यूपी में नॉनवेज खाने वालों के लिए बुरी खबर! इस जिले में 9 दिनों तक बंद रहेंगी मांस और मीट की दुकानें, आदेश जारी, पढ़ें यहां

यूपी में नॉनवेज खाने वालों के लिए बुरी खबर! इस जिले में 9 दिनों तक बंद रहेंगी मांस और मीट की दुकानें, आदेश जारी, पढ़ें यहां
meat shop in up

UP News: उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या जिले में शारदीय नवरात्रि के दौरान 9 दिनों तक बकरा, मीट, मछली समेत सभी मांस की दुकाने बंद रहेंगी. यह जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी गई है. आदेश में कहा गया है कि अगर किसी की दुकान खुली या मांस का भंडारण किया गया तो कार्रवाई की जाएगी.

सहायक आयुक्त (खाद्य)-II खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन  की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि आगामी नवरात्रि पर्व को देखते हुए दिनांक 03.10.2024 से 11.10.2024 तक जनपद- अयोध्या में बकरा/मुर्गा / मछली / सभी मांस की दुकाने बन्द रहेंगी. आम जनमानस को यदि तद दिनांक में उक्त दुकानों पर मांस की विक्रय एवं भण्डारण किया जा रहा हो तो विभाग दूरभाष नं0-05278366607 पर सूचित करें.

अधिकारी ने और क्या कहा?
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अयोध्या के सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय, माणिक चन्द्र सिंह ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि उपरोक्त आदेश का पालन न करने पर सम्बन्धित खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरूद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अन्तर्गत कठोर विधिक कार्यवाही की जायेगी.

यह भी पढ़ें: SRMU के छात्र परेशान, हजारों रुपये लेटफीस! कल स्टूडेंट्स करेंगे आंदोलन, यूनिवर्सिटी चुप

शारदीय नवरात्रि नौ दिनों का त्योहार है. इसमें दसवां दिन, जिसे विजयादशमी के रूप में जाना जाता है, बुराई पर अच्छाई का जश्न मनाता है और इसे नवरात्रि समारोह का अंतिम दिन माना जाता है. देवी दुर्गा की मूर्तियों को जल में विसर्जित किया जाता है, जो देवी के अपने निवास पर लौटने का प्रतीक है. यह त्योहार लगभग सभी लोगों द्वारा मनाया जाता है और हिंदू संस्कृति में इसका बहुत महत्व है. यह नौ दिनों तक मनाया जाता है और बड़े जोश और उत्साह के साथ किया जाता है. यह त्योहार विशेष रूप से देवी दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा के लिए समर्पित है. देवी का हर रूप एक गुण या शक्ति है और त्योहार के दौरान एक अलग दिन मनाया जाता है.

यह भी पढ़ें: Press Club Basti Election 2025: बस्ती प्रेस क्लब में महिला सदस्य समेत कुल 30 ने किया नामांकन, दांव पर कईयों की प्रतिष्ठा

On

About The Author