्रिया को लेकर स्थिति साफ हो सकती है.
Uttar Pradesh Panchayat Chunav: आज हो सकता है फैसला, स्थिति होगी साफ
UP Panchayat Election 2026
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर अटकलों का दौर की स्थिति लगातार बनी हुई है. आज 16 अप्रैल को इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस मामले पर अहम सुनवाई होनी है, जिससे चुनाव की तारीखों को लेकर बड़ा फैसला सामने आ सकता है. इससे पहले 25 मार्च, 1 अप्रैल और 8 अप्रैल को भी सुनवाई टल चुकी है, जिसके कारण गांवों में चुनावी माहौल अधर में लटका हुआ है.
कोर्ट ने पिछली सुनवाई में उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा था. साथ ही यह भी स्पष्ट किया था कि संविधान के अनुच्छेद 243 ई के अनुसार पंचायतों का कार्यकाल पांच साल से ज्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता. कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया था कि वह बताए कि 15 अप्रैल तक मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद 26 मई तक पूरी चुनाव प्रक्रिया कराना संभव है या नहीं.
गांवों में बढ़ी बेचैनी, तैयारी पर लगा ब्रेक
पंचायत चुनाव को लेकर गांव-गांव में उम्मीदवारों की तैयारी पहले से शुरू हो चुकी थी. कई जगहों पर संभावित प्रत्याशी प्रचार और रणनीति में जुटे थे, लेकिन बार-बार सुनवाई टलने और स्थिति साफ न होने के कारण अब माहौल शांत पड़ गया है. जो लोग प्रधान का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, वे अब उलझन में हैं.
सियासी बयानबाजी भी तेज
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पहले ही संभावित उम्मीदवारों को सलाह दी थी कि अभी पैसा खर्च न करें, क्योंकि जल्द चुनाव होने की संभावना कम है. उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार चुनाव कराने में देरी कर सकती है.
फिलहाल सबकी नजर आज की सुनवाई पर टिकी है. अगर हाईकोर्ट से कोई स्पष्ट निर्देश आता है तो पंचायत चुनाव की तारीखों और प्रक्रिया को लेकर स्थिति साफ हो सकती है.
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About The Author
विकास कुमार पिछले 20 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इनकी मजबूत पकड़ है, विधानसभा, प्रशासन और स्थानीय निकायों की गतिविधियों पर ये वर्षों से लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं। विकास कुमार लंबे समय से भारतीय बस्ती से जुड़े हुए हैं और अपनी जमीनी समझ व राजनीतिक विश्लेषण के लिए पहचाने जाते हैं। राज्य की राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद पत्रकार की पहचान देती है