UP के इस जिले की बदलने वाली है तस्वीर, रेल और एक्सप्रेसवे से विकास को मिलेगी रफ्तार
सड़क और रेल नेटवर्क को मिल रही नई दिशा
संतकबीरनगर जिले के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है. जहां दक्षिणी क्षेत्र को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ा गया है, वहीं उत्तरी हिस्से को गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे की बड़ी सौगात मिली है. इसके साथ ही रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में भी लगातार कदम उठाए जा रहे हैं.
रेल परियोजनाओं से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
प्रदेश में स्थित खलीलाबाद से बहराइच के बीच प्रस्तावित रेल मार्ग पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसके अतिरिक्त मगहर से सरदारनगर बाईपास तक नई रेल लाइन के लिए सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है. इन रेल परियोजनाओं के पूरे होने के बाद जिले के लोगों को लंबी दूरी के सफर में बड़ी राहत मिलेगी और आसपास के जिलों से संपर्क बेहतर होगा.
मेंहदावल से गुजरेगा गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे
जिले के लिए सबसे ज्यादा अहम मानी जा रही है गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे. मेंहदावल तहसील क्षेत्र से होकर करीब 22.5 किलोमीटर लंबाई में गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे का निर्माण प्रस्तावित है. यह एक्सप्रेसवे सीधे तौर पर क्षेत्र के 29 गांवों को छूते हुए निकलेगा. इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से सर्वे पूरा कर सीमांकन के पत्थर भी लगवा दिए गए हैं.
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू
एक्सप्रेसवे निर्माण को लेकर अब जमीन अधिग्रहण की तैयारी भी तेज हो गई है. जिन गांवों से होकर यह सड़क गुजरेगी, वहां प्रशासन की गतिविधियां बढ़ गई हैं. अधिकारियों की आवाजाही और सर्वे कार्य के चलते ग्रामीणों में इस परियोजना को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
पिछड़े इलाके को मिलेगी विकास की रफ्तार
मेंहदावल क्षेत्र को लंबे समय से जिले का पिछड़ा इलाका माना जाता रहा है. यहां न तो रेल सुविधा है और न ही सड़क नेटवर्क मजबूत है. ऐसे में गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे का निर्माण इस क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है. बेहतर सड़क मिलने से शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सुविधाएं लोगों तक जल्दी पहुंच सकेंगी.
इन गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे के रास्ते में बढ़या, फेउसा, परसा माफी, परसा शुक्ल, महला, पसाई, देवकली, प्रतापपुर, जसवल, रमवापुर, खजुरा खुर्द, नचनी, समोगर, गुदरिहवा, खजुराकला, सिवटीर माफी, कुंडवा, जमुवरिया खुर्द, जमुचरिया कला, रक्सा, भरवलिया मिश्र, कुसोना कला, जमोहरा, मुड़ली, डुमरिया बाबू, इंदरपुर, कौवाठोर, पिडारी कला और चितरुखिया शामिल हैं. यह एक्सप्रेसवे मेंहदावल होते हुए सिद्धार्थनगर जिले के बांसी क्षेत्र की ओर जाएगा.
गांवों में दिखने लगा उत्साह
एक्सप्रेसवे की घोषणा के बाद से ही संबंधित गांवों में माहौल बदला हुआ है. जमुवरिया, डुमरिया बाबू, कुंडवा, मुड़ली, कौवाठोर, पिडारी कला सहित कई गांवों में सर्वे के दौरान पत्थर लगाए जा चुके हैं. लोग मान रहे हैं कि सड़क बनने के बाद जमीन की कीमत बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से भी जिले को लाभ
संतकबीरनगर जिले को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का भी लाभ मिल रहा है. यह एक्सप्रेसवे धनघटा तहसील क्षेत्र से होकर गुजर रहा है और सुअरहा, गुनवतिया, भौवापार और सरैया जैसे गांवों को जोड़ता है. इससे लखनऊ और दिल्ली जैसे बड़े शहरों तक पहुंचना आसान हो गया है.
सफर आसान, विकास को मिलेगी नई रफ्तार
सड़क और रेल परियोजनाओं के पूरा होने के बाद संतकबीरनगर जिले की पहचान बदलने की उम्मीद है. जहां पहले लोगों को खराब सड़कों और सीमित साधनों से जूझना पड़ता था, वहीं अब एक्सप्रेसवे और रेलवे लाइन विकास की नई तैयार शुरू हो गई हैं. आने वाले सालों में जिले में निवेश, रोजगार और सुविधाओं का विस्तार देखने को मिल सकता है.
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शोभित पांडेय एक समर्पित और अनुभवशील पत्रकार हैं, जो बीते वर्षों से डिजिटल मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। खबरों की समझ, तथ्यों की सटीक जांच और प्रभावशाली प्रेज़ेंटेशन उनकी विशेष पहचान है। उन्होंने न्यूज़ राइटिंग, वीडियो स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग में खुद को दक्ष साबित किया है। ग्रामीण मुद्दों से लेकर राज्य स्तरीय घटनाओं तक, हर खबर को ज़मीनी नजरिए से देखने और उसे निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने में उनकी विशेष रुचि और क्षमता है।