UP में बिजली महंगी! अप्रैल से बढ़े दाम, जानें पूरी डिटेल
Uttar Pradesh News
उत्तर प्रदेश में आगामी महीने में बिजली को लेकर परिवर्तन होने वाले हैं. गर्मी की शुरुआत के साथ अब 1 अप्रैल से बिजली बिल में बढ़ोतरी होने वाली है. बिजली कंपनियों ने ईंधन अधिभार शुल्क में वृद्धि कर दिया है, जिसका सीधा असर अब उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा.
ईंधन अधिभार शुल्क में बढ़ोतरी
बिजली कंपनियों ने ईंधन अधिभार शुल्क में 2.14% की वृद्धि कर दी है, अब हर 100 रुपये के बिजली बिल पर लगभग 3 रुपये ज्यादा देने होंगे. इस परिवर्तन से बड़े स्तर पर उपभोक्ताओं पर भारी असर पड़ेगा, विशेष रूप से उन लोगों पर जिनका बिजली उपयोग ज़्यादा होता है.
अप्रैल से शुरू बढ़ोतरी
बिजली कंपनियों ने अप्रैल के बिल में बढ़ोतरी कर दी है. मार्च में ईंधन शुल्क कम होने से लोगों को 141 करोड़ रुपए की बचत हुई थी, अब कंपनियां 2.14% ईंधन अधिभार बढ़ाकर 142 करोड़ रुपए और वसूलेंगी.
परिषद अध्यक्ष की मांग
अवधेश कुमार वर्मा जो की परिषद अध्यक्ष हैं उन्होंने इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश की बिजली कंपनियों के पास उपभोक्ताओं का 51,000 करोड़ रुपए से अधिक बकाया है, फिर भी वे हर महीने ईंधन अधिभार शुल्क वसूल रही हैं, जो की गलत है. उन्होंने आयोग से मांग की है कि बिजली कंपनियों के ईंधन अधिभार फॉर्मूले की जांच अवश्य होनी चाहिए.
UP में बिजली महंगी! अप्रैल से बढ़े दाम, जानें पूरी डिटेल
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उत्तर प्रदेश में आगामी महीने में बिजली को लेकर परिवर्तन होने वाले हैं. गर्मी की शुरुआत के साथ अब 1 अप्रैल से बिजली बिल में बढ़ोतरी होने वाली है. बिजली कंपनियों ने ईंधन अधिभार शुल्क में वृद्धि कर दिया है, जिसका सीधा असर अब उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा.
ईंधन अधिभार शुल्क में बढ़ोतरी
बिजली कंपनियों ने ईंधन अधिभार शुल्क में 2.14% की वृद्धि कर दी है, अब हर 100 रुपये के बिजली बिल पर लगभग 3 रुपये ज्यादा देने होंगे. इस परिवर्तन से बड़े स्तर पर उपभोक्ताओं पर भारी असर पड़ेगा, विशेष रूप से उन लोगों पर जिनका बिजली उपयोग ज़्यादा होता है.
अप्रैल से शुरू बढ़ोतरी
बिजली कंपनियों ने अप्रैल के बिल में बढ़ोतरी कर दी है. मार्च में ईंधन शुल्क कम होने से लोगों को 141 करोड़ रुपए की बचत हुई थी, अब कंपनियां 2.14% ईंधन अधिभार बढ़ाकर 142 करोड़ रुपए और वसूलेंगी.
परिषद अध्यक्ष की मांग
अवधेश कुमार वर्मा जो की परिषद अध्यक्ष हैं उन्होंने इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश की बिजली कंपनियों के पास उपभोक्ताओं का 51,000 करोड़ रुपए से अधिक बकाया है, फिर भी वे हर महीने ईंधन अधिभार शुल्क वसूल रही हैं, जो की गलत है. उन्होंने आयोग से मांग की है कि बिजली कंपनियों के ईंधन अधिभार फॉर्मूले की जांच अवश्य होनी चाहिए.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।