यूपी के इस जिले में पीएम आवास योजना के लिए 16 हजार ग्रामीणों का सर्वे

यूपी के इस जिले में पीएम आवास योजना के लिए 16 हजार ग्रामीणों का सर्वे
PM Awas Yojana (1)

मोदी 3.0 कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी इलाकों में घर बनाएगी। ऐसे में गरीब वर्ग के लोग जिनके पास पक्का घर नहीं है, वे घर बनाने के लिए इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

पीएम आवास योजना में बड़ा बदलाव

भारत के सभी बेघर नागरिकों को केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर दिया जाता है, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार उन लोगों की आर्थिक सहायता करके घर बनाने में मदद करती है जिनके पास अपना घर नहीं है। इस योजना के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के गरीब और मध्यवर्गीय बेघर लोगों को घर उपलब्ध कराने के लिए सहायता राशि प्रदान की जाएगी। राजधानी लखनऊ के 491 गांवों में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए तेजी से सर्वे चल रहा है। अब तक 16000 ग्रामीण परिवारों का सर्वे पूरा हो चुका है। यह सभी पीएम आवास के लिए योग्य मिले हैं। 2900 भवन स्वामियों का एआई एप के माध्यम से सर्वे किया गया है। सर्वे पूरा होने के बाद जल्द ही इन लोगों को अपना घर मिलेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य लक्ष्य था कि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले प्रत्येक परिवार के पास अपना घर हो ताकि उन्हें किराए पर घर न लेना पड़े। शहरी क्षेत्र के लोगों को इस योजना के तहत पक्का आवास बनाने के लिए सरकार की तरफ से डेढ़ लाख रुपए दिए जाएंगे। जिसका उपयोग करके शहरी क्षेत्र के लाभार्थी पक्का आवास बन पाएंगे। इसके पहले राजधानी लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्र के 23125 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का मकान दिया जा चुका है। लखनऊ जिला प्रशासन ने 23363 परिवारों को पीएम आवास देने का लक्ष्य निर्धारित किया था। लेकिन इसमें से 98.98 प्रतिशत को पीएम आवास दिया जा चुका है। इस बार सभी को पीएम आवास दिया जाएगा।

पीएम आवास योजना का इन्हें मिलेगा लाभ

प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान इस बार सभी जरुरतमंदों को मिलेंगे। जिसके पास भी अपना पक्का मकान नहीं है उन सभी को पीएम आवास दिया जाएगा। इसी वजह से इस बार पहले से कोई संख्या नहीं निर्धारित की गयी है। ग्राम्य विकास विभाग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विकास के मुताबिक जितने भी लोग पीएम आवास के लिए अर्ह मिलेंगे उन सभी को मकान दिया दिया जाएगा। राजधानी के ग्रामीण इलाकों में तेजी से सर्वे चल रहा है। शासन ने 31 मार्च तक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लेकिन लखनऊ में सर्वे का काफी काम हो चुका है। 28 फरवरी तक सर्वेकर रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। लोग आन लाइन एआई एप से खुद भी सर्वे कर सकते है। उसका आफ लाइन कर्मचारी अधिकारी सत्यापन भी करेंगे। सभी बेघर परिवारों और कच्चे जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों का भी सर्वे में चयन किया जाएगा। बेसहारा भीख मांगकर जीवन यापन करने वालों के साथ हाथ से मैला ढोने वाले, आदिम जन जाति समूह, वैधानिक रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूरों को भी पीएम आवास योजना की सौगात मिलेगी। हालांकि पक्के मकानों में रहने वाले, पक्की छत या पक्की दीवारों वाले मकानों में रहने वाले परिवार और दो या इससे अधिक कमरों में रहने वाले परिवारों को इस योजना से कोई लाभ नहीं मिलेगा।

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bhartiyabasti.com
04 Feb 2025 By Shambhunath Gupta

यूपी के इस जिले में पीएम आवास योजना के लिए 16 हजार ग्रामीणों का सर्वे

मोदी 3.0 कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी इलाकों में घर बनाएगी। ऐसे में गरीब वर्ग के लोग जिनके पास पक्का घर नहीं है, वे घर बनाने के लिए इस योजना के तहत लाभ पाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

पीएम आवास योजना में बड़ा बदलाव

भारत के सभी बेघर नागरिकों को केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर दिया जाता है, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरकार उन लोगों की आर्थिक सहायता करके घर बनाने में मदद करती है जिनके पास अपना घर नहीं है। इस योजना के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के गरीब और मध्यवर्गीय बेघर लोगों को घर उपलब्ध कराने के लिए सहायता राशि प्रदान की जाएगी। राजधानी लखनऊ के 491 गांवों में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए तेजी से सर्वे चल रहा है। अब तक 16000 ग्रामीण परिवारों का सर्वे पूरा हो चुका है। यह सभी पीएम आवास के लिए योग्य मिले हैं। 2900 भवन स्वामियों का एआई एप के माध्यम से सर्वे किया गया है। सर्वे पूरा होने के बाद जल्द ही इन लोगों को अपना घर मिलेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य लक्ष्य था कि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले प्रत्येक परिवार के पास अपना घर हो ताकि उन्हें किराए पर घर न लेना पड़े। शहरी क्षेत्र के लोगों को इस योजना के तहत पक्का आवास बनाने के लिए सरकार की तरफ से डेढ़ लाख रुपए दिए जाएंगे। जिसका उपयोग करके शहरी क्षेत्र के लाभार्थी पक्का आवास बन पाएंगे। इसके पहले राजधानी लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्र के 23125 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का मकान दिया जा चुका है। लखनऊ जिला प्रशासन ने 23363 परिवारों को पीएम आवास देने का लक्ष्य निर्धारित किया था। लेकिन इसमें से 98.98 प्रतिशत को पीएम आवास दिया जा चुका है। इस बार सभी को पीएम आवास दिया जाएगा।

पीएम आवास योजना का इन्हें मिलेगा लाभ

प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान इस बार सभी जरुरतमंदों को मिलेंगे। जिसके पास भी अपना पक्का मकान नहीं है उन सभी को पीएम आवास दिया जाएगा। इसी वजह से इस बार पहले से कोई संख्या नहीं निर्धारित की गयी है। ग्राम्य विकास विभाग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर विकास के मुताबिक जितने भी लोग पीएम आवास के लिए अर्ह मिलेंगे उन सभी को मकान दिया दिया जाएगा। राजधानी के ग्रामीण इलाकों में तेजी से सर्वे चल रहा है। शासन ने 31 मार्च तक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। लेकिन लखनऊ में सर्वे का काफी काम हो चुका है। 28 फरवरी तक सर्वेकर रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। लोग आन लाइन एआई एप से खुद भी सर्वे कर सकते है। उसका आफ लाइन कर्मचारी अधिकारी सत्यापन भी करेंगे। सभी बेघर परिवारों और कच्चे जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों का भी सर्वे में चयन किया जाएगा। बेसहारा भीख मांगकर जीवन यापन करने वालों के साथ हाथ से मैला ढोने वाले, आदिम जन जाति समूह, वैधानिक रूप से मुक्त कराए गए बंधुआ मजदूरों को भी पीएम आवास योजना की सौगात मिलेगी। हालांकि पक्के मकानों में रहने वाले, पक्की छत या पक्की दीवारों वाले मकानों में रहने वाले परिवार और दो या इससे अधिक कमरों में रहने वाले परिवारों को इस योजना से कोई लाभ नहीं मिलेगा।

https://bhartiyabasti.com/uttar-pradesh-news-in-hindi/survey-of-16-thousand-villagers-for-pm-awas-yojana-in-this-district-of-up/article-17469
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शम्भूनाथ गुप्ता पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। 'मीडिया दस्तक' और 'बस्ती चेतना' जैसे प्लेटफॉर्म पर न्यूज़ और वीडियो एडिटिंग टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। न्यूज़ प्रोडक्शन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में गहरा अनुभव रखते हैं। वर्तमान में वे 'भारतीय बस्ती' की उत्तर प्रदेश टीम में कार्यरत हैं, जहां वे राज्य से जुड़ी खबरों की गंभीर और सटीक कवरेज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।