यूपी के इस जिले में दो हजार सड़कों का करोड़ों रुपए से होगा जीर्णोद्धार

यूपी के इस जिले में दो हजार सड़कों का करोड़ों रुपए से होगा जीर्णोद्धार
Uttar Pradesh

यूपी में विभिन्न हिस्सों में चर्चा सड़कों की स्थिति होने के कारण स्थानीय निवासियों के लिए आवागमन को समस्या बना दिया है इन समस्याओं के समाधान के लिए कई रास्ते अपनाया जा चुका हैं. शहर की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के उद्देश्य से योजना बनाई जा रही है. 

जजर्र सड़कों का बदला जाएगा आवागमन की तस्वीर

यूपी के गोंडा जिले में लोक निर्माण टीम ने तमाम परियोजनाओं के तहत जिले की झज्जर हो चुकी सड़के समस्या का जड़ बन चुका है. इन सड़कों की मरम्मत करने के लिए शासन को 2015 जर्जर सड़कों की लिस्ट बनाई गई है. आप इन सड़कों के 3941 लम सम किलोमीटर हिस्स के निर्माण के लिए 573 करोड़ 27 लख रुपए से ज्यादा राशि का अनुमान लगाया गया है इस राशि की मांग और स्वीकृति शासन को भेजा गया है. हालांकि स्वीकृति मिली तो जिले की चर्चा सड़क सुधर जाएगी अब तक इन चकत्ती लगाकर काम किया जा रहा था

जो कुछ दिन में इसका अस्तित्व खत्म हो गया कहीं सड़के बनने के बाद 20 से 25 लाख लोगों को आवागमन में सुविधा होगी. इस परियोजना के तहत शहर के भीतर लाखों वाहन को बाहर करेगी और मुख्य सड़कों पर दबाव कम होगा औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी.  अब शहर के भीतर इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी और यात्रा याद को सहूलियत मिल पाएगा. ग्रामीणों का कहना है चौराहों पर गड्ढे में तब्दील सड़क के निर्माण के लिए कई बार स्थानीय लोगों ने मांग किया था. 

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नागरिकों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन

जिससे आने-जाने में बड़ी परेशानी होती थीं सड़क पूरी तरीके से धस चुका था इस निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया था. वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क की मरम्मत न होने के विरोध में सांकेतिक रूप से सड़क पर जाम लगाकर कई बार धरना प्रदर्शन किया गया. या प्रदर्शन पूर्व निर्धारित का हिस्सा था. इस शहर में गंदगी और कीचड़ टूटी सदके क्षेत्र वासियों की दिनचर्या हमेशा प्रभावित करती थी. इसमें खास बात क्या है बुजुर्गों और बीमारी बच्चन को काफी परेशानियों का सामना हर दिन करना पड़ता था.

स्थानीय लोगों ने प्रशासन को अवगत कराया अगर शीघ्र सड़कों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वह आने वाले दिनों में जाम लगाकर रोष जताएंगे. इन घटनाओं से स्पष्ट है कि जर्जर सड़कों की हालात न केवल यातायात को बातचीत करती है बल्कि स्थानीय निवासियों के जीवन को भी उजाड़ कर रख देती है. स्थानीय निवासियों को और संबंधित विभागों से अपील की गई इन समस्याओं से जल्दी छुटकारा मिलेगा और नागरिक को सुरक्षित सुविधाजनक आवागमन का लाभ पहुंचेगा.

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शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।